राजस्थान के टोंक जिले में एक अलग तरह का मामला सामने आया है। भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने कंबल वितरण कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिलाओं से यह कह कर कंबल वापस ले लिया कि जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर गलत टिप्पणी करते हैं, उन्हें कंबल लेने का अधिकार नहीं है। इस मामले का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
यह मामला टोंक के निवाई क्षेत्र के करेड़ा बुजुर्ग गांव का है। बताया जाता है कि पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया यहां सीताराम जी मंदिर एक कार्यक्रम में जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर रहे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था और वे महिलाओं को कंबल बांट रहे थे। ​विवाद तब शुरू हुआ, जब कंबल लेने आई महिलाओं में से एक महिला से पूर्व सांसद ने उसका नाम पूछा। नाम सुनते ही जौनपुरिया के तेवर बदल गए।
ऐसे लोगों को कंबल लेने का हक नहीं
​वीडियो में पूर्व सांसद को यह कहते सुना जा सकता है कि जो मोदी को गलत कहता है, उसे ये कंबल लेने का हक ही नहीं है। इसके बाद उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए महिलाओं के हाथ से कंबल वापस ले लिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कंबल यहीं छोड़ दो और यहां से चले जाओ।
कार्यक्रम से चली गईं महिलाएं
​महिलाओं का आरोप है कि उन्हें पहले कंबल दे दिए गए थे, लेकिन जैसे ही उनकी धार्मिक पहचान का पता चला, उनसे कंबल छीन लिए गए। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और महिलाओं ने अपमानित महसूस करते हुए वहां से जाना ही बेहतर समझा।
​पूर्व सांसद की सफाई: यह सरकारी कार्यक्रम नहीं
​विवाद बढ़ता देख पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मेरा व्यक्तिगत कार्यक्रम था, कोई सरकारी योजना का लाभ नहीं बांटा जा रहा था। मैं अपने निजी कोष से मदद कर रहा था। अगर कोई व्यक्ति मेरे नेता और देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत टिप्पणी करेगा, तो मैं उसे अपनी निजी सहायता क्यों दूं।
भाजपा के पूर्व सांसद ने कम्बल वितरण करके एक गरीब महिला से धर्म पूछा फिर कंबल वापस लिया... आज टोंक जिले के निवाई तहसील के ग्राम करेड़ा बुजुर्ग में पूर्व टोंक सांसद सुखवीर सिंह जौनपुरिया पहुंचे थे जहां उन्होंने कंबल वितरण के दौरान मुस्लिम महिला को बेइज्जत किया, पहले कंबल वितरण करके… pic.twitter.com/85or8P7Gbo
इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्ष ने भाजपा पर हमला बोल दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मदद करते समय धर्म या राजनीतिक विचारधारा देखना संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक है। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि एक जन प्रतिनिधि को इस तरह का व्यवहार शोभा नहीं देता।
सांसद हरीश चन्द्र मीना ने लिखा पीएम को लेटर
सवाई माधोपुर लोकसभा सांसद हरीश चन्द्र मीना जी ने निवाई क्षेत्र के ग्राम करेडा बुजुर्ग में घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स एवं वायरल वीडियो के अनुसार पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया द्वारा कंबल वितरण जैसे सेवा कार्यक्रम को भी साम्प्रदायिक भेदभाव का माध्यम बनाते हुए मुस्लिम महिलाओं से उनका धर्म पूछकर कंबल वापस ले लिया गया तथा राजनीतिक टिप्पणी की गई।
पूर्व भाजपा सांसद ने मुस्लिम महिलाओं से वापस लिए कंबल, बोले-जो मोदी को गलत कहते हैं, उन्हें हक नहीं
पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने एक कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं को दिए कंबल वापस ले लिए हैं। यह मामला राजस्थान के टोंक जिले का है।
Photograph: (the sootr)
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राजस्थान के टोंक जिले में एक अलग तरह का मामला सामने आया है। भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने कंबल वितरण कार्यक्रम में एक मुस्लिम महिलाओं से यह कह कर कंबल वापस ले लिया कि जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर गलत टिप्पणी करते हैं, उन्हें कंबल लेने का अधिकार नहीं है। इस मामले का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
​क्या है पूरा मामला
यह मामला टोंक के निवाई क्षेत्र के करेड़ा बुजुर्ग गांव का है। बताया जाता है कि पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया यहां सीताराम जी मंदिर एक कार्यक्रम में जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर रहे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था और वे महिलाओं को कंबल बांट रहे थे। ​विवाद तब शुरू हुआ, जब कंबल लेने आई महिलाओं में से एक महिला से पूर्व सांसद ने उसका नाम पूछा। नाम सुनते ही जौनपुरिया के तेवर बदल गए।
ऐसे लोगों को कंबल लेने का हक नहीं
​वीडियो में पूर्व सांसद को यह कहते सुना जा सकता है कि जो मोदी को गलत कहता है, उसे ये कंबल लेने का हक ही नहीं है। इसके बाद उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए महिलाओं के हाथ से कंबल वापस ले लिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कंबल यहीं छोड़ दो और यहां से चले जाओ।
कार्यक्रम से चली गईं महिलाएं
​महिलाओं का आरोप है कि उन्हें पहले कंबल दे दिए गए थे, लेकिन जैसे ही उनकी धार्मिक पहचान का पता चला, उनसे कंबल छीन लिए गए। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और महिलाओं ने अपमानित महसूस करते हुए वहां से जाना ही बेहतर समझा।
​पूर्व सांसद की सफाई: यह सरकारी कार्यक्रम नहीं
​विवाद बढ़ता देख पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मेरा व्यक्तिगत कार्यक्रम था, कोई सरकारी योजना का लाभ नहीं बांटा जा रहा था। मैं अपने निजी कोष से मदद कर रहा था। अगर कोई व्यक्ति मेरे नेता और देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत टिप्पणी करेगा, तो मैं उसे अपनी निजी सहायता क्यों दूं।
विपक्ष बोला: संकीर्ण मानसिकता
इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्ष ने भाजपा पर हमला बोल दिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मदद करते समय धर्म या राजनीतिक विचारधारा देखना संकीर्ण मानसिकता का प्रतीक है। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर नाराजगी है कि एक जन प्रतिनिधि को इस तरह का व्यवहार शोभा नहीं देता।
सांसद हरीश चन्द्र मीना ने लिखा पीएम को लेटर
सवाई माधोपुर लोकसभा सांसद हरीश चन्द्र मीना जी ने निवाई क्षेत्र के ग्राम करेडा बुजुर्ग में घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता और कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स एवं वायरल वीडियो के अनुसार पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया द्वारा कंबल वितरण जैसे सेवा कार्यक्रम को भी साम्प्रदायिक भेदभाव का माध्यम बनाते हुए मुस्लिम महिलाओं से उनका धर्म पूछकर कंबल वापस ले लिया गया तथा राजनीतिक टिप्पणी की गई।
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