बंद हो जाएगी विद्या संबल योजना, 2500 सहायक आचार्यों की नौकरी पर तलवार

राजस्थान में एक बार फिर विद्या संबल योजना पर विराम लगाने जा रहा है। इस योजना के 600 कॉलेजों में कार्यरत करीब 2500 सहायक आचार्यों नौकरी पर संकट आ सकता है। सरकार की ओर से नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

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Ashish Bhardwaj
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vidhya sambal

Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • विद्या संबल योजना में कार्यरत 2500 सहायक आचार्यों की नौकरी पर संकट।
  • उच्च शिक्षा विभाग ने टीचिंग एसोसिएट पदों पर संविदा भर्ती की योजना बनाई।
  • सहायक आचार्य शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
  • आचार्य संघ ने सरकार से रोजगार गारंटी और सेवा की सुनिश्चितता की मांग की।
  • राज्य सरकार द्वारा अस्थाई भर्ती योजना से आचार्यों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।

News In Detail

राजस्थान के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शुरू की गई विद्या संबल योजना को बंद करने की तैयारी है। प्रदेश के 600 कॉलेजों में योजना के तहत काम रहे 2500 सहायक आचार्यों की नौकरी पर संकट आ सकता है। उच्च शिक्षा विभाग ने टीचिंग एसोसिएट के पदों पर संविदा भर्ती की योजना बनाई है, जो कर्मचारी चयन बोर्ड के जरिए की जाएगी। इससे विद्या संबल योजना के तहत कार्यरत आचार्यों को आशंका है कि उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है और वे बेरोजगार हो जाएंगे।

शहीद स्मारक पर विरोध प्रदर्शन

प्रदेशभर के सहायक आचार्य शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और अपनी चिंताओं को साझा किया। सहायक आचार्य डॉ. रामसिंह सामोता ने बताया कि उन्हें यूजीसी रेगुलेशन 2018  के तहत नियुक्ति दी गई थी। इसमें 100 अंकों का एपीआई स्कोर तैयार किया जाता है। इसमें पीएचडी, नेट, सेट, जेआरएफ, रिसर्च पेपर, अनुभव, और विभिन्न पुरस्कारों को शामिल किया गया है।

सरकार की नई भर्ती योजना

संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र सिंह यादव ने कहा कि राज्य सरकार विद्या संबल योजना के तहत कार्यरत आचार्यों को हटाकर पांच साल के लिए अस्थाई भर्ती कर रही है। इससे हजारों आचार्य बेरोजगार हो जाएंगे। प्रदेश महामंत्री डॉ. उपदेश शर्मा ने कहा कि राजस्थान पहला राज्य होगा जहां मेहनत करने वालों को इस तरह से बेइज्जत किया जा रहा है।

आचार्यों ने सरकार से मांग की है कि हरियाणा सरकार की तरह रोजगार गारंटी और सेवा की सुनिश्चितता प्रदान की जाए। इसके साथ ही, आचार्य चाहते हैं कि सरकार पहले कार्यरत आचार्यों की स्क्रीनिंग करके उनकी सेवा की सुनिश्चितता दे और फिर बचे हुए पदों पर स्थाई भर्ती करे।

वेतन और ट्रांसफर संबंधित समस्याएं

आचार्य संघ ने वेतन को लेकर भी सरकार से अनुरोध किया है कि वेतन नियमित रूप से मासिक आधार पर मिलना चाहिए, क्योंकि वेतन की अनियमितता एक गंभीर समस्या बन गई है। इसके अलावा, राजसेस के पदों पर कार्यरत आचार्यों के ट्रांसफर या डेपुटेशन से प्रभावित होने की स्थिति को भी लेकर संघ ने आपत्ति जताई है।

आचार्य संघ की प्रमुख मांगें 

रोजगार गारंटी: हरियाणा सरकार की तरह रोजगार गारंटी की प्रणाली लागू की जाए।

सेवा की सुनिश्चितता: पहले कार्यरत आचार्यों की स्क्रीनिंग की जाए और फिर बचे हुए पदों पर स्थाई भर्ती की जाए।

वेतन की अनियमितता: वेतन मासिक आधार पर नियमित रूप से दिया जाए।

ट्रांसफर और डेपुटेशन: आचार्यों को ट्रांसफर या डेपुटेशन से प्रभावित नहीं किया जाए।

क्या है विद्या संबल योजना

राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है। इसका उद्देश्य राज्य के सरकारी कॉलेजों में उच्च शिक्षा को सुदृढ़ बनाना और शिक्षकों की कमी को पूरा करना है। इस योजना के तहत, राज्य सरकार ने अस्थायी और संविदा आधार पर सहायक आचार्यों की भर्ती की है।

योजना का मुख्य उद्देश्य

शिक्षक की कमी को पूरा करना: सरकारी कॉलेजों में पढ़ाई के स्तर को बढ़ाने और शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए इस योजना के तहत शिक्षकों की नियुक्ति की जाती है।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना: योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करना और कॉलेजों में शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाना है।

अस्थायी भर्ती: इस योजना के तहत शिक्षकों को अस्थायी या संविदा पर नियुक्त किया जाता है, ताकि कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जा सके।

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