विदेश की नौकरी छोड़ की सिविल सेवा की तैयारी, पहले आईआरएस और फिर बने आईएएस अंशुमन राज

Abhilasha Saksena Chakraborty | Nov 28, 2025, 11:46 IST
IAS Anshuman Raj
बिना कोचिंग, सिर्फ सेल्फ-स्टडी और दृढ़ निश्चय के दम पर आईएएस अंशुमन राज ने चौथे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में AIR 107 हासिल की, और आज वे मध्य प्रदेश के एक नवोन्मेषी व ईमानदार अधिकारी हैं।

बिहार के बक्सर जिले के एक छोटे से गांव में लैंप की रोशनी में बैठकर पढ़ाई करने वाला लड़का। किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन यही लड़का एक दिन IAS बनेगा। लेकिन अंशुमन राज ने इस सपने को सच किया।



इस सफर में असफलताओं, अभावों और चुनौतियों को अपनी ताकत बनाया। आज वे मध्य प्रदेश कैडर के एक तेज़-तर्रार IAS अधिकारी हैं। उन्हें उनकी ईमानदार छवि और नवाचार के लिए जाना जाता है।



गरीब ग्रामीण पृष्ठभूमि, पर सपने सबसे बड़े

अंशुमन राज का बचपन बहुत साधारण आर्थिक स्थिति में बीता। गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई, मुश्किल हालात, और घर में संसाधनों की कमी। लेकिन, हौसले की कोई कमी नहीं। 10वीं तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, बक्सर से पूरी की।



बाद में 12वीं के लिए वे जेएनवी रांची गए और वहीं से उनके बड़े सपनों की नींव मजबूत हुई।परिवार के पास कोचिंग के पैसे नहीं थे, लेकिन अंशुमन ने यह मानने से इनकार कर दिया कि सफलता केवल सुविधा वालों की होती है। मेहनत, अनुशासन और स्व-अध्ययन उनके हथियार बने।



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इंजीनियरिंग से सिविल सर्विस तक का सफर

12वीं के बाद अंशुमन ने कोलकाता से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इस दौरान वे पांच साल हांगकांग में नौकरी करते रहे, पर यह नौकरी उन्हें संतुष्टि नहीं दे सकी।



इसी दौरान उनके मन में सिविल सेवाओं की चिंगारी पहली बार जली। वो कहते हैं कि मैं चाहता था कि मेरा जीवन सिर्फ मेरी कमाई तक सीमित न रहे। बल्कि मेरे काम से लोगों की जिंदगियां बदलें। और बस, उन्होंने UPSC की राह चुन ली। स्वयं अपने दम पर, बिना कोचिंग के अपने सपने को सच करने में लग गए।



IAS Anshuman


कठिन राह, चार प्रयास और एक सपना

आईएएस अंशुमन राज की UPSC यात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण रही। पहला अटेम्प्ट 2016 में दिया। इसमें प्रीलिम्स पास की लेकिन मेन्स कुछ अंकों से चूक गया।



दूसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आया। हिम्मत नहीं हारी और तीसरा प्रयास दिया। इस बार सफलता हाथ लगी लेकिन IRS बन पाए। एक बार और प्रयास किया और आखिर चौथे प्रयास में 107 रैंक लाकर वो IAS बन गये।



अंशुमन कहते हैं कि हर असफलता के बाद ख़ुद से कहता था, इस बार और बेहतर तैयार होऊंगा।



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अब कहीं भी रहकर की जा सकती है तैयारी

आज भी अधिकतर लोग सिविल सेवा की तैयारी के लिए दिल्ली की राह पकड़ते हैं। लेकिन, अंशुमन कहते हैं कि आप किसी भी शहर यहां तक की गांव में भी UPSC की तैयारी कर सकते हैं। बस मन में निश्चय होना चाहिए।



IAS Anshuman Raj


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UPSC तैयारी को लेकर अंशुमन की टिप्स

  • सिलेबस को समझें, ट्रेंड के पीछे नहीं भागें
  • यूपीएससी क्या पूछेगा, कोई नहीं जानता। इसलिए कोर सब्जेक्ट मजबूत रखें। NCERT के अलावा एक-दो स्टैंडर्ड किताबें पर्याप्त हैं।
  • निबंध में आसान भाषा में विचार खें l
  • पहले रफ स्ट्रक्चर बनाएं, फिर 1000-1200 शब्द सहजता से लिखें।
  • अपने उत्तरों में यह दिखाने की कोशिश करें कि आप निर्णय कैसे लेते हैं।
  • जितना भी पढ़ें उसको बार-बार दोहराते रहें। इसके अलावा आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस पर भी ध्यान दें।

    रिश्वत देने वाले को किया पुलिस के हवाले

    एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य नोटों की गड्डियां और मिठाई का डिब्बा लेकर आईएएस अंशुमन को रिश्वत देने पहुंचा। अंशुमन ने उसे तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया। बोरवेल में गिरकर बच्ची की मौत ने दिल तोड़ दियादिसंबर 2023 में राजगढ़ जिले में एक पांच साल की बच्ची खुले बोरवेल में गिर गई। बचाव दल उसे बाहर निकाल तो लाया, लेकिन वह मृत पाई गई। यह दृश्य अंशुमन को झकझोर गया। उन्होंने उसी पल कसम खाई कि अपनी आंखों के सामने दोबारा ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने खुद एक मशीन लर्निंग मॉडल बनाया, जो सैटेलाइट तस्वीरों से खुले बोरवेल और कुओं की पहचान करता है।

करियर एक नजर

नाम: अंशुमन राज

जन्म: 06/04/1992

जन्मस्थान: बक्सर, बिहार

एजुकेशन: बीई

बैच; 2020

कैडर: मध्य प्रदेश

पदस्थापना

IAS अंशुमन राज वर्तमान में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में पोस्टेड हैं।



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अंशुमन राज की सफलता यह दर्शाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आपका रास्ता नहीं रोक सकती। आज उनकी पहचान एक साफ, कड़क और भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी के रूप में बनी है।



FAQ

  1. अंशुमन राज कौन हैं?
    अंशुमन राज एक 2020-बैच के IAS अधिकारी हैं। उनका मूल रूप से जन्म बिहार के बक्सर जिले के एक छोटे से गाँव में हुआ था।
  2. उन्हें UPSC में सफलता पाने में कितने प्रयास लगे?
    उन्होंने कुल चार प्रयास किए। तीसरे प्रयास में IRS सेवा मिली थी, लेकिन उनका लक्ष्य IAS था — और चौथे (2019) प्रयास में उन्होंने AIR 107 प्राप्त कर IAS बन गए।
  3. उनका वर्तमान पद या कार्य-क्षेत्र क्या है?
    वे मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं। हाल ही में वे राज्य के डिजिटल गवर्नेंस व टेक्नोलॉजी सुधार के कार्यों में सक्रिय हैं — उदाहरण के लिए, वे SWAN (State Wide Area Network) जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं।




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