सचिन पायलट के जज्बे को सलाम, ऐन चुनाव के वक्त भी टेरिटोरियल आर्मी का दिया प्रमोशन एग्जाम, खड़गे की सभी से भी रहे नदारद
Chandresh Sharma | Oct 17, 2023, 24:00 IST
सचिन पायलट के जज्बे को सलाम, ऐन चुनाव के वक्त भी टेरिटोरियल आर्मी का दिया प्रमोशन एग्जाम, खड़गे की सभी से भी रहे नदारद
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की वे तस्वीरें सामने आईं हैं, जिसमें वे दिल्ली छावनी में टेरिटोरियल आर्मी में प्रमोशन के लिए हुई परीक्षा देने पहुंचे।
NEW DELHI. राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है, प्रत्याशियों का चयन अभी बाकी है, जहां प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं वहां कैंपेनिंग भी शुरु हो चुकी है। इस बीच राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की वे तस्वीरें सामने आईं हैं, जिसमें वे दिल्ली छावनी में टेरिटोरियल आर्मी में प्रमोशन के लिए हुई परीक्षा देने पहुंचे। यदि पायलट कामयाब होते हैं तो वे टेरिटोरियल आर्मी में मेजर बन जाएंगे। अभी फिलहाल सचिन कैप्टन के पद पर हैं। बता दें कि इस एग्जाम को देने के लिए सचिन पायलट ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा तक को तिलांजलि दे डाली।
बारां में थी खड़गे की सभा
दरअसल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट ईआरसीपी को लेकर कांग्रेस अभियान लॉन्च कर रही है, जिस संबंध में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा बारां में आयोजित की गई। बता दें कि सचिन पायलट टेरिटोरियल आर्मी में भी सेवाएं देते हैं। केंद्रीय मंत्री रहते हुए पायलट ने लेफ्टिनेंट की पोस्ट से इसे ज्वाइन किया था। 2 साल पहले ही उन्हें प्रमोट कर कैप्टन बनाया गया। वे सिख रेजिमेंट में अक्सर जाते हैं और अपनी यूनिट पहुंचकर मीटिंग्स में शामिल होते हैं।
युद्ध के समय जाना पड़ता है मोर्चे पर
टेरिटोरियल आर्मी वॉलेंटियर सर्विस है। हालांकि इसमें भी प्रमोशन पाने के लिए सेना के जैसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं इसे ज्वाइन करने लिखित एग्जाम, फिजिकल और मेडिकल फिटनेस टेस्ट पास करना होता है। चयन के बाद चयनित उम्मीदवारों को सेना का प्रशिक्षण दिया जाता है। वैसे तो यह वॉलेंटियर सर्विस है लेकिन अगर युद्ध होता है तो इसके सदस्यों को मोर्चे पर या जहां सेना बुलाती है, वहां जाकर सेवाएं देना अनिवार्य होता है।
बता दें कि सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट राजनैतिक शख्सियत बनने से पहले वायुसेना में पायलट थे। उन्होंने कई युद्ध में भी हिस्सा लिया था। यही कारण है कि मंत्री रहते हुए भी सचिन ने टेरिटोरियल आर्मी ज्वाइन की थी।
बारां में थी खड़गे की सभा
दरअसल ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट ईआरसीपी को लेकर कांग्रेस अभियान लॉन्च कर रही है, जिस संबंध में मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा बारां में आयोजित की गई। बता दें कि सचिन पायलट टेरिटोरियल आर्मी में भी सेवाएं देते हैं। केंद्रीय मंत्री रहते हुए पायलट ने लेफ्टिनेंट की पोस्ट से इसे ज्वाइन किया था। 2 साल पहले ही उन्हें प्रमोट कर कैप्टन बनाया गया। वे सिख रेजिमेंट में अक्सर जाते हैं और अपनी यूनिट पहुंचकर मीटिंग्स में शामिल होते हैं।
युद्ध के समय जाना पड़ता है मोर्चे पर
टेरिटोरियल आर्मी वॉलेंटियर सर्विस है। हालांकि इसमें भी प्रमोशन पाने के लिए सेना के जैसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं इसे ज्वाइन करने लिखित एग्जाम, फिजिकल और मेडिकल फिटनेस टेस्ट पास करना होता है। चयन के बाद चयनित उम्मीदवारों को सेना का प्रशिक्षण दिया जाता है। वैसे तो यह वॉलेंटियर सर्विस है लेकिन अगर युद्ध होता है तो इसके सदस्यों को मोर्चे पर या जहां सेना बुलाती है, वहां जाकर सेवाएं देना अनिवार्य होता है।
बता दें कि सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट राजनैतिक शख्सियत बनने से पहले वायुसेना में पायलट थे। उन्होंने कई युद्ध में भी हिस्सा लिया था। यही कारण है कि मंत्री रहते हुए भी सचिन ने टेरिटोरियल आर्मी ज्वाइन की थी।
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