कौन थी मारवाड़ की साध्वी प्रेम बाइसा, जिसकी मौत बन गई अनसुलझी पहेली

राजस्थान में जोधपुर की प्रसिद्ध भजन गायिका साध्वी प्रेम बाइसा के भजनों को सुनकर हर कोई झूम उठता था। मारवाड़ से लेकर देशभर में लाखों श्रद्धालु उनकी भागवत कथा में शामिल होते थे। उनकी मौत के बाद आश्रम से लेकर श्रद्धालुओं में मातम पसरा हुआ है।

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Purshottam Kumar Joshi
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Photograph: (the sootr)

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News in Short

  • पश्चिमी राजस्थान की प्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत।
  • मारवाड़ में भगवती कथा वाचन और भजन गायन से थी लोकप्रिय 
  • बाड़मेर, जोधपुर, अजमेर और बेंगलुरु जैसे शहरों में कर चुकी कथाओं का वाचन
  • कृष्ण जन्मोत्सव, भीष्म पितामह की झांकी, विदुर-विदुरानी प्रसंग और गोपी संवाद हुए लोकप्रिय।
  • साध्वी की मौत के बाद आश्रम सहित श्रद्धालुओं में दौड़ी शोक की लहर 

 News in Detail

राजस्थान के जोधपुर में जिस साध्वी प्रेम बाइसा की संदिग्ध मौत हुई है। वह मारवाड़ में भगवती कथा वाचन और भजन गायन में काफी लोकप्रिय थी। उनकी 28 जनवरी बुधवार को निधन हो गया है। वो बाड़मेर जिले के परेऊ गांव की रहने वाली थी। वो वीरमनाथ की शिष्या थीं। यहीं उनके पिता भी थे। 
बचपन में ही साध्वी प्रेम बाइसा की मां का निधन हो गया था। पिता और गुरू वीरमनाथ ने ही प्रेम बाइसा का पालन पोषण किया। बाद में उन्हे भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाया। वे अपनी मधुर वाणी में श्रीमद्भागवत कथा के वाचन और भजनों के लिए देशभर विशेषकर मारवाड़ क्षेत्र में लोकप्रिय थीं। 

देशभर में किया कथा वाचन

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा ने देशभर में सैकड़ों धार्मिक कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। उन्होंने बाड़मेर (सवाऊ मूलराज, रतासर), जोधपुर, अजमेर (छोटा लाम्बा), और बेंगलुरु जैसे शहरों में भव्य श्रीमद् भागवत कथाओं का वाचन किया। उनकी कथाओं में कृष्ण जन्मोत्सव, भीष्म पितामह की झांकी, विदुर-विदुरानी प्रसंग, और गोपी संवाद अत्यंत लोकप्रिय थे। साध्वी प्रेम बाइसा के भजन गायनों में "रामजी रो नाम मिठो घणो लागे" और "नारायण नारायण जपा करो" जैसे भजन भक्तों के बीच बहुत प्रसिद्ध रहे हैं। 

जोधपुर में बनाया आश्रम

साध्वी प्रेम बाइसा ने साल 2024 के दिसंबर महीने में जोधपुर में साधना कुटी आश्रम बनाया था। इस आश्रम का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजन किया गया था। इस आयोजन में राजस्थान सहित कई राज्यों के बड़े संत शामिल हुए थे।

साध्वी प्रेम बाइसा का संकल्प

साध्वी प्रेम बाइसा ने जुलाई 2025 में एक एडिटेड वीडियो वायरल होने के बाद अपनी पवित्रता सिद्ध करने के लिए शंकराचार्य को पत्र लिखकर "अग्नि परीक्षा" देने की अनुमति मांगी थी। उन्होने वायरल वीडियो की सच्चाई बताते हुए कहा था कि बचपन में मां के निधन के बाद उनके पिता महंत वीरमनाथ ने ही उनका पालन-पोषण किया। लंबे समय बाद पिता से मिलने पर वे भावुक होकर उनके गले लगी थीं, जिसे विरोधियों ने गलत तरीके से पेश किया।

साध्वी प्रेम बाइसा ने वीडियो वायरल को लेकर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाने की बात कही थी। कुछ लोगों ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की थी और इनकार करने पर वीडियो वायरल कर दिया।

प्रेम बाइसा कैसे बनी साध्वी

प्रेम बाइसा ने छोटी उम्र में ही वैराग्य धारण कर लिया था। समाज में उन्हें "बाल साध्वी" के रूप में सम्मानित किया गया था।उन्होंने हमेशा भारतीय सभ्यता और संस्कृति को दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बताया और युवाओं को सनातन मार्ग से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

साध्वी की मौत की बनी पहेली 

साध्वी प्रेम बाइसा की संदिग्ध मौत के करीब 4 घंटे बाद उनके अधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सुसाइड नोट भी पोस्ट किया गया। इसमें लिखा गया गया कि,पूज्य सभी संतों को प्रणाम, मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है। आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है।

इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा।

मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।

पुलिस ने की यह कार्रवाई

वर्तमान में जोधपुर पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जारी है।एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि साध्वी को परिजन निजी अस्पताल लेकर गए थे। उनकी मौत हो चुकी थी। बोरानाडा थाना पुलिस जांच में जुट गई है। वीडियो वायरल और मोबाइल सहित अन्य सभी पहलुओं को लेकर गहन जांच पड़ताल की जा रही है।

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