SMS अस्पताल में गठिया मरीजों की आफत, 150 की भीड़ में 50 को इलाज नहीं

Jyoti Mahender Bhardwaj | Sept 18, 2026, 17:20 IST
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SMS अस्पताल की रूमेटोलॉजी ओपीडी में मिसमैनेजमेंट
SMS अस्पताल की रूमेटोलॉजी ओपीडी में मिसमैनेजमेंट

राजस्थान के जयपुर SMS अस्पताल की रूमेटोलॉजी ओपीडी में रोज 150 से ज्यादा मरीज पहुंचते हैं, लेकिन 50 मरीजों को भी इलाज नहीं मिल रहा। प्रशासन सातों दिन ओपीडी चलाने की तैयारी में है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • SMS अस्पताल में गठिया मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार
  • सुबह पांच बजे लाइन, फिर भी इलाज मिलना मुश्किल
  • रूमेटोलॉजी ओपीडी में मरीज ज्यादा, डॉक्टर कम
  • 150 मरीज पहुंचते हैं, 50 को भी इलाज नहीं
  • सातों दिन ओपीडी चलाने की तैयारी में अस्पताल प्रशासन
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल की रूमेटोलॉजी ओपीडी में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गठिया रोग से जुड़ी समस्याओं के उपचार के लिए रोजाना 150 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध व्यवस्था के कारण 50 मरीजों को भी इलाज नहीं मिल पाने की बात सामने आई है।

मरीजों की संख्या और डॉक्टरों की उपलब्धता के बीच अंतर होने से ओपीडी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज सुबह जल्दी अस्पताल पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें उपचार मिलने की गारंटी नहीं होती।

रूमेटोलॉजी ओपीडी सप्ताह में केवल तीन दिन चलती है। फिलहाल सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को मरीजों को देखने की व्यवस्था है। बाकी दिनों में मरीजों को अगले ओपीडी दिवस का इंतजार करना पड़ता है।

सुबह पांच बजे से लगती है लाइन

रूमेटोलॉजी विभाग में दिखाने के लिए मरीजों की परेशानी सुबह से ही शुरू हो जाती है। मरीज सुबह करीब पांच बजे ओपीडी रजिस्ट्रेशन के बाहर लाइन में लगना शुरू कर देते हैं।

सुबह छह बजे तक यहां करीब 200 मरीजों की कतार लगने का दावा किया गया है। भीड़ बढ़ने के बाद धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति बनने की बात भी सामने आई है।

खास बात यह है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर सुबह 7:30 बजे खुलता है। इसके बावजूद मरीज कई घंटे पहले पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं। इससे मरीजों और उनके परिजनों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

गठिया जैसे रोगों से परेशान मरीजों के लिए इतनी देर तक खड़े रहना अतिरिक्त परेशानी पैदा कर सकता है। हालांकि, मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति और व्यक्तिगत समस्याओं की अलग-अलग जानकारी उपलब्ध नहीं है।

सप्ताह में तीन दिन चलती है ओपीडी

SMS अस्पताल की रूमेटोलॉजी ओपीडी में फिलहाल तीन डॉक्टर कार्यरत बताए गए हैं। विभाग की ओपीडी सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होती है।

रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इसके मुकाबले मरीजों को देखने की व्यवस्था सीमित है। इसी वजह से सभी मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाने की शिकायत सामने आई है।

मरीजों की भीड़ को देखते हुए ओपीडी के संचालन के दिनों को बढ़ाने का सुझाव सामने आया है। यदि ओपीडी सप्ताह में सातों दिन चलती है, तो मरीजों की संख्या अलग-अलग दिनों में बांटी जा सकती है।

हालांकि, केवल ओपीडी के दिन बढ़ाने से व्यवस्था पूरी तरह सुधरेगी या नहीं, यह डॉक्टरों की उपलब्धता और मरीजों की संख्या पर निर्भर करेगा।

दूसरे विभागों में मरीजों की संख्या ज्यादा

अस्पताल के अन्य विभागों में भी रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। न्यूरोलॉजी और एंडोक्राइनोलॉजी विभागों में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज आने की जानकारी दी गई है।

