आरजीएचएस फर्जीवाड़ा : सरकार का एक्शन, 4 फार्मा स्टोर पर एफआईआर, 14 सस्पेंड

thesootr Desk | Jan 03, 2026, 12:58 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में आरजीएचएस योजना में लगातार फर्जीवाड़ा का मामला सामने आ रहा है। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर ने कार्रवाई करते हुए चार फार्मा स्टोर पर एफआईआर दर्ज करवा दी है। दो फर्मों को निलंबित कर दिया है और 14 कार्मिकों को ​सस्पेंड किया है।

Jaipur. राजस्थान के चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग ने आरजीएचएस (Rajasthan Government Health Scheme) योजना में लगातार हो रहे फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। चिकित्सा विभाग ने चार फार्मा स्टोर पर एफआईआर दर्ज करवाई है। दो फार्मा स्टोर को योजना से निलंबित किया और 14 कार्मिकों को सस्पेंड कर दिया है। विभाग की योजना को पारदर्शिता के साथ सुचारू करने की कोशिश जारी है।



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चिकित्सा विभाग का एक्शन

राज्य सरकार के चिकित्सा विभाग की ओर से आरजीएचएस जैसी जनकल्याणकारी योजना में सामने आ रही अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले में लगातार कार्रवाई जारी है। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल स्टोर पर लगातार अनियमितताएं सामने आ रही है जिन पर कार्रवाई की गई है।



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मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई

भीलवाड़ा के हरिकृष्णा मेडिकल स्टोर और सावरिया फार्मा स्टोर पर अनियमितताएं पाई गईं। इन स्टोरों ने उन दवाओं और इंजेक्शनों का गलत तरीके से भुगतान उठाया गया है जो उनके द्वारा खरीदी ही नहीं गई। इन फार्मा स्टोर से करीब 27 लाख रुपये का भुगतान बिना दवा विक्रय किए उठाया गया था।



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आरजीएचएस फर्जीवाड़ा पर कार्रवाई

चिकित्सा एवं स्वाथ्य विभाग जयपुर ने नागौर के कॉन्फेड फार्मा स्टोर और जायल फार्मा स्टोर के खिलाफ भी अनियमितताओं के आरोप में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इन स्टोरों ने आरजीएचएस पर्चियों में छेड़छाड़ कर गलत तरीके से भुगतान उठाया था। गंभीर अनियमितताओं के चलते बीकानेर में कॉन्फेड फार्मा शॉप नं. 6 और हनुमानगढ़ में शॉप नं. 5 को आरजीएचएस योजना से निलंबित कर दिया गया है।



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राज्य सरकार का यह है मकसद

राज्य सरकार का उद्देश्य आरजीएचएस योजना को पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग दुरुपयोग रोकने के लिए निरंतर निगरानी और कड़ी कार्रवाई कर रहा है। तकनीकी नवाचारों के माध्यम से इस योजना को सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि फर्जीवाड़ा और अनियमितताओं पर काबू पाया जा सके।



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आईएएस गायत्री राठौड़ की चेतावनी

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग राजस्थान केप्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने निर्देश जारी कर दो टूक शब्दों में कहा है कि योजना से जुड़े सभी मेडिकल स्टोर, अस्पताल और पंजीकृत व्यक्ति योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग से बचें। सरकार की योजना के प्रति शून्य सहनशीलता नीति जारी रहेगी।



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मुख्य बिंदू :

  • आरजीएचएस योजना में कुछ फार्मा स्टोरों ने दवाइयों का बिना विक्रय किए भुगतान उठाया, और कुछ स्टोरों ने पर्चियों में छेड़छाड़ की, जिसके कारण फर्जीवाड़ा हुआ।
  • चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग ने 4 फार्मा स्टोर पर एफआईआर दर्ज करवाई और 2 फार्मा स्टोर को आरजीएचएस योजना से निलंबित किया।
  • अब तक 14 कार्मिकों को सस्पेंड किया गया है, जिनमें से 4 पुलिस विभाग और 10 आयुर्वेद विभाग से संबंधित हैं।
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