पेपर लीक मामला: सस्पेंड व्याख्याता ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट से एसओजी पर उठाए सवाल

Purshottam Kumar Joshi | Feb 05, 2026, 12:49 IST
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manohar bhadu
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में पेपल लीक मामले में आरोपी सस्पेंड व्याख्याता मनोहर लाल भादू ने जयपुर में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। भादू ने सुसाइड नोट में एसओजी के जांच अधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाए थे।

News in Short

  • राजस्थान में जयपुर के महेश नगर इलाके में सस्पेंड व्याख्याता मनोहर लाल भादू ने आत्महत्या की।
  • आत्महत्या से पहले भेजे गए सुसाइड नोट में आरोपों और आर्थिक संकट की चर्चा की।
  • मनोहर भादू जालोर जिले के सांचौर के रहने वाले थे, और लंबे समय से महेश नगर में रह रहे थे।
  • सुसाइड नोट में उन्होंने अपने परिवार की मदद करने की अपील की और जीवन की कठिनाइयों का जिक्र किया।
  • एसएचओ सुरेश यादव ने कहा कि शव को अस्पताल में रखवा दिया गया है और जांच जारी है।

News in Detail

राजस्थान में जालोर के सांचौर निवासी सस्पेंड व्याख्याता मनोहर लाल भादू ने जयपुर में ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर ली। मनोहर लाल भादू पेपर लीक मामले में डमी कैंडिडेट के आरोप में संस्पेंड किया गया था। सुसाइड से पहले भादू ने एक लैटर लिखकर अपने दोस्तों को वाट्सऐप पर भेजा था। इस सुसाइड लैटर के वायरल होने के बाद एसओजी के जांच अधिकारियों पर कई सवाल उठ रहे है। पुलिस अधिकारी अब पूरे मामले की जांच कर रहे है।

सुसाइड नोट में लिखा दर्द

मनोहर ने आत्महत्या से पहले अपने दोस्तों को एक सुसाइड नोट भेजा था, जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति और जीवन में चल रही समस्याओं का उल्लेख किया था। उन्होंने लिखा, "हाथ कांप रहे हैं, लेखनी ठहर रही है, या कलम की स्याही खत्म हो रही है, वो ईश्वर जानता है। मैं अकेला था, लेकिन गलत तरीके से लगे आरोप सहन नहीं हो पा रहे थे।" उन्होंने अपने परिवार के 20 सदस्यों का हवाला दिया और लिखा कि वह खर्चों के कारण अपने दोस्तों से उधार लेकर जी रहे थे।

आरोपों का बोझ

मनोहर के अनुसार, उन्हें गलत तरीके से आरोपों में फंसाया गया था। उन्होंने पहले भी कई आरोपों का सामना किया था। लेकिन उन पर किसी का असर नहीं पड़ा। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख था कि 4 सालों से वह दोस्तों से उधार लेकर जीवन यापन कर रहे थे और कोर्ट की तारीखों के बीच अपने जीवन को संभाल रहे थे।

पुलिस का बयान

महेश नगर थाना के एसएचओ सुरेश यादव ने कहा कि शव को एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया गया है। उन्होंने कहा, "मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन वायरल सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।"

आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव

मनोहर के आत्महत्या के पीछे के कारणों का संकेत उनके सुसाइड नोट से मिलता है। उन्होंने जीवन की कठिनाइयों, आरोपों और उधारी के दबाव का जिक्र किया है। उनका कहना था कि आर्थिक तंगी के कारण वह बहुत समय से दोस्तों से उधार लेकर अपनी जिंदगी चला रहे थे और कोर्ट की तारीखों पर खर्च हो रहे पैसे भी एक और परेशानी थी।

अब आगे क्या ?

मनोहर लाल भादू की आत्महत्या एक दुखद घटना है जो जीवन में आर्थिक संकट और मानसिक दबाव के प्रभाव को दर्शाती है। उनके सुसाइड नोट ने यह स्पष्ट किया कि वह लंबे समय से कठिनाइयों का सामना कर रहे थे, और उनके लिए यह बोझ अब सहन करना संभव नहीं था। पुलिस जांच कर रही है, और इस घटना को लेकर अधिक जानकारी मिलना अभी बाकी है।

मनोहर भादू का यह था पूरा मामला

  • जालोर जिले के सांचौर निवासी और जयपुर में निलंबित व्याख्याता मनोहर लाल भादू ने बुधवार 4 फरवरी 2026 शाम को अर्जुन नगर रेलवे फाटक (महेश नगर) के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
  • मरने से पहले उन्होंने अपने दोस्तों को एक भावुक और सनसनीखेज सुसाइड नोट भेजा, जिसमें उन्होंने राजस्थान पुलिस और SOG (Special Operations Group) के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सुसाइड नोट में मनोहर के पुलिस पर गम्भीर आरोप

सुसाइड नोट में मनोहर लाल भादू ने पुलिस प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए लिखा:

  • "मैं मरा नहीं हूं, पुलिस ने मेरी इरादतन हत्या की है": उन्होंने पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा कि वे आत्महत्या नहीं कर रहे बल्कि पुलिस के तंत्र ने उन्हें जानबूझकर इस कदम के लिए मजबूर किया है।
  • एसओजी पर आरोप: उन्होंने लिखा कि "एसओजी के जोशीले तेवर ने मुझे उस भट्‌ठी में डाल दिया, जहां रोज नए खुलासे हो रहे थे।" उन्होंने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी मुकेश सोनी और श्याम सुंदर बिश्नोई ने उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की और उन्हें झूठे मामलों में घसीटा।
  • मानसिक और आर्थिक तनाव: मनोहर ने बताया कि वे निर्दोष थे और 2022 से पहले की कुछ छोटी गलतियों के लिए उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। बार-बार कोर्ट की तारीखों और आर्थिक तंगी ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया था।
    भावुक संदेश: पत्र के अंत में उन्होंने लिखा कि उनके हाथ कांप रहे हैं और कलम की स्याही खत्म हो रही है। उन्होंने अपने दोस्तों से अपील की कि उनके पीछे उनके परिवार और तीन बच्चों की मदद करें।

मनोहर लाल भादू पर यह था आरोप

  • डमी कैंडिडेट और धोखाधड़ी का आरोप: मनोहर लाल भादू पर आरोप था कि वे शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में अन्य अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा में बैठते थे। सितंबर 2021 में उन्हेंस्वयं की परीक्षा देते हुएपहली बार पकड़ा गया था, जिसके बाद उन पर एक के बाद एक कुलतीन चार्जशीटपेश की गई थीं।
  • SOG की जांच में नाम: राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ चल रही जांच में उनसे पूछताछ कर रही थी।
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