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आज के दिन की कहानी: आज हम इतिहास के उस पन्ने को पलटेंगे जिसने पूरे भारत को रुला दिया था। बात 11 जनवरी 1966 की है, जब ताशकंद में एक सन्नाटा पसर गया था।
भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री अब हमारे बीच नहीं रहे थे। उनकी मौत की खबर ने दिल्ली से लेकर गांव की गलियों तक को हिला दिया। आइए जानते हैं उस रात आखिर हुआ क्या था और शास्त्री जी कौन थे।
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ताशकंद समझौता और वो ऐतिहासिक रात
साल 1965 में भारत और पाकिस्तान के बीच भीषण युद्ध हुआ था। भारतीय सेना ने पाकिस्तान को धूल चटाकर लाहौर तक अपनी पहुंच बना ली थी। इस युद्ध को रोकने के लिए रूस ने दोनों देशों को न्योता दिया। लाल बहादुर शास्त्री शांति की तलाश में उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचे थे।
शास्त्री जी और अयूब खान ताशकंद में समझौते के लिए राजी हुए थे। 10 जनवरी 1966 को दोनों नेताओं ने शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। शास्त्री जी देश को युद्ध की विभीषिका से बाहर निकालना चाहते थे।
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एक सादा जीवन उच्च विचारों वाली शख्सियत
लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ। उनके जीवन में दिखावा नाम की कोई चीज कभी नहीं रही थी। वे इतने स्वाभिमानी थे कि गरीबी में भी कभी किसी के आगे नहीं झुके।
प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनके पास अपनी कोई आलीशान निजी कार नहीं थी। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खुद व्रत रखने की अपील की थी। उनकी सादगी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और पहचान बनकर पूरी दुनिया उभरी।
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जय जवान, जय किसान का वो अमर क्रांतिकारी नारा
जब देश भुखमरी और युद्ध के दोहरे संकट से जूझ रहा था, तब शास्त्री जी आए। उन्होंने देश के रक्षकों और अन्नदाताओं को एक सूत्र में पिरो दिया। 'जय जवान, जय किसान' का नारा देकर उन्होंने भारत का स्वाभिमान जगाया।
इस नारे ने सरहद पर लड़ते फौजी और खेतों में पसीने बहाते किसान को जोड़ा। आज भी यह नारा हर हिंदुस्तानी के दिल में जोश भर देता है। यह नारा सिर्फ शब्द नहीं बल्कि शास्त्री जी का भारत के प्रति विजन था।
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शास्त्री जी की विरासत
शास्त्री जी ने हमें सिखाया कि कद छोटा हो तो भी हौसले ऊंचे होने चाहिए। उन्होंने हरित क्रांति और श्वेत क्रांति की नींव मजबूती से रखी थी। आज का आत्मनिर्भर भारत उन्हीं के दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
शास्त्री जी के सिद्धांत और ईमानदारी आज के नेताओं के लिए एक बड़ी सीख हैं। वे चले गए, लेकिन उनकी सादगी की खुशबू आज भी देश में महकती है।
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निधन का गहरा रहस्य
11 जनवरी 1966 की वो रात भारतीय इतिहास का एक काला पन्ना बन गई। ताशकंद समझौते के बाद प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री पूरी तरह स्वस्थ लग रहे थे, लेकिन रात 1:25 बजे अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ।
शास्त्री जी ने मुश्किल से अपने सहायक जगन्नाथ से डॉक्टर के बारे में पूछा और फिर बुरी तरह खांसने लगे। जब तक डॉक्टर चुग उनके पास पहुंचे, शास्त्री जी अचेत हो चुके थे। इंजेक्शन और कृत्रिम सांस देने की कोशिशें भी नाकाम रहीं और रात 1:32 बजे उनका निधन हो गया।
शास्त्री जी के शरीर का रंग नीला पड़ना कई संदेह पैदा कर गया था। कई आयोग बने, लेकिन उनकी मौत का असली राज आज भी दफन है।
कहा जाता है कि समझौते को लेकर परिवार की नाराजगी और विपक्ष के विरोध की खबरों ने उन्हें काफी विचलित कर दिया था, जिससे उन पर मानसिक दबाव बढ़ गया और हृदय गति रुक गई।
