राजस्थान विधानसभा में कर दिया यह नवाचार, जानें इस बार कैसे होगा खास एक सितम्बर से शुरू हो रहा सत्र

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र 1 सितंबर से शुरू हो रहा है, जहां विधायकों के लिए ऑनलाइन सवाल अपलोड, विधेयकों में संशोधन के नए नियम और सत्र की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।

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Nitin Kumar Bhal
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राजस्थान विधानसभा में 1 सितंबर 2025 से शुरू हो रहे चौथे सत्र के लिए सभी विधायकों को ऑनलाइन सवाल अपलोड करने की सुविधा दी गई है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा विधायकों को बेहतर तरीके से कार्य करने और विधानसभा की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस बार, विशेष रूप से नए नियमों और निर्देशों के तहत, विधानसभा की कार्यप्रणाली में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

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1304 सवालों में से 913 सवाल ऑनलाइन अपलोड

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में विधायकों से ऑनलाइन प्रश्न अपलोड करने को कहा गया है। इससे पहले, केवल कुछ सवाल ही ऑनलाइन अपलोड होते थे, लेकिन इस बार विधायकों को प्रशिक्षित किया गया और इसका परिणाम यह रहा कि अब तक कुल 1304 सवालों में से 913 सवाल ऑनलाइन भेजे जा चुके हैं। यह पहली बार है कि कुल अपलोड हुए सवालों में से 70 प्रतिशत सवाल ऑनलाइन भेजे गए हैं। यह बदलाव विधानसभा के कामकाज को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने यह भी निर्देश दिया कि विधानसभा के अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा से निभाएं और यह सुनिश्चित करें कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हो। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी नियमों से अपडेट रहें ताकि सत्र की कार्यप्रणाली में कोई बाधा न आए।

राजस्थान विधानसभा के नए नियम क्या हैं?

राजस्थान विधानसभा का सत्र 1 सितम्बर से शुरू होगा। इस सत्र के दौरान विधायकों के सवालों को लेकर कुछ नए निर्देश जारी किए गए हैं। स्पीकर वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में अधिकारियों की एक बैठक हुई, जिसमें यह सुनिश्चित किया गया कि प्रश्नों की लॉटरी और प्रश्नों की लिस्ट की प्रिंटिंग समय पर हो। इसके अलावा, विधायकों द्वारा पेश किए जाने वाले विधेयकों में संशोधन करने के लिए नए नियम भी लागू किए गए हैं। अब विधायकों को प्रस्तावित संशोधन की भाषा को विधेयक की मूल भाषा में ही प्रस्तुत करना होगा। यदि संशोधन अलग भाषा में होगा, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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विधायकों के लिए नेवा एप क्या है?

NEVA एप (नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन) एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो भारत की सभी राज्य विधानसभाओं के कामकाज को कागज रहित और डिजिटल बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य सदस्यों को महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत और आसानी से उपलब्ध कराना है।

NEVA एप के मुख्य उद्देश्य और लाभ

  • कागज रहित कार्यप्रणाली:

    • विधानसभा के कामकाज को पूरी तरह से डिजिटल बनाकर कागज की बचत की जाती है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

  • सदस्य-केंद्रित पहुंच:

    • सदस्य अपने टैबलेट या मोबाइल डिवाइस के माध्यम से संपर्क विवरण, नियम, नोटिस, विधेयक, प्रश्न और रिपोर्ट तक तुरंत पहुंच सकते हैं।

  • कुशल और पारदर्शी संचालन:

    • यह विधायी कार्यवाहियों को अधिक कुशलतापूर्वक संभालने में मदद करता है और सूचना का प्रवाह आसान बनाता है।

  • एकल डिजिटल भंडार:

    • यह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधायी डेटा का एक एकीकृत डिजिटल भंडार बनाता है, जिससे जटिलताओं को समाप्त किया जाता है।

  • नागरिकों की सहभागिता:

    • NeVA 2.0 के तहत नागरिक अब संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही को रियल-टाइम में देख सकते हैं और लाइव-स्ट्रीमिंग के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यह कैसे काम करता है?

  • यह एक वर्कफ़्लो-आधारित (कार्य-प्रवाह पर आधारित) डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो विधायी निकायों से संबंधित सभी डेटा और कार्यों को ऑनलाइन उपलब्ध कराता है।

  • सदस्य सुरक्षित पोर्टल के माध्यम से प्रश्न प्रस्तुत करने और अन्य जानकारी प्राप्त करने का उपयोग कर सकते हैं।

  • NeVA ने नोटिस और अनुरोध भेजने की पारंपरिक प्रक्रिया को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है।

राजस्थान विधानसभा का चौथा सत्र हंगामेदार होने के आसार

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इस बार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान स्थिति कुछ तनावपूर्ण रह सकती है। एसआई (सशस्त्र पुलिस) भर्ती को रद्द करने के बाद राज्य में कई तरह के विवाद उत्पन्न हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर 2 सितंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके चलते मानसून सत्र में हंगामे का सामना करने की संभावना जताई जा रही है।

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सत्र के दौरान कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी

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राजस्थान विधानसभा का सत्र के दौरान सभी प्रशासनिक शाखाओं को कार्यों की जिम्मेदारी दी जाती है। शुक्रवार को विधानसभा की सामान्य, प्रश्न, सदन, विधान, विविध, सम्पादन, सुरक्षा, एनआईसी, पुस्तकालय, शोध संदर्भ, और पब्लिक रिलेशन शाखाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई। सचिव की अगुवाई में इन शाखाओं के अधिकारियों ने तैयारियों की स्थिति प्रस्तुत की। स्पीकर ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे अपनी शाखा से संबंधित कार्यों का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से चल रही हों।

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FAQ

1. राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र कब शुरू हो रहा है?
राजस्थान में 16वीं विधानसभा का मानसून यानि चौथा सत्र 1 सितंबर 2025 से शुरू होगा।
2. राजस्थान विधानसभा में विधायकों से सवालों को किस तरह से अपलोड करने के लिए कहा गया है?
विधायकों से सवाल ऑनलाइन अपलोड करने के लिए कहा गया है। अब तक 1304 सवालों में से 913 सवाल ऑनलाइन भेजे गए हैं।
3. क्या राजस्थान की विधानसभा में सवालों की लॉटरी का तरीका बदला है?
हां, विधानसभा में सवालों की लॉटरी और उनकी प्रिंटिंग के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि यह प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
4. राजस्थान में एसआई भर्ती रद्द होने के बाद क्या हंगामा होने की संभावना है?
जी हां, एसआई भर्ती के रद्द होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने 2 सितंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई है, और इस मुद्दे पर हंगामे की आशंका जताई जा रही है।
5. क्या राजस्थान की विधानसभा में विधेयकों में संशोधन के लिए कोई नए नियम लागू किए गए हैं?
हां, अब विधायकों को विधेयकों में संशोधन करते समय संशोधन की भाषा को विधेयक की मूल भाषा के अनुरूप रखना होगा। अन्यथा, संशोधन स्वीकार नहीं होगा।

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