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Photograph: (the sootr)
News In Short
- राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधानसभा में दो साल बनाम पांच साल मुद्दे पर तकरार हुई।
- शांति धारीवाल ने बहिष्कार का विरोध करते हुए कांग्रेस को बहस में भाग लेने की सलाह दी।
- गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब कांग्रेस का पांच साल को प्रतिवेदन में शामिल नहीं किया गया तब बहस में भाग लेना उचित नहीं था।
- भाजपा विधायक सुभाष मील ने कहा कि भाजपा सरकार ने दो साल में 150 नए कॉलेज खोले जबकि कांग्रेस ने पांच साल में केवल 57
- कांग्रेस ने सदन में एकजुट होकर जनहित के मुद्दों को उठाने का निर्णय लिया।
News In Detail
राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में विधानसभा में 2 साल बनाम 5 साल मुद्दे को लेकर कांगेस के दो वरिष्ठ नेता आमने-सामने आ गए। पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के बीच काफी देर तक तकरार होती है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में विधानसभा की आगामी रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी।
वरिष्ठ नेताओं तकरार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल ने कहा कि कांग्रेस को 2 साल बनाम 5 साल मुद्दे पर बहस में भाग लेना चाहिए था। विधानसभा बहिष्कार सही कदम नहीं था। उनका मानना था कि पार्टी को अपने मुद्दों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए थी। इसके विपरीत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल को विधानसभा के प्रतिवेदन में शामिल नहीं किया गया तो बहस करने का कोई औचित्य नहीं था। इस दौरान धारीवाल और डोटासरा के बीच तीखी बहस भी हुई।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और लगभग 50 विधायक भी शामिल थे। बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि कांग्रेस सदन में एकजुट होकर जनहित के मुद्दे उठाएगी और सरकार से हर मुद्दे पर जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।
कांग्रेस की आगामी रणनीति
बैठक के बाद कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह अब सदन में सरकार के खिलाफ जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाएगी और सरकार से जवाबदेही मांगेगी। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष के रूप में कांग्रेस की भूमिका को मजबूती से निभाएगी और पार्टी की एकजुटता का संदेश जनता तक पहुंचाएगी।
भाजपा का पलटवार: 2 साल बनाम 5 साल
इससे पहले विधानसभा में भाजपा के विधायक सुभाष मील ने बहस में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में 150 नए कॉलेज खोले हैं जबकि कांग्रेस ने पांच साल में सिर्फ 57 कॉलेज ही खोले थे। मील ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने दो वर्षों में 17 महाविद्यालयों को पीजी कॉलेज में उन्नत किया है। इसके अलावा, भाजपा सरकार ने दो सालों में 21 पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले हैं, जबकि कांग्रेस शासन में पांच साल में केवल पांच पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले गए थे।
पहले भी हुई है दोनों नेताओ के बीच तकरार
पहले भी गहलोत सरकार के समय दोनों नेता एक दूसरे के बीच तकरार हो चुकी है। दरसअल कोविद के समय फ्री वैक्सीनेशन की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देना की बात को लेकर दोनों नेता आमने सामने आ गए थे। दोनों ने एक दूसरे को खरी खोटी सुनाई थी विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने देख लेने की धमकी तक दे दी थी। टकराव बढ़ता देख साथी मंत्रियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया था।
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