जमीन लेने के लिए केदार कश्यप ने बदली जाति, आदिवासी से सामान्य वर्ग के बने वन मंत्री, करोड़ों का खेल
जमीन लेने के लिए केदार कश्यप ने बदली जाति, आदिवासी से सामान्य वर्ग के बने वन मंत्री, करोड़ों का खेल

01 Oct 2026

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री केदार कश्यप ने जमीन के लिए बड़ा खेल किया है। कौड़ियों की जमीन को करोड़ों में तो बदला ही लेकिन इस जमीन के लिए केदार कश्यप ने अपनी जाति भी बदल ली। रायपुर विकास प्राधिकरण यानी आरडीए की दस्तावेजों में 23327 वर्ग फीट का प्लॉट राधिका पैलेस प्रायवेट लिमिटेड के नाम पर है। इस कंपनी की डायरेक्टर केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार में वन मंत्री केदार कश्यप ने जमीन के लिए बड़ा खेल किया है। कौड़ियों की जमीन को करोड़ों में तो बदला ही लेकिन इस जमीन के लिए केदार कश्यप ने अपनी जाति भी बदल ली। रायपुर विकास प्राधिकरण यानी आरडीए की दस्तावेजों में 23327 वर्ग फीट का प्लॉट राधिका पैलेस प्रायवेट लिमिटेड के नाम पर है। इस कंपनी की डायरेक्टर केदार कश्यप की पत्नी शांति कश्यप हैं।

तरंग शक्ति युद्धाभ्यास: अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमानों ने राफेल के साथ किया अभ्यास, आसमान में दिखा जंग जैसा नजारा
तरंग शक्ति युद्धाभ्यास: अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमानों ने राफेल के साथ किया अभ्यास, आसमान में दिखा जंग जैसा नजारा

01 Oct 2026

By Ashish Bhardwaj

भारत और अमेरिका के बीच तरंग शक्ति 2026 नामक युद्धाभ्यास, जोधपुर एयरबेस पर जारी है। राफेल, F-35, तेजस और सुखोई-30 MKI जैसे युद्धक विमानों ने इस अभ्यास में शामिल होकर एक नई मिसाल कायम की है। ये अभ्यास विभिन्न वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने का एक प्रयास है, जिसमें नाल, उतरलाई, जैसलमेर और फलोदी जैसे प्रमुख एयरबेस भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

भारत और अमेरिका के बीच तरंग शक्ति 2026 नामक युद्धाभ्यास, जोधपुर एयरबेस पर जारी है। राफेल, F-35, तेजस और सुखोई-30 MKI जैसे युद्धक विमानों ने इस अभ्यास में शामिल होकर एक नई मिसाल कायम की है। ये अभ्यास विभिन्न वायुसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने का एक प्रयास है, जिसमें नाल, उतरलाई, जैसलमेर और फलोदी जैसे प्रमुख एयरबेस भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

मध्य प्रदेश में हर दिन लापता हो रही 40 बच्चियां, अब तक नौ हजार से अधिक गायब, भोपाल-इंदौर समेत पांच जिले रेड जोन में
मध्य प्रदेश में हर दिन लापता हो रही 40 बच्चियां, अब तक नौ हजार से अधिक गायब, भोपाल-इंदौर समेत पांच जिले रेड जोन में

01 Oct 2026

By Amresh Kushwaha

मध्य प्रदेश में हर दिन 40 बच्चियां गायब हो रही हैं। यह खुलासा इस साल आठ महीने में पुलिस थानों में पहुंची शिकायतों से हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गुम होने वाले बच्चों में लड़कों के मुकाबले करीब तीन गुना बच्चियां हैं। एमपी में लापता लड़कियों का यह आंकड़ा इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में चिंता बढ़ा रहा है।

मध्य प्रदेश में हर दिन 40 बच्चियां गायब हो रही हैं। यह खुलासा इस साल आठ महीने में पुलिस थानों में पहुंची शिकायतों से हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गुम होने वाले बच्चों में लड़कों के मुकाबले करीब तीन गुना बच्चियां हैं। एमपी में लापता लड़कियों का यह आंकड़ा इंदौर, भोपाल समेत कई जिलों में चिंता बढ़ा रहा है।

1 अक्टूबर से बदल गए आधार से जुड़े ये नियम: UIDAI ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच बदलाव किए, अपडेट कराने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
1 अक्टूबर से बदल गए आधार से जुड़े ये नियम: UIDAI ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच बदलाव किए, अपडेट कराने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

01 Oct 2026

By Arohi Raj

देश में अब चेहरा दिखाकर भी आधार की पहचान होगी। 1 अक्टूबर से आधार से जुड़े नियम बदल गए हैं। UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच अहम बदलाव किए हैं। इसका फायदा राशन बांटने में होने वाली गड़बड़ियां कम करने में होंगी। साथ ही आधार फेस रिकग्निशन से कार्ड धारकों के चेहरे की पहचान की जा सकेगी।

देश में अब चेहरा दिखाकर भी आधार की पहचान होगी। 1 अक्टूबर से आधार से जुड़े नियम बदल गए हैं। UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने आधार फेस रिकग्निशन समेत पांच अहम बदलाव किए हैं। इसका फायदा राशन बांटने में होने वाली गड़बड़ियां कम करने में होंगी। साथ ही आधार फेस रिकग्निशन से कार्ड धारकों के चेहरे की पहचान की जा सकेगी।

छत्तीसगढ़ में 3,057 करोड़ रुपए बर्बाद.. गांवों तक नहीं पहुंच पाया नेटवर्क, भारतनेट 2.0 फेल, अब तीसरे फेज की तैयारी
छत्तीसगढ़ में 3,057 करोड़ रुपए बर्बाद.. गांवों तक नहीं पहुंच पाया नेटवर्क, भारतनेट 2.0 फेल, अब तीसरे फेज की तैयारी

01 Oct 2026

By VINAY VERMA

छत्तीसगढ़ को डिजिटल बनाने के नाम पर भारतनेट 2.0 में करोड़ों रुपए खर्च हुए, फाइबर बिछा, उपकरण लगे और कनेक्टिविटी का दावा भी हुआ, लेकिन गांवों तक इंटरनेट की रफ्तार नहीं पहुंच पाई। अब हालत यह है कि जिस योजना से ग्रामीण इलाकों को तेज इंटरनेट से जोड़ने का सपना दिखाया गया था, उसी योजना की कमियां दूर करने के लिए तीसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है।

छत्तीसगढ़ को डिजिटल बनाने के नाम पर भारतनेट 2.0 में करोड़ों रुपए खर्च हुए, फाइबर बिछा, उपकरण लगे और कनेक्टिविटी का दावा भी हुआ, लेकिन गांवों तक इंटरनेट की रफ्तार नहीं पहुंच पाई। अब हालत यह है कि जिस योजना से ग्रामीण इलाकों को तेज इंटरनेट से जोड़ने का सपना दिखाया गया था, उसी योजना की कमियां दूर करने के लिए तीसरे चरण की तैयारी शुरू हो गई है।