आरजीएचएस में अनियमितताओं पर फिर बड़ा एक्शन, 8 पैरामेडिकल स्टाफ को किया निलंबित

राजस्थान में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में गंभीर अनियमितताओं को लेकर फिर बड़ी कार्रवाई हुई हैं। इस मामले में 8 पैरामेडिकल स्टाफ को निलंबित किया गया हैं।

author-image
Ashish Bhardwaj
New Update
RGHS para

Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • आरजीएचएस में अनियमितताओं के मामले में 8 कार्मिकों को निलंबित किया गया।
  • आरजीएचएस में अब तक 19 एफआईआर दर्ज, 39 करोड़ की रिकवरी की गई है।
  • निलंबित कार्मिकों पर सरकारी धन और सुविधाओं के दुरुपयोग का आरोप है।
  • आरजीएचएस योजना में 7 चिकित्सकों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
  • सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर 8 पैरामेडिकल स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की गई।

News In Detail

राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आरजीएचएस में फिीर गंभीर अनियमितता पाई हैं। इस मामले में 8 पैरामेडिकल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कदम इन कर्मचारियों द्वारा योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, कार्ड और राजकीय धन राशि के दुरुपयोग के कारण उठाया गया है। अब तक आरजीएचएस में अनियमितताओं के संबंध में 19 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। सरकार ने अस्पतालों, फार्मेसियों तथा अन्य हितधारकों से करीब 39 करोड़ रुपये की रिकवरी की है।

आरजीएचएस योजना में निलंबन की कार्रवाई 

आरजीएचएस योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए आम नागरिकों और कर्मचारियों के बीच अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है। इस योजना में अनियमितताएं करने पर पहले सात चिकित्सकों को निलंबित किया गया था और एक अस्पताल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अब प्राथमिक जांच में पाया गया कि आठ कार्मिकों ने योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं का दुरुपयोग किया है, जो सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करते हैं

निलंबित कार्मिकों की सूची

निलंबित किए गए कार्मिकों में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं:-

सौरभ कुमार रावत - नर्सिंग ऑफिसर, आर.बी.एम. चिकित्सालय, भरतपुर

मीना कुमारी चौधरी - महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र, खुडासा, भरतपुर

किशन देई - महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र, कुचावटी, जिला डीग

सत्यप्रकाश छावड़ी - नर्सिंग ऑफिसर, जिला चिकित्सालय, बयाना, भरतपुर

मंजू कुमारी - सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, उप स्वास्थ्य केन्द्र, नगला माय, जिला भरतपुर

तुलसी देवी - महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र, हनुमानपुरा, जिला फलौदी

अनुपमा - महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उच्चैन, भरतपुर

सुरेश चंद गुप्ता - नर्सिंग ऑफिसर, आर.बी.एम. चिकित्सालय, भरतपुर

कार्रवाई की जरूरत और सरकार की भूमिका 

इन कार्मिकों द्वारा की गई अनियमितताएं न केवल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि यह राजकीय संसाधनों का दुरुपयोग भी है। राज्य सरकार ने इन कार्मिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और आरजीएचएस योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सही तरीके से मिले। इस प्रकार की कार्रवाइयां शासन की पारदर्शिता और कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

हाल ही किये थे साथ डॉक्टर को निलंबित 

हाल ही दिनों में राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों के उपचार के लिए राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस), में अनियमितताएं पाए जाने पर बड़ा एक्शन किया था। इस कार्रवाई में 7 डॉक्टर को सस्पेंड  किया गया था।  एक हॉस्पिटल  एवं एक डायग्नोस्टिक सेंटर पर केस दर्ज किया गया था।

ये भी पढे़:-

राजस्थान के ऊंट-भेड़ों की आवाजाही के लिए एमपी में नया कॉरिडोर, अब आसानी से छत्तीसगढ़ तक जा सकेंगे

Weather Update : मध्यप्रदेश में सर्दी, छत्तीसगढ़ में गर्मी: राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजस्थान दौरा तय, 23,500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट की राह होगी सुगम

राजस्थान के इस बड़े रेलवे प्रोजेक्ट पर हाई कोर्ट की रोक, भूमि अवाप्ति से जुड़ा है मामला

निलंबित डॉक्टर अनियमितता पैरामेडिकल स्टाफ आरजीएचएस
Advertisment