पायलट ने SIR पर आयोग के तौर-तरीकों को बताया संदिग्ध, वोट चोरी की जांच नहीं करवाने पर उठाए सवाल

Mukesh Sharma | Nov 11, 2025, 18:24 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने एसआईआर पर निर्वाचन आयोग के तौर-तरीके को संदिग्ध बताते हुए कई सवाल उठाए हैं। पायलट का कहना है कि आयोग ने प्रमाण के बावजूद 25 लाख वोट चोरी की जांच नहीं करवाई। वहीं भजनलाल सरकार भी खो चुकी है जनता का विश्वास।

Ajmer. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को संदिग्ध बताया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर पारदर्शी तरीके से और बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के होनी चाहिए, क्योंकि यदि कोई वोट देने वाला वोट देने के अधिकार से वंचित होता है तो यह सीधा-सीधा लोकतंत्र पर हमला है।



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जनता को मिलना चाहिए पर्याप्त समय

पयलट ने कहा कि वोट देने का अधिकार रखने वालों के नाम ना कटें और वोटर लिस्ट पॉलिटिकल पार्टियों के साथ शेयर की जानी चाहिए। पायलट मंगलवार को अजमेर में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पत्नी की मृत्यु पर शोक जताने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को दस्तावेज देने का इतना समय तो देना ही चाहिए, जिसमें जनता को पर्याप्त समय मिले।



निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली संदिग्ध

पायलट ने कहा कि बिहार में लाखों लोगों के नाम काटने की सूचना है। एक-एक मकान में डेढ़ सौ, दो सौ या ढाई सौ लोगों के नाम जोड़े गए हैं। जो लोग जिंदा हैं, उन्हें मृत दिखाया है और मरे हुए लोगों के नाम जोड़े हैं। यह देखना होगा कि एसआईआर के बहाने निर्वाचन आयोग कोई पॉलिटिकल एजेंडा नहीं साधे।



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फुटेज नष्ट करना चिंता का विषय

राजस्थान में संगठन के माध्यम से देखेंगे कि वोटर लिस्ट की जांच कर सकें, ताकि बिना कारण वोटर के नाम नहीं कटें। बंगाल व तमिलनाडु सहित हर राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं। निर्वाचन आयोग ऐसी संस्था है, जिस पर लोगों की आस्था टिकी हुई है। चुनाव में वोटर लिस्ट शेयर नहीं करना तथा 45 दिन में बिना कारण सीसीटीवी फुटेज नष्ट करना चिंता का विषय है।



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कांग्रेस कार्यकर्ता करेंगे काम

पायलट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर वोटर के नाम जुड़वाएंगे और गलत नाम हटवाएंगे। निर्वाचन आयोग जो कार्रवाई अब तक की है, वह न तो निष्पक्ष है और ना ही पारदर्शी है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके आंकड़ों व प्रमाण के आधार पर साबित किया है कि हरियाणा में 25 लाख वोट की चोरी हुई है। आयेाग ने अब तक इस पर कोई जांच करने की बात नहीं की है।



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जनता व पॉलिटिकल पार्टी को विश्वास में लें

राजस्थान में वन स्टेट वन इलेक्शन पर पायलट ने कहा कि इस पर अभी चर्चाएं हो रही हैं। कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं है। सरकार जो भी करती है, वह जनता और राजनीतिक दलों को विश्वास में लेकर करना चाहिए। सरकार केवल विज्ञापन व भाषण और भ्रम फैलाने में लगी हैं। धरातल पर काम बिल्कुल नहीं हो रहे हैं। राजस्थान में दो साल में ही सरकार ने अपना विश्वास खो दिया है।



पता नहीं सरकार चला कौन रहा

राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होने पर पायलट ने कहा कि पता ही नहीं कि हो क्या रहा है? कौन सरकार चला रहा है। अभी सीएस को बदला गया है। बहुत दिनों बाद देखा है ऐसा। यहां अफसरशाही और राजनीतिक लोगों के बीच खिंचाव है। इतने सारे सत्ता के केंद्र बने हुए हैं। दो साल में जनता को पूरी तरह इस सरकार ने निराश किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण व विकास के काम ठप पड़े हैं।



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बिहार में बदलाव की आशा

पायलट ने कहा कि बिहार चुनाव में पहले चरण में महागठबंधन को बढ़त मिली है। बिहार के लोग बदलाव चाहते हैं। भाजपा और जेडीयू पहले साथ आए, फिर अलग हो गए और फिर साथ आए। अब आगे का पता नहीं। गठबंधन में हमने लोकसभा चुनाव साथ लड़ा है। कांग्रेस, आरजेडी, माले और वीआईपी ने मिलकर चुनाव लड़ा है। 14 नवंबर को परिणाम आएंगे तो मुझे पूरा विश्वास है कि महागठबंधन पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।



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