गिरे, संभले और फिर सफलता के शीर्ष पर छा गए आईएएस कौशलेंद्र विक्रम
The Sootr | Dec 13, 2024, 13:22 IST
thesootr
आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह की कहानी प्रेरणा से भरी है। संघर्षों से लेकर यूपीएससी में सफलता तक, उन्होंने हर पड़ाव पर खुद को साबित किया और समाज को नई दिशा दी।
रख हौसला वो मंजर भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आएगा थक कर न बैठ ऐ मंजिल के मुसाफिर मंजिल भी मिलेगी और मजा भी आएगा
जुलाई का महीना था और साल 1986… तारीख थी दो… यही वह दिन था, जब हरदोई जिले के महेशपुर गांव में एक नलकूप चालक के घर किलकारी गूंजी। यह किलकारी किसी और की नहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह की थी। समय गुजरा और सिंचाई विभाग में नलकूप चालक के पद पर तैनात पिता बिंद्रा सिंह ने बेटे का दाखिला गांव के सरकारी स्कूल में करा दिया। हिन्दी माध्यम से कौशलेंद्र ने पढ़ाई शुरू की। कौशलेंद्र बहुत मेधावी नहीं थे, औसत दर्जे के छात्र रहे। लेकिन वक्त ने जब अंगड़ाई ली तो औसत से वे कब मेधावी बन गए, यह तो यूपीएससी की परीक्षा के परिणाम ने ही बताया।
पढ़ाई में थे पीछे, एक बार ठाना, फिर पलटकर नहीं देखा
thesootr
कौशलेंद्र जब दूसरी कक्षा में पढ़ते थे, तब उनकी लिखावट बेहद खराब थी। शिक्षक ने उनकी कॉपी फाड़कर फेंक दी थी। यह वह क्षण था, जब कोई भी हताश हो जाता, लेकिन कौशलेंद्र में हिम्मत की कमी नहीं थी। उन्होंने उसी समय ठान लिया कि अब पीछे नहीं देखेंगे। उन्होंने शिद्दत से पढ़ाई शुरू की। खुद को संवारा और इसके बाद से वे न तो कक्षा में कभी सेकंड आए और न ही लिखावट बिगड़ी। अव्वल आना उनकी नीयती बन गई।
...जब मिला हार का स्वाद
करियर...
डेढ़ साल तक सागर को संवारा
कौशलेंद्र विक्रम सिंह
अपने परिवार के साथ IAS कौशलेंद्र विक्रम सिंह
अब बारी थी मालवा-निमाड़ को समझने की
समय गुजरता रहा और मध्यप्रदेश के दिल में कौशलेंद्र रचते-बसते गए। पहली बार वे 8 जून 2017 को नीमच कलेक्टर बनाए गए। 20 जून 2018 तक उन्होंने राजस्थान से लगे इस जिले की चुनौतियों को समझा। वे यहां लोगों के दिल में ऐसे उतरे कि कोई कभी न भुला सकेगा। उन्होंने बतौर कलेक्टर यह संदेश भी दिया कि कलेक्टर सिर्फ केबिन में बैठने के लिए नहीं होते। वे जनता के बीच नजर आने लगे। उनके खेतों तक जाने के लिए बकायदा वे ट्रैक्टर पर बैठने से भी नहीं हिचके। उनके इस व्यवहार ने जनता के दिलों का राजा बना दिया। कौशलेंद्र की अगली पारी बतौर कलेक्टर विदिशा में 21 जून 2018 से शुरू हुई। यहां 10 मार्च 2020 तक वे तैनात रहे।
ग्वालियर में 34 माह की कलेक्टरी
ग्वालियर में सफलता की झलक
- कोरोना काल की बड़ी आपदा में बेहतर मैनेजमेंट।
- आशीर्वाद योजना का नवाचार, जो पूरे प्रदेश में लागू हुई।
- चुनाव कार्य में सीएम से उत्कृष्ट पुरस्कार।
- ग्वालियर-चंबल की गर्म मिजाजी तेवर के बीच शांतिपूर्ण उपचुनाव और प्रबंधन।
सफलता का मंत्र...
- कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर, भोपाल
FAQ
- आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह कौन हैं?
आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह मध्यप्रदेश कैडर के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जो वर्तमान में भोपाल कलेक्टर हैं। - आईएएस कौशलेंद्र की सफलता की प्रेरणा क्या है?
बचपन में कठिनाइयों और असफलताओं के बावजूद उन्होंने दृढ़ निश्चय और मेहनत से यूपीएससी परीक्षा पास की। - ग्वालियर में आईएएस कौशलेंद्र का क्या योगदान रहा?
ग्वालियर में कोरोना मैनेजमेंट, आशीर्वाद योजना और शांतिपूर्ण चुनाव जैसे कार्य उनकी सफलता की पहचान बने। - आईएएस कौशलेंद्र ने ग्रामीण विकास के लिए क्या किया?
उन्होंने नरसिंहपुर और अन्य ग्रामीण इलाकों में पंचायत सीईओ के रूप में कई विकास कार्य किए। - आईएएस कौशलेंद्र की शिक्षा और प्रारंभिक जीवन कैसा था?
हरदोई के सरकारी स्कूल में पढ़ाई शुरू की, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक किया और यूपीएससी में सफलता पाई।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari