रेस्क्यू के नाम पर मगरमच्छ के साथ बर्बरता, डंडों से हमलाकर किया लहूलुहान, जानें पूरा मामला

Ashish Bhardwaj | Feb 20, 2026, 12:06 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के अलवर में सरिस्का टाइगर रिजर्व की एक घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। भीड़ ने डंडों से पीटकर एक मगरमच्छ को घायल कर दिया। अब इस मामले को लेकर कार्रवाई की मांग हो रही है।

News in Short

  • सरिस्का टाइगर रिजर्व में मगरमच्छ को भीड़ ने डंडों से पीटकर घायल किया।
  • गांव के युवक मगरमच्छ को घेरकर उस पर हमला कर रहे थे।
  • वन विभाग को सूचना सोशल मीडिया से मिली।
  • वन्यजीव विशेषज्ञों ने इसे 'अटेम्प्ट टू मर्डर' जैसा कृत्य बताया।
  • पशु क्रूरता और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की जा रही है।

News In Detail

सुनील जैन@अलवर



राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण को शर्मसार करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। इस बाघ अभ्यारण्य में भरथरी पुलिया के पास एक मगरमच्छ को भीड़ के गुस्से का शिकार होना पड़ा। रेस्क्यू के नाम पर ग्रामीणों ने इस मगरमच्छ पर डंडों से ताबड़तोड़ हमले किए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना का वीडियो सामने आया है।



​दहशत और तमाशे के बीच पिसा बेजुबान

​घटना अलवर-जयपुर सड़क मार्ग स्थित भर्तहरि तिराहे के पास की है। बताया जा रहा है कि एक मगरमच्छ रास्ता भटक कर आबादी क्षेत्र के पास पुलिया के नजदीक पहुंच गया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी, मदद के लिए वन विभाग को फोन करने के बजाय लोग लाठी-डंडे लेकर उसे घेरने आ गए।



​शुरुआत में लोग फोटो और वीडियो बनाने में मशगूल थे, लेकिन जल्द ही यह कौतूहल 'क्रूरता' में बदल गया। सोशल मीडिया पर रील बनाने की सनक और बिना किसी विशेषज्ञता के 'रेस्क्यू' करने के चक्कर में युवाओं ने मगरमच्छ को घेर लिया।



​'अटेम्प्ट टू मर्डर' जैसा कृत्य

गांव के कुछ युवा एक प्लास्टिक की रस्सी से मगरमच्छ को बांधने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान मगरमच्छ ने जब खुद को बचाने के लिए छटपटाहट दिखाई, तो भीड़ ने उस पर डंडों से प्रहार करना शुरू कर दिया। बेजुबान के मुंह और सिर पर डंडों से वार किए गए।



हमले इतने तेज थे कि मगरमच्छ के मुंह से खून बहने लगा और वह लहूलुहान हो गया। वन विभाग को सूचना दिए बिना ही ग्रामीण उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गए और अधमरी हालत में छोड़ दिया।



वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि मगरमच्छ के जबड़े और थूथन का हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है। उस पर डंडे से वार करना उसकी जान ले सकता था। यह 'रेस्क्यू' नहीं, बल्कि 'अटेम्प्ट टू मर्डर' जैसा कृत्य है।



​रील्स और स्टंट का नया अड्डा बना सरिस्का

यह कोई पहली घटना नहीं है जब अलवर में वन्यजीवों की जान जोखिम में डाली गई हो।कुछ दिनों पहले यहां थार और बाइक से मगरमच्छों के बीच स्टंट करने का मामला सामने आया था।



हाल ही कुछ युवा सिलीसेढ़ में मगरमच्छों के बेहद करीब जाकर सेल्फी लेते देखे गए थे। प्रशासन की ढिलाई और सोशल मीडिया पर वायरल होने की भूख ने अब वन्यजीवों के साथ 'पशु क्रूरता' को बढ़ावा देना शुरू कर दिया है।



​क्या सो रहा है वन विभाग

​इस पूरी घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीणों ने न तो पुलिस को सूचित किया और न ही सरिस्का प्रशासन को। वन विभाग की टीम को इस मामले की जानकारी तब मिली जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब जागरूक नागरिक और वन्यजीव प्रेमी इन ग्रामीणों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



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