19 Oct 2025
By Manish Kumar
Be इंडियन-Buy इंडियन: ला ओपाला की कहानी इनोवेशन, स्टैंडर्ड और भारतीय पहचान की मिसाल है। इस देसी ब्रांड ने भारतीय बाजार में सफलता पाने के लिए नई तकनीकों अपनाया। यह हाई स्टैंडर्ड को अपनाते हुए Be Indian, Buy Indian के आदर्श को प्रमोट करता है।
Be इंडियन-Buy इंडियन: ला ओपाला की कहानी इनोवेशन, स्टैंडर्ड और भारतीय पहचान की मिसाल है। इस देसी ब्रांड ने भारतीय बाजार में सफलता पाने के लिए नई तकनीकों अपनाया। यह हाई स्टैंडर्ड को अपनाते हुए Be Indian, Buy Indian के आदर्श को प्रमोट करता है।
20 Oct 2025
By Manish Kumar
Be इंडियन-Buy इंडियन: Café Coffee Day की कहानी सिर्फ कॉफी नहीं, बल्कि भारतीय उद्यमिता, संघर्ष और पुनर्जन्म की कहानी है। इस ब्रांड ने साबित किया कि एक कप कॉफी सिर्फ बेवरेज नहीं - एक प्रेरणा भी हो सकती है।
Be इंडियन-Buy इंडियन: Café Coffee Day की कहानी सिर्फ कॉफी नहीं, बल्कि भारतीय उद्यमिता, संघर्ष और पुनर्जन्म की कहानी है। इस ब्रांड ने साबित किया कि एक कप कॉफी सिर्फ बेवरेज नहीं - एक प्रेरणा भी हो सकती है।
14 Oct 2025
By Aman Vaishnav
इस दिवाली पर्यावरण और अपने देश दोनों को चमकाएं, 8 ऐसे आसान तरीके जिनसे आप अपनी दिवाली को इको-फ्रेंडली बना सकते हैं। स्थानीय कारीगरों के हाथ से बने सामान खरीदकर 'Be इंडियन-Buy इंडियन' बनें। ये छोटे कदम आपके त्यौहार को और भी खास बना देंगे।
इस दिवाली पर्यावरण और अपने देश दोनों को चमकाएं, 8 ऐसे आसान तरीके जिनसे आप अपनी दिवाली को इको-फ्रेंडली बना सकते हैं। स्थानीय कारीगरों के हाथ से बने सामान खरीदकर 'Be इंडियन-Buy इंडियन' बनें। ये छोटे कदम आपके त्यौहार को और भी खास बना देंगे।
09 Oct 2025
By Manish Kumar
Be Indian-Buy Indian: भारत का पहला स्वदेशी कॉस्मेटिक ब्रांड लैक्मे 1952 में जेआरडी टाटा और पंडित नेहरू के विजन से जन्मा। छोटे किराए के कमरे से शुरू हुआ यह देसी ब्रांड अब यह 70 से अधिक देशों में फैल चुका है और भारतीय महिलाओं का पसंदीदा ब्रांड बन चुका है।
Be Indian-Buy Indian: भारत का पहला स्वदेशी कॉस्मेटिक ब्रांड लैक्मे 1952 में जेआरडी टाटा और पंडित नेहरू के विजन से जन्मा। छोटे किराए के कमरे से शुरू हुआ यह देसी ब्रांड अब यह 70 से अधिक देशों में फैल चुका है और भारतीय महिलाओं का पसंदीदा ब्रांड बन चुका है।
07 Oct 2025
By Manish Kumar
Be इंडियन-Buy इंडियन के तहत स्वदेशी ब्रांड हीरो भारतीयों के गर्व का प्रतीक बना। हीरो की कहानी भारत के विभाजन से शुरू होकर एक देसी ब्रांड के रूप में विश्व की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी बनने तक का सफर है।
Be इंडियन-Buy इंडियन के तहत स्वदेशी ब्रांड हीरो भारतीयों के गर्व का प्रतीक बना। हीरो की कहानी भारत के विभाजन से शुरू होकर एक देसी ब्रांड के रूप में विश्व की सबसे बड़ी टू-व्हीलर निर्माता कंपनी बनने तक का सफर है।
05 Oct 2025
By Manish Kumar
