NEWS STRIKE : बीजेपी की टेंशन, संघ का एक्शन प्लान! MP से जेन जी को साधने की तैयारी
NEWS STRIKE : बीजेपी की टेंशन, संघ का एक्शन प्लान! MP से जेन जी को साधने की तैयारी

03 Nov 2026

By Harish Divekar

आरएसएस का हेडऑफिस बेशक नागपुर है, लेकिन कामयाबी की प्रयोगशाला मध्यप्रदेश ही रहा है। जहां पहले संघ ने अपनी रीस्ट्रक्चरिंग पर फोकस किया और अब उसे परखने के लिए एमपी में ही जुटा है। एक एक्सपेरिमेंट के कनक्लूजन पर चर्चा हो रही है तो दूसरा एक्सपेरिमेंट शुरू करने की तैयारी है।

आरएसएस का हेडऑफिस बेशक नागपुर है, लेकिन कामयाबी की प्रयोगशाला मध्यप्रदेश ही रहा है। जहां पहले संघ ने अपनी रीस्ट्रक्चरिंग पर फोकस किया और अब उसे परखने के लिए एमपी में ही जुटा है। एक एक्सपेरिमेंट के कनक्लूजन पर चर्चा हो रही है तो दूसरा एक्सपेरिमेंट शुरू करने की तैयारी है।

इंदौर में भाजपा पदयात्रा से 6 घंटे जाम, जबलपुर में रास्ते बंद; अब भोपाल में आयोजन से पहले उठ रहे सवाल
इंदौर में भाजपा पदयात्रा से 6 घंटे जाम, जबलपुर में रास्ते बंद; अब भोपाल में आयोजन से पहले उठ रहे सवाल

03 Nov 2026

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश में भाजपा की पदयात्राओं के कारण यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इंदौर में पदयात्रा के दौरान करीब छह घंटे तक लोगों को जाम और बंद रास्तों से परेशानी हुई। वहीं, जबलपुर में सोमवार को आयोजित पदयात्रा के लिए कई रास्तों पर छह घंटे तक यातायात प्रतिबंध लागू रहे।

मध्य प्रदेश में भाजपा की पदयात्राओं के कारण यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इंदौर में पदयात्रा के दौरान करीब छह घंटे तक लोगों को जाम और बंद रास्तों से परेशानी हुई। वहीं, जबलपुर में सोमवार को आयोजित पदयात्रा के लिए कई रास्तों पर छह घंटे तक यातायात प्रतिबंध लागू रहे।

मध्यप्रदेश में 348 करोड़ मंजूर, फिर भी यूनिफॉर्म राशि का इंतजार, दीपावली से पहले सरकारी स्कूलों के अनुदान पर सवाल
मध्यप्रदेश में 348 करोड़ मंजूर, फिर भी यूनिफॉर्म राशि का इंतजार, दीपावली से पहले सरकारी स्कूलों के अनुदान पर सवाल

03 Nov 2026

By Ramanand Tiwari

एमपी सरकार ने 348 करोड़ मंजूर किए, लेकिन बच्चों तक गणवेश राशि नहीं पहुंचने की शिकायत है। सितंबर में फैसला हुआ, मगर नवंबर आते ही भुगतान की देरी सरकारी दावों पर भारी दिखी। दीपावली करीब है और स्कूलों की सफाई, पुताई तथा रखरखाव का अनुदान भी सवालों में है। भोपाल से उठे मामले ने शिक्षा विभाग की जवाबदेही और बजट व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

एमपी सरकार ने 348 करोड़ मंजूर किए, लेकिन बच्चों तक गणवेश राशि नहीं पहुंचने की शिकायत है। सितंबर में फैसला हुआ, मगर नवंबर आते ही भुगतान की देरी सरकारी दावों पर भारी दिखी। दीपावली करीब है और स्कूलों की सफाई, पुताई तथा रखरखाव का अनुदान भी सवालों में है। भोपाल से उठे मामले ने शिक्षा विभाग की जवाबदेही और बजट व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

Census 2027: 16 साल बाद जनगणना, इस बार क्या-क्या होगा नया? जानिए पिछली बार से कितनी अलग होगी प्रक्रिया
Census 2027: 16 साल बाद जनगणना, इस बार क्या-क्या होगा नया? जानिए पिछली बार से कितनी अलग होगी प्रक्रिया

02 Nov 2026

By Amresh Kushwaha

देश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार लोगों की गिनती का तरीका पहले से काफी अलग होगा। जनगणना के दूसरे चरण में सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी जुटाएंगे। इसके साथ ही लोगों को ऑनलाइन अपनी जानकारी भरने की सुविधा भी मिलेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दूसरे चरण की जनगणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।

देश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार लोगों की गिनती का तरीका पहले से काफी अलग होगा। जनगणना के दूसरे चरण में सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी जुटाएंगे। इसके साथ ही लोगों को ऑनलाइन अपनी जानकारी भरने की सुविधा भी मिलेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दूसरे चरण की जनगणना 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।

मध्यप्रदेश स्क्रैप पॉलिसी: भोपाल में 3 हजार सरकारी कंडम वाहन लंबित, पांच साल बाद भी व्यवस्था की सुस्त रफ्तार
मध्यप्रदेश स्क्रैप पॉलिसी: भोपाल में 3 हजार सरकारी कंडम वाहन लंबित, पांच साल बाद भी व्यवस्था की सुस्त रफ्तार

02 Nov 2026

By Ramanand Tiwari

मध्यप्रदेश की स्क्रैप पॉलिसी पांच वर्ष बाद सरकारी विभागों की सुस्त कार्रवाई से सवालों में है। भोपाल में विभागों के करीब तीन हजार कंडम वाहन स्क्रैप होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, इस वर्ष 25 अक्टूबर तक राजधानी में केवल 636 चारपहिया वाहन ही स्क्रैप हुए। नीति के अमल में यह अंतर सरकारी जवाबदेही और निगरानी की गंभीर जरूरत दिखाता है।

मध्यप्रदेश की स्क्रैप पॉलिसी पांच वर्ष बाद सरकारी विभागों की सुस्त कार्रवाई से सवालों में है। भोपाल में विभागों के करीब तीन हजार कंडम वाहन स्क्रैप होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, इस वर्ष 25 अक्टूबर तक राजधानी में केवल 636 चारपहिया वाहन ही स्क्रैप हुए। नीति के अमल में यह अंतर सरकारी जवाबदेही और निगरानी की गंभीर जरूरत दिखाता है।