2 जून का इतिहास: लॉर्ड माउंटबेटन का वो फैसला जिसने बदला भारत का नक्शा
Kaushiki | Jun 02, 2026, 08:00 IST
Mountbatten Plan 1947
2 जून 1947 को ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड लुइस माउंटबेटन ने भारत के विभाजन की आधिकारिक घोषणा की थी। इस ऐतिहासिक फैसले ने अखंड भारत को दो हिस्सों में बांट दिया। जानिए इस विभाजन योजना का पूरा इतिहास और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य।
Mountbatten Plan 1947: इतिहास की कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो पूरे देश का भूगोल बदल देती हैं। 02 जून 1947 भी एक ऐसी ही बेहद खास और भावुक कर देने वाली तारीख है। इस दिन एक ऐसा आधिकारिक ऐलान हुआ जिसने करोड़ों लोगों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। ब्रिटिश राज के आखिरी वायसराय लॉर्ड लुइस माउंटबेटन ने भारत के विभाजन की घोषणा की थी।
यह सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं था। यह फैसला सदियों से साथ रह रहे एक बड़े समाज के दो टुकड़े होने की दास्तान था। आइए इस पूरे ऐतिहासिक घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।
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लॉर्ड लुइस माउंटबेटन ब्रिटिश शाही परिवार के एक बेहद प्रभावशाली सदस्य और नौसेना अधिकारी थे। साल 1947 की शुरुआत में उन्हें भारत का आखिरी वायसराय बनाकर भेजा गया था। ब्रिटिश सरकार ने उन्हें एक बहुत ही बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी।
माउंटबेटन का मुख्य काम भारत को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया को शांतिपूर्वक पूरा करना था। जब माउंटबेटन भारत पहुंचे तो यहां की राजनीतिक स्थिति बहुत तनावपूर्ण थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे भड़क रहे थे और माहौल खराब था।
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क्या था
माउंटबेटन ने भारत पहुंचते ही सभी बड़े भारतीय नेताओं के साथ बैठकें शुरू कर दी थीं। इन नेताओं में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना शामिल थे। जिन्ना पूरी तरह से मुसलमानों के लिए एक अलग देश पाकिस्तान बनाने की मांग पर अड़े थे।
देश में बढ़ते दंगे देख माउंटबेटन को लगा कि अब विभाजन ही एकमात्र रास्ता है। इसके बाद उन्होंने एक विशेष योजना तैयार की जिसे 3 जून प्लान भी कहते हैं। लेकिन इस योजना की आधिकारिक घोषणा और चर्चा 2 जून को ही शुरू हो गई थी।
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2 जून 1947 को नई दिल्ली में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में देश के सभी शीर्ष राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता शामिल हुए थे। माउंटबेटन ने इस बैठक में भारत को दो हिस्सों में बांटने का पूरा प्लान सबके सामने रखा।
इस प्लान के तहत पंजाब और बंगाल के बंटवारे का भी प्रस्ताव था। कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ही दलों ने इस विभाजन योजना को अपनी मंजूरी दे दी। यह मंजूरी भारतीय इतिहास का एक बहुत बड़ा और टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
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इस ऐतिहासिक योजना के तहत यह तय हुआ कि भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन में बांटा जाएगा। एक हिस्सा भारत कहलाएगा और दूसरा हिस्सा नया देश पाकिस्तान बनेगा।
पंजाब और बंगाल की विधानसभाओं में इस बात पर मतदान होना तय हुआ कि वे विभाजन चाहते हैं या नहीं। इसके बाद ही सीमाओं का निर्धारण होना था। इसके साथ ही जो राजा-महाराजाओं की रियासतें थीं, उन्हें खुली छूट दी गई थी। वे अपनी मर्जी से भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुन सकते थे।
