17 अप्रैल का इतिहास: World Hemophilia Day पर जानें कैसे छोटी सी खरोंच भी बन सकती है जानलेवा

Kaushiki | Apr 17, 2026, 08:00 IST
hemophilia
वर्ल्ड हीमोफीलिया डे पर जानें इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण और बचाव। इसे 'रॉयल डिजीज' क्यों कहते हैं और छोटी खरोंच भी क्यों जानलेवा है? पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

आज के दिन की कहानी: कल्पना कीजिए कि आपकी उंगली में एक छोटा सा कट लगा है। सामान्य तौर पर खून कुछ ही सेकंड में रुक जाना चाहिए। लेकिन हीमोफीलिया से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह मौत का बुलावा है।



इस बीमारी में शरीर का थक्का जमने वाला सिस्टम फेल हो जाता है। एक बार खून बहना शुरू हुआ तो रुकना बहुत मुश्किल होता है। पुराने समय में लोग इसे कोई मिस्टीरियस कर्स मानते थे।



लेकिन असल में यह एक गंभीर जेनेटिक डिसऑर्डर है। आज 17 अप्रैल को हम वर्ल्ड हीमोफीलिया डे मना रहे हैं। इसका उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है। आइए जानें....



World Hemophilia Day - World Hemophilia Day 2025: मामूली चोट लगने पर भी बह जाता है ज्यादा खून? डॉक्


आखिर क्यों कहते हैं इसे रॉयल डिजीज

हीमोफीलिया का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। 19वीं सदी में ब्रिटेन की महारानी विक्टोरिया इसकी पहली बड़ी वाहक थीं। उनके जरिए ये बीमारी यूरोप के कई शाही परिवारों में फैल गई। रूस, स्पेन और जर्मनी के राजघरानों में यह बीमारी काफी देखी गई।



राजघरानों में शादी-ब्याह के जरिए यह एक से दूसरे में पहुंचती गई। इसीलिए मेडिकल साइंस में इसे रॉयल डिजीज कहा जाने लगा। आज भी ये बीमारी ज्यादातर पुरुषों को ही अपना शिकार बनाती है। महिलाओं में ये बीमारी होने की संभावना बहुत ही कम होती है।



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कैसे काम करता है ये खून का खेल

हमारे खून में कुछ खास क्लॉटिंग फैक्टर्स मौजूद होते हैं। जब हमें चोट लगती है, तो ये फैक्टर्स खून जमा देते हैं। हीमोफीलिया के मरीजों के शरीर में इन फैक्टर्स की कमी होती है। हीमोफीलिया मुख्य रूप से दो प्रकार का पाया जाता है।



हीमोफीलिया-A में 'फैक्टर 8' की कमी शरीर में हो जाती है। वहीं हीमोफीलिया-B में फैक्टर 9 बिल्कुल कम या खत्म हो जाता है। इसके कारण शरीर के अंदरूनी हिस्सों में भी खून बहने लगता है। जोड़ों और मांसपेशियों में अचानक खून रिसना बहुत ज्यादा दर्दनाक होता है।



World Hemophilia Day 2023 In hemaphilia blood clotting is not possible. | World Hemophilia Day 2023


हीमोफीलिया के सिम्पटम्स

इस बीमारी के लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी होता है। बच्चे के दांत निकलते समय खून का न रुकना बड़ा संकेत है। बिना किसी वजह के शरीर पर नीले निशान पड़ना चिंताजनक है।



जोड़ों में अचानक सूजन और असहनीय दर्द महसूस होना लक्षण है। नाक से बार-बार खून आना भी हीमोफीलिया की निशानी हो सकती है। चोट लगने के बाद घंटों तक खून का लगातार बहना खतरनाक है।



सर्जरी के बाद घाव का जल्दी न भरना भी एक संकेत है। ऐसे किसी भी लक्षण पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही समय पर जाँच ही मरीज की जान बचा सकती है।



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सावधानियां और बचाव के आसान उपाय

हीमोफीलिया के मरीजों को अपनी जीवनशैली में बहुत सतर्क रहना चाहिए। उन्हें ऐसी किसी भी खेल एक्शन से बचना चाहिए जहां चोट लगे।



फुटबॉल या बॉक्सिंग जैसे खेलों से दूरी बनाना बहुत जरूरी है। नियमित रूप से फिजियोथेरेपी कराने से जोड़ों का दर्द कम रहता है। हमेशा अपने पास मेडिकल अलर्ट वाला कार्ड या बैंड रखें।



कोई भी पेनकिलर दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। एस्पिरिन जैसी दवाएं खून को और भी ज्यादा पतला कर देती हैं। मरीज को अपने दांतों की सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। मसूड़ों से खून आना इस बीमारी में बहुत रिस्की होता है।



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इलाज की नई उम्मीदें

आजकल क्लॉटिंग फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी काफी कारगर साबित हो रही है। इसमें मरीज को इंजेक्शन के जरिए क्लॉटिंग फैक्टर्स दिए जाते हैं।



अब कई देशों में जीन थेरेपी पर भी रिसर्च चल रही है। भारत सरकार भी इस बीमारी के इलाज में मदद कर रही है। कई सरकारी अस्पतालों में फैक्टर इंजेक्शन अब मुफ्त उपलब्ध कराए जाते हैं।



वर्ल्ड हीमोफीलिया फेडरेशन दुनिया भर में इसके लिए काम कर रहा है। जागरूकता बढ़ने से अब मरीज एक सामान्य जीवन जी सकते हैं। सही देखभाल और समय पर इलाज ही इसका एकमात्र समाधान है।



डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।



Reference Links:

17 अप्रैल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 17 अप्रैल का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।