ताशकंद की वो सर्द रात भारत के इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य बन गई। कई लोग इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा मानते हैं जो आज भी रहस्य है। लाल बहादुर शास्त्री हमेशा हमारे दिलों में एक सच्चे हीरो बनकर रहेंगे।
Reference Links
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11 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास में हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 11 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 11 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
1055: थियोडोरा बीजान्टिन साम्राज्य की महारानी बनीं।
1320: जापान के सम्राट कोमयो का जन्म हुआ।
1693: इटली के सिसिली द्वीप पर इतिहास का सबसे विनाशकारी भूकंप आया।
1775: फ्रांसिस साल्वाडोर अमेरिका में सरकारी पद के लिए चुने जाने वाले पहले यहूदी बने।
1779: चिंग-थांग खोंबा को मणिपुर के राजा के रूप में ताज पहनाया गया।
1787: विलियम हर्शल ने यूरेनस के दो चंद्रमाओं (ओबेरॉन और टाइटेनिया) की खोज की।
1805: मिशिगन को संयुक्त राज्य अमेरिका का क्षेत्र/राजधानी बनाया गया।
1830: अलबामा में पहले सार्वजनिक चार्टर्ड कॉलेज 'लाग्रेंज कॉलेज' की शुरुआत हुई।
1842: प्रसिद्ध अमेरिकी दार्शनिक विलियम जेम्स का न्यूयॉर्क में जन्म हुआ।
1849: एलिजाबेथ ब्लैकवेल अमेरिका में मेडिकल डिग्री हासिल करने वाली पहली महिला बनीं।
1861: अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान अलबामा संयुक्त राष्ट्र संघ से अलग हो गया।
1864: लंदन में प्रसिद्ध चेरिंग क्रॉस रेलवे स्टेशन खोला गया।
1866: इंग्लैंड में 'स्टीमर लंदन' जहाज डूबने से 220 लोगों की मौत हुई।
1879: ब्रिटिश सेना और ज़ुलु साम्राज्य के बीच 'एंग्लो-ज़ुलु युद्ध' शुरू हुआ।
1922: दुनिया में पहली बार डायबिटीज के मरीज को 'इंसुलिन' का इंजेक्शन दिया गया।
1946: एनवर होक्सा ने खुद को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ अल्बानिया का प्रमुख घोषित किया।
1949: लॉस एंजिल्स के इतिहास में सबसे ज्यादा बर्फबारी (हिमपात) का रिकॉर्ड बना।
1962: पेरू में बर्फीले तूफान और चट्टान खिसकने से करीब 2,000 लोगों की जान गई।
1964: अमेरिकी सर्जन जनरल ने पहली बार चेतावनी दी कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
1986: ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में दुनिया का सबसे लंबा कंक्रीट कैंटिलीवर 'गेटवे ब्रिज' खुला।
2007: वियतनाम आधिकारिक तौर पर विश्व व्यापार संगठन (WTO) का 150वां सदस्य बना।
2008: माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले पहले व्यक्ति सर एडमंड हिलेरी का निधन हुआ।
2009: 'स्लमडॉग मिलियनेयर' को 66वें गोल्डन ग्लोब अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ फिल्म चुना गया।
2010: मिस्र के पिरामिडों के पास मकबरों की खोज से साबित हुआ कि ये दासों ने नहीं, मजदूरों ने बनाए थे।
2014: नासा ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के उपयोग को 2024 तक बढ़ाने की मंजूरी दी।
2015: कोलिंदा ग्रबर किटरोविक क्रोएशिया की पहली महिला राष्ट्रपति चुनी गईं।
भारत की प्रमुख घटनाएं
1954: बाल मजदूरी के खिलाफ लड़ने वाले नोबेल विजेता कैलाश सत्यार्थी का जन्म हुआ।
1966: ताशकंद समझौते के बाद भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का रहस्यमयी निधन हुआ।
1972: पूर्वी पाकिस्तान आधिकारिक तौर पर 'बांग्लादेश' के रूप में एक स्वतंत्र देश बना।
1973: भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज और 'द वॉल' राहुल द्रविड़ का जन्म हुआ।
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