वाह रे शिक्षा विभाग, राजस्थान में शिक्षक दंपति से वसूले जाएंगे 8.48 करोड़, 25 साल से स्कूल ही नहीं गए

राजस्थान के बारां में 25 साल से स्कूल नहीं जाने वाले शिक्षक दंपति से शिक्षा विभाग अब 8.48 करोड़ रुपए की राशि वसूल करेगा। The Sootr में जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

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Nitin Kumar Bhal
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Photograph: (The Sootr)

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राजस्थान के बारां जिले में एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। यहां शिक्षक पति-पत्नी 25 साल तक बिना स्कूल जाए वेतन उठाते रहे। इन्होंने स्कूल में कम पैसों पर एवजी शिक्षक लगा रखे थे। इस मामले में शिक्षा विभाग ने इन्हें पूर्व में ही निलंबित कर दिया था। अब शिक्षा विभाग ने शिक्षक दंपति को वेतन-भत्तों के एवज में लिए 8.48 करोड़ रुपए की वसूली के लिए नोटिस थमाया है। यह मामला न केवल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए चिंता का विषय बन गया है, बल्कि यह राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक चेतावनी भी है कि यदि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी में शामिल होते हैं, तो उन्हें कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

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25 साल से स्कूल नहीं गए शिक्षक दंपती की कहानी

बारां जिले के राजपुरा गांव में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थापित ये शिक्षक दंपती, विष्णु गर्ग और मंजू गर्ग  पिछले 25 वर्षों से स्कूल में अध्यापन का कार्य नहीं कर रहे थे। बावजूद इसके, इन दोनों ने लगातार वेतन उठाया। शिक्षा विभाग ने इस घोटाले का खुलासा 21 दिसंबर 2023 को किया, जब तीन फर्जी शिक्षक मौके से पकड़े गए, जो किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर वेतन ले रहे थे।

स्कूल शिक्षा विभाग राजस्थान के अनुसार फरवरी 2024 में गठित जांच दल ने अध्यापक विष्णु गर्ग की वित्तीय वर्ष 1997-98 से 2023-24 तक वेतन के 84 लाख, 18 प्रतिशत ब्याज सहित 4.92 करोड़ रुपए, मंजू गर्ग के 1999-2000 से 2023-24 तक वेतन राशि 82.48 लाख एवं 18 प्रतिशत ब्याज 3.56 करोड़ रुपए सहित कुल राशि 8.48 करोड़ रुपए वसूली योग्य राशि निर्धारित की है। नोटिस के अनुसार उपरोक्त राशि जमा नहीं करवाने पर पीडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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मामले का खुलासा और विभाग की कार्रवाई

21 दिसंबर 2023 को शिक्षा विभाग ने राजपुरा गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में एक छापेमारी की, जिसमें तीन फर्जी शिक्षक पकड़े गए। इसके बाद, विभाग ने इस मामले में जांच शुरू की और पाया कि विष्णु गर्ग और मंजू गर्ग ने पिछले 25 वर्षों में वेतन के रूप में अवैध रूप से काफी बड़ी राशि हासिल की थी। विभाग ने इस मामले में एक जांच दल का गठन किया, जिसने वित्तीय वर्ष 1997-98 से 2023-24 तक इन दोनों शिक्षकों द्वारा उठाई गई वेतन राशि का हिसाब लगाया।

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8.48 करोड़ रुपए की होगी वसूली

जांच दल ने विष्णु गर्ग के वेतन की राशि का आकलन किया और पाया कि उन्होंने 1997-98 से लेकर 2023-24 तक कुल 4.92 करोड़ रुपए का वेतन प्राप्त किया है। इसके अलावा, 18 प्रतिशत ब्याज के साथ इस राशि में 84 लाख रुपए जुड़ गए हैं। इसी तरह, मंजू गर्ग ने 1999-2000 से लेकर 2023-24 तक कुल 3.56 करोड़ रुपए का वेतन उठाया, जिसमें ब्याज सहित 82.48 लाख रुपए शामिल हैं। इस प्रकार, दोनों शिक्षकों के द्वारा उठाई गई राशि का कुल योग 8.48 करोड़ रुपए के आसपास आता है।

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शिक्षक दंपति को नोटिस जारी

अब शिक्षा विभाग ने इन दोनों शिक्षकों को वसूली का नोटिस जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) ने 28 अगस्त को इन दोनों से यह राशि जमा करने का आदेश दिया है। नोटिस में यह स्पष्ट किया गया है कि अगर ये शिक्षक दंपती निर्धारित समय में यह राशि नहीं जमा करेंगे, तो उनके खिलाफ पीडीआर एक्ट (PDR Act) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

अनैतिक आचरण पर राजस्थान शिक्षा विभाग का रुख

राजस्थान में 25 साल से स्कूल नहीं गए शिक्षक पति-पत्नी मामले से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा विभाग अब ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं देने वाला है। विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि शिक्षक जो सरकारी पैसे की बेजा उठाई करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले ने राजस्थान की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा की आवश्यकता को उजागर किया है। शिक्षा विभाग राजस्थान वसूलेगा 8.48 करोड़।

राजस्थान शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता

शिक्षक दंपति से 8.48 करोड़ की वसूली घटना से यह भी स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार को शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करना होगा। अब समय आ गया है कि हर शिक्षक की उपस्थिति और वेतन वितरण प्रणाली को डिजिटल किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। इसके साथ ही, विभाग को समय-समय पर जांच और समीक्षा करने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मामलों की पहचान समय रहते की जा सके।

FAQ

1. राजस्थान में शिक्षक दंपति से 8.48 करोड़ क्यों वसूले जा रहे हैं?
शिक्षा विभाग ने 25 साल से स्कूल नहीं जाने वाले शिक्षक दंपति विष्णु गर्ग और मंजू गर्ग से कुल 8.48 करोड़ रुपए की राशि वसूली का नोटिस जारी किया है। यह राशि उनके द्वारा पिछले 25 वर्षों में उठाई गई वेतन और ब्याज के रूप में है।
2. राजस्थान में शिक्षक दंपति से वसूली की प्रक्रिया कैसे होगी?
अगर शिक्षक दंपती निर्धारित समय में राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ पीडीआर एक्ट (PDR Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
3. राजस्थान में शिक्षक दंपति से किस समय अवधि के लिए यह वेतन वसूला जाएगा?
विष्णु गर्ग ने 1997-98 से 2023-24 तक, और मंजू गर्ग ने 1999-2000 से 2023-24 तक वेतन उठाया है।
4. राजस्थान शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षण व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राजस्थान शिक्षा विभाग अब ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं देने वाला है और फर्जी शिक्षक या भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।

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