एयरटेल की सफलता की कहानी एक छोटे से विचार से लेकर भारत के प्रमुख टेलीकॉम ब्रांड बनने तक की प्रेरणादायक यात्रा है। सुनील मित्तल द्वारा स्थापित एयरटेल ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एक नई क्रांति की शुरुआत की और आज यह दुनिया के प्रमुख ब्रांड्स में से एक है।
एयरटेल की सफलता की कहानी एक छोटे से विचार से लेकर भारत के प्रमुख टेलीकॉम ब्रांड बनने तक की प्रेरणादायक यात्रा है। सुनील मित्तल द्वारा स्थापित एयरटेल ने भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में एक नई क्रांति की शुरुआत की और आज यह दुनिया के प्रमुख ब्रांड्स में से एक है।
02 Oct 2025
By Manish Kumar
एयर इंडिया की शुरुआत 15 अक्टूबर 1932 को 'टाटा एयरलाइंस' के रूप में हुई थी, जिसे जेआरडी टाटा ने स्थापित किया था। उन्होंने भारत की पहली डाक सेवा और व्यावसायिक एविएशन सेवा शुरू की, जिससे एयर इंडिया की नींव रखी।
एयर इंडिया की शुरुआत 15 अक्टूबर 1932 को 'टाटा एयरलाइंस' के रूप में हुई थी, जिसे जेआरडी टाटा ने स्थापित किया था। उन्होंने भारत की पहली डाक सेवा और व्यावसायिक एविएशन सेवा शुरू की, जिससे एयर इंडिया की नींव रखी।
01 Oct 2025
By Manish Kumar
फेविकोल की कहानी भारतीय जुगाड़ और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। 1959 में बलवंत पारेख और उनके भाई ने सस्ती और मजबूत सिंथेटिक गोंद बनाई। शुरुआती संघर्षों के बावजूद, फेविकोल ने अपने भरोसेमंद प्रचार-कारपेंटरों से संपर्क कर भारतीय बाजार में अपना स्थान मजबूत किया।
फेविकोल की कहानी भारतीय जुगाड़ और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। 1959 में बलवंत पारेख और उनके भाई ने सस्ती और मजबूत सिंथेटिक गोंद बनाई। शुरुआती संघर्षों के बावजूद, फेविकोल ने अपने भरोसेमंद प्रचार-कारपेंटरों से संपर्क कर भारतीय बाजार में अपना स्थान मजबूत किया।
30 Sept 2025
By Manish Kumar
1942 में 4 दोस्तों ने एक गैराज से एशियन पेंट्स की शुरुआत की। विदेशी कंपनियों के दबदबे के बावजूद, उन्होंने गुणवत्ता और ग्रामीण बाजार पर ध्यान दिया। 'गट्टू' मैस्कॉट और तकनीक से यह आज भारत की सबसे बड़ी पेंट कंपनी है, जिसका बाजार में 50% हिस्सा है।
1942 में 4 दोस्तों ने एक गैराज से एशियन पेंट्स की शुरुआत की। विदेशी कंपनियों के दबदबे के बावजूद, उन्होंने गुणवत्ता और ग्रामीण बाजार पर ध्यान दिया। 'गट्टू' मैस्कॉट और तकनीक से यह आज भारत की सबसे बड़ी पेंट कंपनी है, जिसका बाजार में 50% हिस्सा है।
29 Sept 2025
By Manish Kumar
बाटा की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है। 1894 में एक छोटे कस्बे से शुरू होकर, थॉमस बाटा ने कड़ी मेहनत और रणनीति से वैश्विक ब्रांड बना दिया। भारत में उन्होंने किफायती और टिकाऊ जूते पेश किए।
बाटा की कहानी संघर्ष और सफलता की मिसाल है। 1894 में एक छोटे कस्बे से शुरू होकर, थॉमस बाटा ने कड़ी मेहनत और रणनीति से वैश्विक ब्रांड बना दिया। भारत में उन्होंने किफायती और टिकाऊ जूते पेश किए।
By VINAY VERMA
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
By Neel Tiwari
By Neel Tiwari
By Arun Tiwari
By Sandeep Kumar
By VINAY VERMA