राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार 236 गंभीर अपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी
Rahul Garhwal | Nov 19, 2023, 24:00 IST
राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार 236 गंभीर अपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी
राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार 236 गंभीर अपराधिक मामलों वाले प्रत्याशी उतरे हैं।
मनीष गोधा, JAIPUR. राजस्थान के चुनाव में इस बार बाहुबलियों की अच्छी खासी संख्या है और पिछले चुनाव के मुकाबले इनमें बढ़ोतरी ही हुई है। राजस्थान इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ओर से प्रत्याशियों के अपराधिक और सम्पत्ति के आधार पर किए गए विश्लेषण में सामने आया है कि राजस्थान में इस बार 236 (13 प्रतिशत) ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनके खिलाफ गम्भीर अपराधिक मामले जैसे बलात्कार, हत्या, हत्या का प्रयास जैसे मामले दर्ज है। वहीं 326 (17 प्रतिशत) ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनके खिलाफ सामान्य अपराधिक मामले दर्ज हैं।
1875 प्रत्याशियों के शपथ पत्रों के आधार पर तैयार रिपोर्ट
इलेक्शन वॉच और एडीआर द्वारा राजस्थान में चुनाव लड़ रहे 1875 प्रत्याशियों के शपथ पत्रों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में प्रत्याशियों की आयु और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का भी विश्लेषण किया गया है।
पिछली बार के मुकाबले बढ़े अपराधी प्रत्याशी
देश का सुप्रीम कोर्ट भले ही चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को दूर रखने की बात कह रहा हो, लेकिन राजनीतिक दलों पर इसका कोई असर नहीं है। यही कारण है कि पिछले चुनाव के मुकाबले अपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों की संख्या बढ़ी हुई दिख रही है। पिछले चुनाव में 15 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने ऊपर अपराधिक मामले घोषित किए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या 17 प्रतिशत है। वहीं गम्भीर अपराधिक मामलों वाले प्रत्याशियों की संख्या पिछले चुनाव में 195 (9 प्रतिशत) थी, जो इस बार बढ़कर 236 यानी 13 प्रतिशत हो गई है।
राजस्थान में इस बार चुनाव लड़ रहे 36 प्रत्याशियों ने अपने ऊपर महिला के साथ अत्याचार के मामले घोषित किए हैं। वहीं एक प्रत्याशी ने बलात्कार का मामला भी घोषित किया है। इसके साथ ही 4 उम्मीदवारों ने हत्या और 34 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना घोषित किया है।
1875 प्रत्याशियों के शपथ पत्रों के आधार पर तैयार रिपोर्ट
इलेक्शन वॉच और एडीआर द्वारा राजस्थान में चुनाव लड़ रहे 1875 प्रत्याशियों के शपथ पत्रों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है। रिपोर्ट में प्रत्याशियों की आयु और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का भी विश्लेषण किया गया है।
पिछली बार के मुकाबले बढ़े अपराधी प्रत्याशी
देश का सुप्रीम कोर्ट भले ही चुनाव में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को दूर रखने की बात कह रहा हो, लेकिन राजनीतिक दलों पर इसका कोई असर नहीं है। यही कारण है कि पिछले चुनाव के मुकाबले अपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों की संख्या बढ़ी हुई दिख रही है। पिछले चुनाव में 15 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने ऊपर अपराधिक मामले घोषित किए थे, जबकि इस बार इनकी संख्या 17 प्रतिशत है। वहीं गम्भीर अपराधिक मामलों वाले प्रत्याशियों की संख्या पिछले चुनाव में 195 (9 प्रतिशत) थी, जो इस बार बढ़कर 236 यानी 13 प्रतिशत हो गई है।
- हर दल में बढ़े अपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशी
- बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने ही आपराधिक पृष्ठभूमि वाले प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं और इनमें पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़ोतरी भी हुई है। बीजेपी में ऐसे प्रत्याशियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
- बीजेपी में पिछली बार सामान्य आपराधिक मामलों वाले 33 प्रत्याशी थे, इस बार 61 हो गए हैं।
- कांग्रेस में ऐसे प्रत्याशियों की संख्या पिछली बार 43 थी, जबकि इस बार 47 है।
- राजनीति को साफ करने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी ने भी 18 प्रत्याशियों को टिकट दिए हैं, जिनकी अपराधिक पृष्ठभूमि है। हालांकि इनकी संख्या पिछली बार से कम है।
राजस्थान में इस बार चुनाव लड़ रहे 36 प्रत्याशियों ने अपने ऊपर महिला के साथ अत्याचार के मामले घोषित किए हैं। वहीं एक प्रत्याशी ने बलात्कार का मामला भी घोषित किया है। इसके साथ ही 4 उम्मीदवारों ने हत्या और 34 उम्मीदवारों ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज होना घोषित किया है।
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