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जैसे ही 2 जून को इस विभाजन की योजना पर सहमति बनी, पूरे देश में खलबली मच गई। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि अब उनका भविष्य क्या होगा। आजादी की खुशी तो सबके चेहरे पर थी, लेकिन बंटवारे का डर उससे कहीं ज्यादा बड़ा था।
रातों-रात लोगों के अपने घर और वतन पराए होने वाले थे। इतिहासकार मानते हैं कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा विस्थापन था। करोड़ों लोगों को अपनी जमीन छोड़कर इस पार से उस पार जाना पड़ा था।
![आज ही दिन हुए थे भारत के दो टुकड़े, माउंटबेटन ने किया था देश को बांटने का ऐलान | On 3 June Mountbatten Announced The Partition Of India]()
माउंटबेटन प्लान के आधार पर ही ब्रिटिश संसद में भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 पास किया गया। इसी कानून के तहत भारत को आजादी मिली। अंततः 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान और 15 अगस्त 1947 को हमारा प्यारा भारत देश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। लेकिन इस आजादी के साथ विभाजन का गहरा घाव भी मिला। वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन आजाद भारत के पहले गवर्नर जनरल भी बने थे। 02 जून की यह तारीख हमें याद दिलाती है कि हमारी आजादी की कीमत कितनी बड़ी थी।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 02 जून का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 02 जून (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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यह सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं था। यह फैसला सदियों से साथ रह रहे एक बड़े समाज के दो टुकड़े होने की दास्तान था। आइए इस पूरे ऐतिहासिक घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।
जब लॉर्ड माउंटबेटन ने दी भारत के तिरंगे झंडे को सलामी, ये तस्वीरें खुश कर देंगी आपका दिल
लॉर्ड लुइस माउंटबेटन कौन थे
माउंटबेटन का मुख्य काम भारत को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया को शांतिपूर्वक पूरा करना था। जब माउंटबेटन भारत पहुंचे तो यहां की राजनीतिक स्थिति बहुत तनावपूर्ण थी। देश के अलग-अलग हिस्सों में सांप्रदायिक दंगे भड़क रहे थे और माहौल खराब था।
जिस माउंटबेटन ने किया था भारत का बंटवारा, उनकी मौत पर क्यों मनाया 7 दिन का शोक - News18 हिंदी
क्या था लॉर्ड माउंटबेटन का विभाजन प्लान
देश में बढ़ते दंगे देख माउंटबेटन को लगा कि अब विभाजन ही एकमात्र रास्ता है। इसके बाद उन्होंने एक विशेष योजना तैयार की जिसे 3 जून प्लान भी कहते हैं। लेकिन इस योजना की आधिकारिक घोषणा और चर्चा 2 जून को ही शुरू हो गई थी।
माउंटबेटन प्लान: जानें क्या खास था 3 जून को पेश हुई भारत और पाकिस्तान की इस 'जन्म कुंडली' में - News18 हिंदी
2 जून 1947 की उस बैठक में क्या हुआ था
इस प्लान के तहत पंजाब और बंगाल के बंटवारे का भी प्रस्ताव था। कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ही दलों ने इस विभाजन योजना को अपनी मंजूरी दे दी। यह मंजूरी भारतीय इतिहास का एक बहुत बड़ा और टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
Partition of India June 3, जिस ब्रिटिश अफसर ने किया था भारत के बंटवारे का ऐलान, शोक में 7 दिन तक क्यों झुका रहा था तिरंगा? india partion 3 june 1947 Lord
माउंटबेटन प्लान के बिंदु और शर्तें क्या थीं
पंजाब और बंगाल की विधानसभाओं में इस बात पर मतदान होना तय हुआ कि वे विभाजन चाहते हैं या नहीं। इसके बाद ही सीमाओं का निर्धारण होना था। इसके साथ ही जो राजा-महाराजाओं की रियासतें थीं, उन्हें खुली छूट दी गई थी। वे अपनी मर्जी से भारत या पाकिस्तान में से किसी एक को चुन सकते थे।
3 जून 1947: भारत कागज पर बंट गया, लाशों से भरी ट्रेनें आने लगीं, लाहौर इंडिया को मिलता लेकिन... ये था 'ओरिजिनल पार्टिशन प्लान' - India partition plan 3 june 1947 ...
