अंधेरे के बाद सवेरा: 48 परीक्षा में असफलता मिली, हार नहीं मानी, अब बनेंगे जेल प्रहरी

राजस्थान में संदीप कुमार ने 48 प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल होने के बाद जेल प्रहरी परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। उनकी सफलता युवा वर्ग के लिए प्रेरणा है।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • राजस्थान के संदीप कुमार ने 48 प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। बार-बार असफल होने के बावजूद हार नहीं मानी।
  • उन्होंने अब जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में पूरे राजस्थान में 194वीं रैंक हासिल की।
  • संदीप ने कई अहम परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त किए, लेकिन मेरिट लिस्ट में पिछड़ गया।
  • राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष ने भी संदीप की मेहनत और सफलता को सराहा।
  • संदीप की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा है। निरंतर मेहनत करते रहिए, सफलता कदम चूमेगी

News In Detail 

"हर अंधेरे के बाद सवेरा आता है, जो मेहनत करे वो मुकाम पाता है।" यह कहावत राजस्थान के संदीप कुमार पर फिट बैठती है। उन्होंने जीवन में इस कहावत को अपनाया और अंत में सफलता ने उनके कदम चूमे। यह कहानी उन युवाओं के लिए प्ररेणादायी है, जो जीवन में थोड़ी से असफलता के आने पर निराशा के अंधकार में चले जाते हैं। संदीप कुमार ने एक या दो नहीं, बल्कि 48 प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। हर बार नतीजा फेल का आया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार तैयारी जारी रखी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई। उसने जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में अच्छी रैंक हासिल कर ली।  

48 प्रतियोगी परीक्षाओं का संघर्ष

संदीप कुमार ने असफलताओं का मुंह देखते हुए 48 प्रतियोगी परीक्षाएं दीं।  वे राजस्थान पुलिस, पटवार, ग्राम विकास अधिकारी, आरएएस परीक्षा, एसएससी, फॉरेस्ट गार्ड और हॉस्टल सुपरिटेंडेंट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल हुए। कुछ परीक्षाओं में उन्होंने अच्छे अंक भी प्राप्त किए। यहां तक कि एक परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक लाए, लेकिन मेरिट लिस्ट में उनका नाम नहीं आया। फिर भी उन्होंने अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी और लगातार प्रयास करते रहे।

कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष की सराहना

संदीप की कड़ी मेहनत को राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने भी सराहा। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, संदीप जी, आपने अब तक 48 परीक्षाएं दीं, लेकिन हार नहीं मानी और अब जेल प्रहरी परीक्षा में फिजिकल टेस्ट पास करके मेरिट में अच्छी पोजीशन प्राप्त की। आपकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो हार मानकर हथियार डाल देते हैं।

जेल प्रहरी परीक्षा में शानदार सफलता

संदीप कुमार की मेहनत और लगातार प्रयासों का फल उन्हें आखिरकार तब मिला, जब उन्होंने जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की। इस परीक्षा में उन्होंने पूरे राजस्थान में 194वीं रैंक प्राप्त की। इसके अलावा, चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा में भी उनका चयन हुआ। यह उनके लंबी और कठिन यात्रा का परिणाम था, जो न केवल उनकी कड़ी मेहनत का प्रतीक है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए एक प्रेरणा भी है जो अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से बड़े लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।

संदीप की सफलता का संदेश

संदीप कुमार की कहानी यह दर्शाती है कि अगर किसी के पास धैर्य, इरादा और मेहनत हो, तो मुश्किल से मुश्किल रास्ते भी आसान हो सकते हैं। वह साबित करते हैं कि सफलता केवल किस्मत पर निर्भर नहीं होती, बल्कि आत्मविश्वास, कठिनाई को सहने की ताकत और लगातार प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है।

संदीप की कहानी एक नजर में 

संदीप कुमार ने कुल 48 प्रतियोगी परीक्षाएं दीं। उनमें से कई परीक्षाओं में उन्होंने अच्छे अंक प्राप्त किए, लेकिन मेरिट लिस्ट में उनका नाम नहीं आया। उन्होंने   जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा में पूरे राजस्थान में 194वीं रैंक प्राप्त की। संदीप कुमार की सफलता यह दिखाती है कि अगर कोई निरंतर मेहनत करता है और हार नहीं मानता, तो वह किसी भी कठिनाई को पार करके सफलता प्राप्त कर सकता है।

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