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Photograph: (the sootr)
News In Short
- निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत ने किया 50 करोड़ रुपए की मानहानि का दावा।
- विधायक निधि में काम के बदले कमीशन मांगने के स्टिंग का मामला
- विधायक ने स्टिंग को बताया है झूठा, यह उनकी प्रतिष्ठा गिराने की साजिश।
- बानावत ने कहा, कमीशन की कोई डील नहीं हुई, गलत रूप से किया पेश।
- विधायक के अनुसार माफी मांगने का दिया मौका, लेकिन अखबार ने नहीं किया ऐसा।
News In Detail
राजस्थान में बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बानावत ने 'दैनिक भास्कर' अखबार के खिलाफ खिलाफ मानहानि दावा किया है। यह दावा दैनिक भास्कर के सुधीर अग्रवाल, एलपी पंत तथा रिपोर्टर अवधेश सिंह आकोदिया पर 50 करोड़ रुपए का किया गया है। इस दावे में भास्कर में 14 दिसंबर 2025 कोे प्रकाशित
उस खबर को झूठा करार दिया है, जिसमें उन समेत तीन विधायकों पर विधायक कोष के कामों में कमीशनबाजी मांगने की बात कही थी। इस खबर में बताया था कि विधायक ऋतु बानावत के पति ने विधाय​क कोष से 40 लाख रुपए जारी करने के बदले कमीशन की डील की थी। जयपुर महानगर के एडीजे-5 डॉ. मनोज जोशी ने इस वाद पर सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बानावत का आरोप-भास्कर की पीत पत्रकारिता है यह
बानावत ने कोर्ट में दायर दावे में कहा है कि 14 दिसंबर, 2025 को दैनिक भास्कर ने एक खबर प्रकाशित की। यह खबर एक स्टिंग आॅपरेशन के आधार पर थी। इसमें बताया है कि ऋतु बानावत ने विधायक कोष से दरी पट्टी खरीदने के लिए 40 लाख रुपए की अनुशंषा करने के बदले कमीशन की डील की है। यह खबर आधारहीन है, जो विधायक की छवि को धूमिल करती है। कमाई बढ़ाने के उद्धेश्य से अखबार की यह खबर अनुचित स्टिंग और पीत पत्रकारिता का उदाहरण है।
कोई डील हुई ही नहीं
विधायक बानावत के अनुसार, अखबार ने राजनीतिक साजिश के तहत यह खबर देकर सनसनी फैलाने को कोशिश की। वाद में कहा गया कि विधायक की छद्म पत्रकार से विधायक निधि कोष से 40 लाख रुपए की सिफारिश करने की कोई डील नहीं हुई। सभी बातें झूठी हैं। तथाकथित रिपोर्टर ने विधायक से जयपुर में मिलने का असफल प्रयास किया था। तथाकथित स्टिंग ऑपरेशन का ​वीडियो गलत रुप से रिकार्ड किया गया। वीडियो कई बार एडिट हुआ है। यह विधायक व उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए जानबूझकर की गई कार्रवाई है।
स्पष्टीकरण भी दुर्भावना से छापा
दावे में कहा है कि 15 दिसंबर, 2025 को दैनिक भास्कर ने बानावत का किसी काम के लिए अनुशंषा नहीं करने और अपने समक्ष पैसे देने की बात नहीं होने का स्पष्टीकरण भी दिया था। अखबार ने इसे भी दुर्भावना के साथ छापा और माफी तक नहीं मांगी, जबकि उन्हें यह बता दिया था कि माफी नहीं मांगने पर मानहानि का दावा किया जाएगा।
15 दिसंबर, 2025 को सीएम, विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व सीएम और अन्य सीनियर नेताओं के विचार विधायक बानावत को बदनाम करने की नीयत से छापे गए थे। इनको यह नहीं बताया गया कि विधायक निधि कोष से 40 लाख रुपए का कोई अनुशंषा पत्र ना तो जारी किया है ना ही जारी करने का आश्वासन ही दिया है। इससे बानावत की सामाजिक, पारिवारिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को भारी नुकसान हुआ है।
वाद ​के अनुसार इस नुकसान का रुपयों में मूल्यांकन नहीं हो सकता। विधायक बानावत ने हमेशा ही विधायक निधि कोष का उपयोग जनहित में ही किया है। स्टिंग करने वाले व खबर देने वालों को भी यह पता है कि विधायक कोष खर्च करने का काम अधिकारी ही करते हैं । काम के लिए टेंडर करने व कार्यादेश देने का काम भी वही करते हैं। इसमें विधायक की कोई भूमिका नहीं होती ।
यह तो माना है कि
दावे में कहा है कि खबर देने वालों ने यह तो स्वीकारा है कि विधायक ने कहा था कि विधायक कोष में खर्च करने लायक कोई राशि नहीं है। ऐस में कोई डील होने का सवाल ही नहीं उठता।
दावे के अनुसार अखबार ने बानावत के पति ऋषि बंसल के 40 लाख रुपए की डील करने की झूठी खबर दी है। यह रिपोर्टर को भी बता दिया था। ऐसे में कोई डील करने का सवाल ही नहीं है। इसके अतिरिक्त विधायक के पति ऋषि बंसल डील करने के लिए अधिकृत व्यक्ति भी नहीं है। खबर केवल परिवादिया व उनके परिवार को बदनाम करने के ​लिए प्रकाशित की है।
माफी मांगने का दिया मौका
दावे में कहा है कि 20 जनवरी, 2026 को विधायक बानावत ने डीबी कॉर्प एमडी सुधीर अग्रवाल, नेशनल ​एडिटर एल.पी.पंत और रिपोर्टर अवधेश सिंह आकोदिया को माफी मांगने और नहीं मांगने पर 50 करोड़ रुपए हर्जाना मांगने का नोटिस दिया था। लेकिन उन्होंने माफी नहीं मांगी। परिवादिया को मांगने के बावजूद कथित सीडी की कॉपी नहीं दी है।
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