रितु बलारा मामले में FIR की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर डोटासरा का धरना, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
Raghvendra Singh Rathore | Oct 19, 2026, 21:21 IST
रितु बराला मामले में डोटासरा का जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पर धरना
दिल्ली में एनएसयूआई नेता रितु बराला के साथ कथित मारपीट के मामले में राजस्थान कांग्रेस ने विरोध तेज कर दिया है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जयपुर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पर एफआईआर की मांग को लेकर धरने पर बैठे। राहुल गांधी ने भी मामला उठाया था। कांग्रेस का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने तक विरोध जारी रहेगा।
दिल्ली पुलिस पर रितु बलारा के साथ बर्बरता के आरोपों को लेकर राजस्थान में कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जयपुर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पर धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस की मांग है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए और आरोपों की निष्पक्ष जांच हो।
कांग्रेस का आरोप है कि रितु बलारा के साथ हुई कथित बर्बरता की शिकायत के बावजूद राजस्थान पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है। इसे लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
कांग्रेस ने जयपुर में मौजूद अपने कार्यकर्ताओं, युवाओं और नागरिकों से पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने रितु बलारा के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि जब किसी महिला के साथ बर्बरता के आरोप सामने आए हैं, तो पुलिस को शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
पार्टी ने एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इसी मांग को लेकर डोटासरा पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं।
कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस पर रितु बलारा के साथ बर्बरता करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना किस तारीख को और किस स्थान पर हुई थी। घटना से जुड़े मेडिकल दस्तावेज, शिकायत और अन्य सबूतों की भी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
कांग्रेस ने जयपुर में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और युवा साथियों से पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पहुंचने की अपील की है। पार्टी ने कहा है कि न्याय की मांग को लेकर शुरू किया गया विरोध एफआईआर दर्ज होने तक जारी रहेगा। कांग्रेस की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि न्याय की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि रितु बलारा की ओर से किस थाने में शिकायत दी गई और उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि राजस्थान पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं करने का क्या कारण बताया है।
अगर घटना दिल्ली में हुई है, तो राजस्थान में दी गई शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज करने और उसे संबंधित थाने में भेजने की कानूनी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
रितु बलारा के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करने के आरोपों पर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट का आधिकारिक पक्ष अभी उपलब्ध नहीं है। पुलिस की ओर से शिकायत मिलने, उस पर हुई कार्रवाई और एफआईआर की स्थिति स्पष्ट होने के बाद मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
रितु बराला एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव हैं। दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया था।
16 अक्टूबर को राहुल गांधी ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट और एफआईआर दर्ज नहीं होने पर सवाल उठाए थे। इसके बाद रितु बराला से बातचीत के दौरान उन्होंने डोटासरा को फोन कर राजस्थान में एफआईआर दर्ज कराने की पहल करने को कहा था।
14 अक्टूबर की रितु बराला की मेडिकल रिपोर्ट में सिर, गर्दन, कलाई, दोनों बांहों और पैर पर चोटों का उल्लेख है। हालांकि, चोटें किसने पहुंचाईं और किन परिस्थितियों में लगीं, यह जांच का विषय है।
19 अक्टूबर को कमिश्नरेट पहुंचे डोटासरा ने कहा कि किसी नागरिक के साथ मारपीट होती है तो उसे एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने जीरो एफआईआर की व्यवस्था का जिक्र करते हुए सवाल किया कि इस मामले में शिकायत क्यों दर्ज नहीं की जा रही।
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कमिश्नर उनकी बात नहीं सुनेंगे तो वे डीजीपी के पास जाएंगे। डोटासरा के साथ रितु बराला भी मौजूद थीं।
कांग्रेस का आरोप है कि रितु बलारा के साथ हुई कथित बर्बरता की शिकायत के बावजूद राजस्थान पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही है। इसे लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
कांग्रेस ने जयपुर में मौजूद अपने कार्यकर्ताओं, युवाओं और नागरिकों से पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
एफआईआर दर्ज नहीं होने पर डोटासरा का विरोध
पार्टी ने एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इसी मांग को लेकर डोटासरा पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय पर धरना दे रहे हैं।
दिल्ली पुलिस पर बर्बरता का आरोप
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना किस तारीख को और किस स्थान पर हुई थी। घटना से जुड़े मेडिकल दस्तावेज, शिकायत और अन्य सबूतों की भी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से कमिश्नरेट पहुंचने की अपील की
पुलिस के सामने क्या सवाल हैं?
अगर घटना दिल्ली में हुई है, तो राजस्थान में दी गई शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज करने और उसे संबंधित थाने में भेजने की कानूनी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस का पक्ष आना बाकी
राहुल गांधी ने भी उठाया था मामला
16 अक्टूबर को राहुल गांधी ने महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित मारपीट और एफआईआर दर्ज नहीं होने पर सवाल उठाए थे। इसके बाद रितु बराला से बातचीत के दौरान उन्होंने डोटासरा को फोन कर राजस्थान में एफआईआर दर्ज कराने की पहल करने को कहा था।
मेडिकल रिपोर्ट में चोटों का जिक्र
डोटासरा बोले- जरूरत पड़ी तो डीजीपी के पास जाएंगे
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस कमिश्नर उनकी बात नहीं सुनेंगे तो वे डीजीपी के पास जाएंगे। डोटासरा के साथ रितु बराला भी मौजूद थीं।
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