आरजीएचएस निगरानी के लिए नई गाइडलाइन जारी, सरकारी डॉक्टरों को पर्ची पर लिखनी होगी मरीज की हिस्ट्री और जांच रिपोर्ट

राजस्थान गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। सरकारी डॉक्टरों को अब पर्ची पर मरीज की जांच रिपोर्ट और हिस्ट्री लिखना जरूरी होगा।

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Gyan Chand Patni
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राजस्थान सरकार ने गर्वमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। इन गाइडलाइन के तहत सरकारी डॉक्टरों को पर्ची पर मरीज की पूरी जांच रिपोर्ट और बीमारी की हिस्ट्री लिखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, बिना इन विवरणों के दवाइयाँ लिखने पर कार्रवाई की जा सकती है।

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सीएमएचओ और पीएमओ को दी जिम्मेदारी

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, आरजीएचएस के तहत हो रही गड़बड़ी की जांच के लिए सीएमएचओ (मुख्य जिला एवं स्वास्थ्य अधिकारी) और पीएमओ (प्रमुख चिकित्सा अधिकारी) को जिम्मेदार ठहराया गया है। इन अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे उन मामलों पर निगरानी रखें, जहां पिछले कुछ सालों से अनियमितताएं पाई गई हैं।

बिलों की निगरानी और विशेष जांच

गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि उन बिलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य एक जैसे लक्षणों वाली महंगी दवाइयां सरकारी डॉक्टरों से लिखवा कर खरीद रहे हैं। खासकर अगर एक ही दिन में ऐसे बिल बनाए गए हैं, तो इन मामलों की गहन जांच की जाएगी।

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आखिरी 3 माह में ज्यादा बिल उठाने वालों पर निगरानी

 गाइडलाइन के मुताबिक, कई लाभार्थी और फार्मासिस्ट वित्तवर्ष के आखिरी तीन महीनों में ज्यादा दवाइयां लेते हैं और उन दवाइयों के बिल क्लेम के लिए पेश करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि एक साल में 50 हजार रुपए तक की वार्षिक सीमा को खत्म किया जा सके। ऐसे मामलों में विभाग ने इन बिलों पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

बिना जांच रिपोर्ट के महंगी दवाइयां लिखना पड़ेगा भारी

कई बार सरकारी और प्राइवेट डॉक्टर मरीज की ओपीडी पर्ची पर केवल जांच लिख देते हैं, लेकिन उस पर कोई टिप्पणी नहीं करते। इसके बाद महंगी दवाइयां लिखी जाती हैं। ऐसी पर्चियों की जांच भी सीएमएचओ को करने के निर्देश दिए गए हैं।

आरजीएचएस घोटाला मामले सामने आने के बाद सरकार सक्रिय हुई है।  आरजीएचएस निगरानी के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। राजस्थान में सरकारी डॉक्टरों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं और कहा गया है कि वे दवा लिखते समय मरीज की हिस्ट्री और जांच रिपोर्ट का जरूर उल्लेख करें।

FAQ

1. नई गाइडलाइन के तहत सरकारी डॉक्टरों की क्या ​जिम्मेदारी होगी?
नई गाइडलाइन के अनुसार, सरकारी डॉक्टरों को पर्ची पर मरीज की जांच रिपोर्ट, बीमारी के लक्षण और बीमारी की हिस्ट्री लिखने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर यह जानकारी नहीं दी जाती है, तो उन पर कार्रवाई की जा सकती है।
2. आरजीएचएस के तहत किस प्रकार के मामलों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं?
आरजीएचएस के तहत उन मामलों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य एक जैसे लक्षणों वाली महंगी दवाइयाँ एक ही दिन में सरकारी डॉक्टरों से लिखवा रहे हैं।
3. वित्त वर्ष के आखिरी तीन महीनों में ज्यादा दवाइयां लेने वाले लाभार्थियों पर भी क्या निगरानी होगी?
गाइडलाइन में यह उल्लेख किया गया है कि वित्त वर्ष के आखिरी तीन महीनों में ज्यादा दवाइयां लेने वाले लाभार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।

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राजस्थान में सरकारी डॉक्टरों के लिए निर्देश आरजीएचएस निगरानी के लिए नई गाइडलाइन सीएमएचओ आरजीएचएस घोटाला RGHS