आइए जानते हैं 17 अप्रैल (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-



विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1080: भाई हैरल्ड III की मृत्यु के बाद कैन्यूट IV डेनमार्क के नए राजा बने।
  • 1524: प्रसिद्ध खोजी यात्री जियोवान्नी वेराजानो ने 'न्यूयॉर्क खाड़ी' की खोज की थी।
  • 1704: अमेरिका का पहला अखबार 'बोस्टन न्यूज़-लेटर' जॉन कैंपबेल द्वारा प्रकाशित किया गया।
  • 1711: चार्ल्स IV अपने भाई यूसुफ के निधन के बाद रोमन साम्राज्य के सम्राट बने।
  • 1747: फ्रांसीसी सेना ने नीदरलैंड के ज़ीव्स-फ्लैंडर्स क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा कर लिया।
  • 1758: पहले अश्वेत अमेरिकी कॉलेज स्नातक फ्रांसिस विलियम्स ने अपनी कविताएं प्रकाशित कीं।
  • 1774: लंदन में एस्केस्ट स्ट्रीट चैपल के रूप में पहला यूनिटेरिअन मंडल स्थापित हुआ।
  • 1797: इटली के वेरोना में फ्रांसीसी सेना के खिलाफ एक बड़ा विद्रोह शुरू हुआ।
  • 1861: अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान वर्जीनिया राज्य संयुक्त राज्य संघ से अलग हो गया।
  • 1875: सर नेविले चैंबरलिन ने आज ही के दिन मशहूर खेल 'स्नूकर' का आविष्कार किया।
  • 1876: गइडन फ्रॉस्ट द्वारा न्यूयॉर्क में 'फ्रेंड्स अकादमी' की स्थापना की गई थी।
  • 1895: चीन और जापान के बीच ऐतिहासिक 'शिमोनोसेकी समझौता' संपन्न हुआ।
  • 1907: ब्राजील खूंखार युद्धपोत बनाने वाला दुनिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली देश बना।
  • 1912: रूसी सेना ने साइबेरिया में हड़ताली स्वर्णकारों पर गोलीबारी की, जिसमें 150 मरे।
  • 1941: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूगोस्लाविया ने जर्मनी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
  • 1942: फ्रांसीसी जनरल हेनरी जिराउड जर्मन कैद से भागने में सफल रहे।
  • 1946: सीरिया ने फ्रांस के शासन से पूरी तरह स्वतंत्रता हासिल की।
  • 1951: पीक जिले को यूनाइटेड किंगडम का सबसे पहला 'राष्ट्रीय उद्यान' बनाया गया।
  • 1961: सीआईए समर्थित क्यूबाई निर्वासितों ने कास्त्रो को हटाने के लिए खाड़ी में घुसपैठ की।
  • 1969: सरहान सरहन को सीनेटर रॉबर्ट एफ कैनेडी की हत्या का दोषी पाया गया।
  • 1971: मिस्र, लीबिया और सीरिया ने मिलकर 'यूनाइटेड अरब स्टेट' का संघ बनाया।
  • 1971: शेख मुजीब उर-रहमान के नेतृत्व में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ बांग्लादेश का गठन हुआ।
  • 1973: जॉर्ज लुकास ने अपनी मशहूर फिल्म 'स्टार वार्स' की पटकथा लिखना शुरू किया।
  • 1975: कम्बोडिया में खमेर रूज ने नोम पेन्ह पर कब्जा कर गृहयुद्ध समाप्त किया।
  • 1982: महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कनाडा के नए देशभक्त संविधान पर हस्ताक्षर किए।
  • 1984: लंदन में लीबियाई दूतावास के बाहर महिला पुलिस अधिकारी यवोन फ्लेचर की हत्या हुई।
  • 1993: अंतरिक्ष यान 'एसटीएस-56 डिस्कवरी' अपना मिशन पूरा कर धरती पर वापस लौटा।
  • 1994: न्यूयॉर्क के थिएटरों में 'लिटिल मोर मैजिक' और 'गोधूलि' जैसे शो हाउसफुल रहे।
  • 1995: बाल मज़दूरी के खिलाफ लड़ने वाले पाकिस्तानी कार्यकर्ता इक़बाल मसीह की हत्या हुई।
  • 2000: तुआंकू सैयद सिराजुद्दीन को पर्लिस का नया राजा नियुक्त किया गया।
  • 2009: पोर्ट ऑफ स्पेन में अमेरिका का 5वां शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
  • 2012: मशहूर निवेशक वारेन बफे ने दुनिया को अपने प्रोस्टेट कैंसर की जानकारी दी।
  • 2013: अमेरिका के टेक्सास में उर्वरक कंपनी में विस्फोट से 15 लोगों की मौत हुई।
  • 2014: 'हंड्रेड इयर्स ऑफ सॉलिट्यूड' के लेखक ग्रैबिएल मार्केज का निधन हो गया।
  • 2014: वैज्ञानिकों ने पहली बार वयस्क मानव कोशिकाओं से स्टेम सेल सफलतापूर्वक बनाए।

भारत के इतिहास की घटनाएं...

  • 1975: भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन हुआ।
  • 1983: भारत ने एसएलवी-3 रॉकेट लॉन्च कर अंतरिक्ष युग में मजबूती से कदम रखा।
  • 1983: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की देखरेख में भारत ने उपग्रह प्रक्षेपण यान लॉन्च किया।
  • 1990: पटना के पास कुमारहार में ट्रेन में गैस सिलेंडर फटने से 80 लोग मारे गए।
  • 2003: पूरे 55 साल के लंबे इंतजार के बाद 'भारत-ब्रिटेन संसदीय मंच' का गठन हुआ।

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