इन विभागों में ओपीडी खत्म होने तक मरीजों को देखने की व्यवस्था होने का दावा किया गया है। इससे मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद प्रबंधन बेहतर रहने की बात कही गई है।

जनरल मेडिसिन विभाग में रोजाना औसतन 700 से 800 मरीजों की पर्चियां बनने की जानकारी सामने आई है। वहीं, ऑप्थल्मोलॉजी और स्किन विभागों में करीब 300 से 500 मरीज प्रतिदिन पहुंचते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इन विभागों में डॉक्टर दोपहर दो बजे तक उपलब्ध रहते हैं। आखिरी समय तक मरीजों को देखने की व्यवस्था होने की बात कही गई है।

रूमेटोलॉजी में दोपहर से पहले डॉक्टर चले जाते हैं

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूमेटोलॉजी विभाग के डॉक्टर सुबह करीब 12 बजे तक 35 से 40 मरीजों को देखने के बाद अपनी सीट छोड़ देते हैं।

यही स्थिति मरीजों की परेशानी का प्रमुख कारण बताई जा रही है। मरीज सुबह से लाइन में लगते हैं, लेकिन सीमित संख्या में मरीजों की जांच के बाद ओपीडी बंद हो जाती है।

हालांकि, डॉक्टरों के काम के समय, मरीज देखने की आधिकारिक क्षमता और ओपीडी समाप्त करने के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। अस्पताल प्रशासन से इन बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली जानी चाहिए।

सातों दिन ओपीडी चलाने की तैयारी

SMS अस्पताल के अतिरिक्त अधीक्षक और मीडिया प्रवक्ता डॉ. प्रदीप शर्मा ने मामले पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रूमेटोलॉजी ओपीडी में जगह कम है और मरीजों की संख्या ज्यादा रहती है।

उनके अनुसार, मरीजों को देखने में अधिक समय लगता है। इसी वजह से ओपीडी में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

डॉ. शर्मा ने बताया कि अस्पताल प्रशासन अब रूमेटोलॉजी ओपीडी को सप्ताह में सातों दिन चलाने की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य मरीजों की परेशानी कम करना और इलाज की सुविधा बढ़ाना है।

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो मरीजों को उपचार के लिए कम इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, इसके लिए डॉक्टरों की ड्यूटी, ओपीडी स्थान और रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में बदलाव जरूरी होगा।

मरीजों के लिए क्या बदलेगा

सप्ताह में सातों दिन ओपीडी शुरू होने से मरीजों को अतिरिक्त दिन इलाज का विकल्प मिल सकता है। इससे एक ही दिन बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने का दबाव कम हो सकता है।

इसके अलावा, अस्पताल को रजिस्ट्रेशन काउंटर, बैठने की व्यवस्था और मरीजों की जांच प्रक्रिया पर भी ध्यान देना होगा। सुबह जल्दी लगने वाली कतारों को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है।

मरीजों को समय पर उपचार देने के लिए डॉक्टरों की संख्या और उपलब्ध समय का आकलन भी करना होगा। अस्पताल प्रशासन की प्रस्तावित योजना कब लागू होगी, इसकी तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।

फिलहाल, रूमेटोलॉजी ओपीडी में मरीजों की भीड़ और सीमित उपचार व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने सातों दिन ओपीडी चलाने की तैयारी की जानकारी दी है। इस फैसले के लागू होने के बाद ही मरीजों को वास्तविक राहत मिलने की स्थिति स्पष्ट होगी।

FAQ.

सवाल 1: SMS अस्पताल की रूमेटोलॉजी ओपीडी कितने दिन चलती है?

फिलहाल रूमेटोलॉजी ओपीडी सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को संचालित होती है।

सवाल 2: रूमेटोलॉजी ओपीडी में रोज कितने मरीज पहुंचते हैं?

रिपोर्ट के अनुसार, रोजाना 150 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।

सवाल 3: अस्पताल प्रशासन क्या बदलाव करने जा रहा है?

अस्पताल प्रशासन रूमेटोलॉजी ओपीडी को सप्ताह में सातों दिन चलाने की तैयारी कर रहा है।

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