विभाजन के बाद देश में कैसा माहौल था
रातों-रात लोगों के अपने घर और वतन पराए होने वाले थे। इतिहासकार मानते हैं कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा विस्थापन था। करोड़ों लोगों को अपनी जमीन छोड़कर इस पार से उस पार जाना पड़ा था।
आज ही दिन हुए थे भारत के दो टुकड़े, माउंटबेटन ने किया था देश को बांटने का ऐलान | On 3 June Mountbatten Announced The Partition Of India
विभाजन योजना का अंतिम परिणाम क्या निकला
Reference Link:
- ब्रिटिश लाइब्रेरी (The British Library): British Library - India Office Records
- भारत का राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India): National Archives of India
- नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय (Pradhanmantri Sangrahalaya / NMML): Pradhanmantri Sangrahalaya
- कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी आर्काइव्स (Cambridge University Library): Cambridge University Library - Mountbatten Papers
2 जून की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 02 जून (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1947: भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने भारत के विभाजन और सत्ता के हस्तांतरण की आधिकारिक घोषणा की थी।
- 1996: यूक्रेन अपने अंतिम परमाणु युद्धास्त्र रूस को सौंपने के साथ ही दुनिया का एक पूरी तरह से परमाणु मुक्त देश बना।
- 1999: दक्षिण एवं उत्तर कोरिया के बीच आपसी रिश्तों को सुधारने के लिए उच्च स्तरीय वार्ता पर सहमति बनी।
- 1999: पड़ोसी देश भूटान में पहली बार आधिकारिक तौर पर टेलीविजन (टी.वी.) प्रसारण की शुरुआत हुई।
- 2000: पाकिस्तान की जवाबदेही अदालत ने नवाज शरीफ के आजीवन कारावास को मृत्युदंड में बदलने संबंधी याचिका मंजूर की थी।
- 2000: मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में स्थित तत्कालीन विश्व की सबसे ऊंची इमारत 'पेट्रोनास ट्विन टावर्स' आम दर्शकों के लिए खुली।
- 2003: म्यांमार की जनतांत्रिक नेता आंग सांग सू ची की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शन को देखते हुए देश की सभी शिक्षण संस्थाएं बंद कर दी गईं।
- 2004: ऑस्ट्रेलिया की मशहूर मॉडल जेनिफर हॉकिन्स ने इस वर्ष का मिस यूनिवर्स का खिताब अपने नाम किया था।
- 2005: भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच रूस के ब्लादीवोस्तोक शहर में चल रहा महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय सम्मेलन समाप्त हुआ।
- 2006: अमेरिका ने वैश्विक दबाव बनाते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके पूरे संगठन (डी-कंपनी) पर कड़ा प्रतिबंध लगाया।
- 2008: मध्य प्रदेश के तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अजय विश्नोई ने कुछ राजनीतिक कारणों के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
- 2008: टाटा मोटर्स लिमिटेड ने फोर्ड मोटर कंपनी के दो बड़े लग्जरी ब्रांडों 'जगुआर' और 'लैंड रोवर' के अधिग्रहण का ऐतिहासिक सौदा पूरा किया।
- 2008: लेफ्टिनेंट जनरल नरेश कुमार परमार को भारतीय थल सेना की चिकित्सा सेवा का नया महानिदेशक (DGAFMS) नियुक्त किया गया।
- 2008: ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अंतरराष्ट्रीय नीतियों में बदलाव करते हुए इराक में चल रहे अपने सैन्य अभियान को पूरी तरह रोक दिया।
- 2008: दुनिया के सबसे मशहूर और दिग्गज फ्रांसीसी फैशन डिजाइनर 'इवेसां लॉरेन' का निधन हो गया था।
- 1930: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का जन्म हुआ था।
- 1932: भारतीय राष्ट्रीय हॉकी टीम के भूतपूर्व और दिग्गज खिलाड़ी बलबीर सिंह जूनियर का जन्म हुआ था।
- 1943: भारतीय सिनेमा (विशेषकर दक्षिण भारतीय फिल्मों) के महान संगीतकार, गीतकार और गायक इलैयाराजा का जन्म हुआ था।
- 1951: भारत के प्रसिद्ध और कद्दावर राजनीतिज्ञ अनंत गीते का जन्म हुआ था।
- 1955: भारतीय सिनेमा को कई क्लासिक फिल्में देने वाले प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मणिरत्नम का जन्म हुआ था।
- 1955: भारत के दिग्गज कारोबारी, नौकरशाह और आईटी कंपनी 'इन्फोसिस' के सह-संस्थापक नन्दन नीलेकणी का जन्म हुआ था।
- 1961: भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ राजनेता और तेलंगाना व पुडुचेरी की पूर्व राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन का जन्म हुआ था।
- 1963: टाटा सन्स (Tata Sons) के प्रसिद्ध भारतीय बिजनेसमैन और चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन का जन्म हुआ था।
- 1980: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाली प्रसिद्ध महिला तीरंदाज खिलाड़ी डोला बनर्जी का जन्म हुआ था।
- 1978: 'पद्मभूषण' से सम्मानित भारत के बेहद प्रसिद्ध और महान वनस्पति वैज्ञानिक प्राण कृष्ण पारिजा का निधन हुआ था।
- 1984: भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ और ब्रिटिश काल में उड़ीसा प्रांत के मुख्यमंत्री रहे विश्वनाथ दास का निधन हुआ था।
- 1988: भारतीय सिनेमा के 'शोमैन' कहे जाने वाले महान निर्माता, निर्देशक और अभिनेता राज कपूर का निधन हुआ था।
- 2004: भारत के सबसे योग्य और शिक्षित व्यक्ति डॉ. श्रीकांत जिचकर का निधन हुआ था, जिन्होंने 42 यूनिवर्सिटीज से विभिन्न डिग्रियां प्राप्त की थीं। भारत-पाकिस्तान विभाजन भारत का विभाजन
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