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Photograph: (the sootr)
News in Short
जोधपुर जेल में सोनम वांगचुक की तबियत बिगड़ी, दूषित पानी के कारण पेट दर्द की शिकायत थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें जोधपुर एम्स में मेडिकल जांच के लिए भेजा गया।
उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर स्वास्थ्य पर चिंता जताई थी।
एम्स में उनकी जांच के दौरान गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मौजूद थी।
वांगचुक की गिरफ्तारी लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शन के दौरान की गई थी।
News in Detail
राजस्थान में जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और समाज सुधारक सोनम वांगचुक की तबियत बिगड़ गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शनिवार को उन्हें इलाज के लिए जोधपुर एम्स (AIIMS) लाया गया। दूषित पानी से पेट में दर्द और पाचन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ा।
उनकी पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उनकी सेहत के बारे में चिंता जताई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन्हें जोधपुर एम्स में मेडिकल जांच के लिए लाया गया। यहां उनकी जांच के बाद रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी । इसके आधार पर इलाज या अन्य निर्णय लिए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आगमो ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें जेल में उनके पति के स्वास्थ्य पर चिंता जताई गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि दूषित पानी और जेल में अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण उनकी सेहत खराब हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जेल प्रशासन को आदेश दिया कि वांगचुक की स्वास्थ्य जांच की जाए और रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए।
दूषित पानी के कारण पेट दर्द
जानकारी के अनुसार, वांगचुक को कुछ दिनों से पेट में तेज दर्द और पाचन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। यह समस्या दूषित पानी के सेवन से उत्पन्न हुई, जिसे उन्होंने जेल में पी था। इसके बाद, शनिवार सुबह उन्हें करीब 6:30 बजे कड़ी सुरक्षा में पुलिस की टुकड़ी द्वारा एम्स ले जाया गया। यहां, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनके विभिन्न मेडिकल टेस्ट किए।
सुरक्षा के बीच मेडिकल चेकअप
सोनम वांगचुक की लोकप्रियता और मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, एम्स परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा कारणों से, उन्हें अस्पताल जल्दी सुबह लाया गया ताकि आम मरीजों को असुविधा न हो और सुरक्षा में कोई चूक न हो। वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट अब सीधे सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी, और उसके आधार पर कोर्ट उनके इलाज या जेल में सुधार की दिशा में निर्णय ले सकता है।
वांगचुक की गिरफ्तारी क्यों हुई
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक हाल ही में लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर चर्चा में थे। लद्दाख में हुई हिंसक घटनाओं के बाद उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (RASA) के तहत कार्रवाई की गई और उन्हें जोधपुर जेल भेजा गया था। इस गिरफ्तारी ने उन्हें और उनके समर्थकों को राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सोचने के लिए मजबूर किया।
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