पंजाब में बढ़ रहा नशा, बंगाल में घुसपैठ और हिंदू समुदाय पर हमले चिंता का विषय : सुनील आंबेकर
राजस्थान के जोधपुर (Jodhpur) में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय राष्ट्रीय समन्वय बैठक के समापन पर आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि देशभर में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ रही है और इस संदर्भ में संघ ने कई क्षेत्रों में सुधार की दिशा में काम किया है। शिक्षा नीति पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पाठ्यपुस्तकों में सही दिशा में काम हो रहा है। खासकर भाषा, इतिहास और ज्ञान के संबंध में।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार-विमर्श
आंबेकर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) के तहत भारत में शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि संघ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के सभी नागरिकों को उनके मातृभाषा में शिक्षा मिले, चाहे वह प्राथमिक शिक्षा हो या उच्च शिक्षा।
इस दिशा में संघ द्वारा कई पहल की गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर पंच परिवर्तन संकल्प के तहत पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबंधन और नागरिक कर्तव्यों जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर जोर दिया जाएगा।
पंजाब और अन्य राज्यों की स्थिति पर चिंतन
आरएसएस समन्वय कार्यक्रम में पंजाब की स्थिति पर भी चर्चा हुई। आंबेकर ने पंजाब में नशे की लत के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समस्या युवाओं में घातक रूप से फैल रही है और इसे रोकने के लिए गंभीर कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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नक्सली हमलों के कारण उत्पन्न समस्याएं
आंबेकर ने यह भी बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में नक्सली गतिविधियों के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, खासकर वनवासी क्षेत्रों में। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में नक्सलियों के हमलों के कारण स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई से इन घटनाओं में कमी आई है। वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह काम लगातार जारी रहेगा, ताकि वनवासी समुदाय को बेहतर सुरक्षा और सहायता मिल सके।
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संघ का संकल्प, हर क्षेत्र में बदलाव
आंबेकर ने यह भी कहा कि संघ ने देश भर में अपनी कार्यप्रणाली को मजबूत किया है और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव लाने का संकल्प लिया है। विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में आरएसएस ने अनेक योजनाएं बनाई हैं। आने वाले समय में संघ के विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए इन क्षेत्रों में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
FAQ
- Q1: राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आरएसएस का क्या दृष्टिकोण है?
आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव हो रहे हैं, खासकर पाठ्यपुस्तकों में सुधार की दिशा में काम हो रहा है, ताकि सभी नागरिकों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा मिल सके। - Q2: पंजाब में नशे की समस्या पर आरएसएस का क्या कहना है?
आरएसएस ने पंजाब में नशे की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त की है, खासकर युवाओं में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर। संघ इस समस्या के समाधान के लिए विभिन्न सामाजिक और शैक्षिक प्रयासों की योजना बना रहा है। - Q3: नक्सली गतिविधियों पर आरएसएस का क्या दृष्टिकोण है?
आरएसएस ने नक्सली हमलों और वनवासी क्षेत्रों में उत्पन्न समस्याओं के संदर्भ में कहा कि सरकार द्वारा की गई कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक है। संघ ने वनवासी कल्याण आश्रम के कार्यों की सराहना की और बताया कि इस दिशा में और प्रयास किए जाएंगे।
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