राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए तैयार, हाई कोर्ट में जवाब-सरकार के आदेश पर निर्भर
राजस्थान विश्वविद्यालय ने छात्रसंघ चुनाव के संबंध में राजस्थान हाई कोर्ट में अपना जवाब पेश किया है, जिसमें उसने कहा कि चुनाव कराना राजस्थान सरकार के आदेश पर निर्भर करेगा। विश्वविद्यालय का कहना है कि अगर राज्य सरकार चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करती है, तो वह छात्रसंघ चुनाव करवा सकता है।
हाई कोर्ट का सवाल : एमपी-एमएलए के चुनाव हो सकते हैं, तो छात्रसंघ चुनाव क्यों नहीं?
सरकार की मंशा के अनुसार होगा चुनाव
राजस्थान विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि छात्रसंघ चुनाव के आयोजन के लिए सरकार की मंशा के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पिछली सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू होने का हवाला देते हुए छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी थी। हालांकि छात्रों ने इसे लेकर आंदोलन किया और चुनाव की बहाली की मांग की। अब यह मामला उच्च न्यायालय में है, और सरकार की तरफ से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया गया है।
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छात्रसंघ चुनाव पर महत्वपूर्ण बिंदु
- चुनाव राज्य सरकार के आदेश पर होंगे
- पिछली सरकार ने नई शिक्षा नीति का हवाला दिया था
- उच्च न्यायालय में 3 सितंबर को अगली सुनवाई
राज्य सरकार का रुख
- चुनाव न कराने का समर्थन
- कुलगुरुओं की सिफारिश पर जवाब पेश
- सरकार की मंशा चुनाव पर निर्णय के लिए महत्वपूर्ण
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यूनिवर्सिटी का समर्थन
राजस्थान विश्वविद्यालय ने सरकार के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करने का अधिकार सरकार के पास है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि अगर राज्य सरकार चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करती है, तो विश्वविद्यालय को चुनाव आयोजित करने में कोई दिक्कत नहीं होगी। यह स्थिति छात्रसंघ चुनाव के पुनः आयोजन की संभावनाओं को लेकर छात्रों में उम्मीद जगाती है।
विश्वविद्यालय का रुख
- सरकार के पक्ष का समर्थन
- चुनाव नोटिफिकेशन का अधिकार सरकार के पास
- विश्वविद्यालय चुनाव कराने के लिए तैयार
FAQ
- Q1: राजस्थान विश्वविद्यालय ने हाईकोर्ट में क्या जवाब पेश किया है?
राजस्थान विश्वविद्यालय ने हाई कोर्ट में जवाब दिया है कि छात्रसंघ चुनाव के लिए जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। विश्वविद्यालय चुनाव कराने के लिए तैयार है, यदि सरकार नोटिफिकेशन जारी करती है। - Q2: पिछली सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर क्यों रोक लगाई थी?
पिछली सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू होने का हवाला देते हुए छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाई थी, जिसके बाद छात्रों ने चुनाव की बहाली के लिए आंदोलन किया था। - Q3: उच्च न्यायालय में इस मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर 2025 को होगी, जिसमें छात्रसंघ चुनाव के आयोजन को लेकर राज्य सरकार का फैसला सुना जाएगा।
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