1 मार्च का इतिहास: जब अनियंत्रित हुआ अमेरिका का H-Bomb, जानें क्या था ये मिशन
आज के दिन की कहानी: बात 1 मार्च 1954 की है। प्रशांत महासागर का शांत बिकिनी एटोल अचानक दहल उठा। अमेरिका ने यहां अपना अब तक का सबसे बड़ा परमाणु परीक्षण किया। इस मिशन का नाम कैसल ब्रावो रखा गया था। यह बम कोई मामूली परमाणु बम नहीं था। यह एक सुपर-पॉवरफुल हाइड्रोजन बम (H-Bomb) था।
वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि यह धमाका बहुत बड़ा होगा। लेकिन हकीकत ने वैज्ञानिकों के भी होश उड़ा दिए थे। धमाके की ताकत उम्मीद से तीन गुना ज्यादा निकली। आइए डिटेल में जानें...
कैसल ब्रावो का अनियंत्रित विस्फोट
अमेरिका ने इस बम की ताकत का गलत अनुमान लगाया था। वैज्ञानिकों को लगा था कि यह 5 मेगाटन का होगा। लेकिन विस्फोट होने पर यह 15 मेगाटन का निकला। यह हिरोशिमा पर गिरे बम से 1000 गुना शक्तिशाली था।
पलक झपकते ही एक मील चौड़ा आग का गोला बना। आसमान में मशरूम के आकार का विशाल बादल छा गया। ये बादल करीब 130 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। इस खौफनाक मंजर ने सबको दहशत में डाल दिया था।
बिकिनी द्वीप पर तबाही का मंजर
धमाके ने बिकिनी द्वीप का भूगोल ही बदल दिया। जहां बम फटा, वहां एक विशाल गड्ढा बन गया। यह गड्ढा 65 सौ फीट से ज्यादा चौड़ा और गहरा था। आसपास के कई छोटे द्वीप पूरी तरह गायब हो गए।
समुद्र का पानी भाप बनकर आसमान में उड़ गया। धमाके की आवाज सैकड़ों मील दूर तक सुनाई दी। यह इंसान द्वारा बनाया गया सबसे शक्तिशाली हथियार था। इसने साबित किया कि इंसान प्रकृति को नष्ट कर सकता है।
रेडियोएक्टिव फॉलआउट
इस धमाके के साथ ही एक नई मुसीबत आई। हवाओं ने रेडियोएक्टिव कचरे को दूर तक फैला दिया। पास के रोंगेलैप द्वीप के लोग इसकी चपेट में आए। बच्चों ने गिरते हुए सफेद राख को बर्फ समझ लिया।
बच्चों ने उस जहरीली राख के साथ खेल शुरू कर दिया। बाद में उन लोगों को कैंसर जैसी बीमारियां हुईं। कई जापानी मछुआरे भी इस घातक विकिरण का शिकार बने। दुनियाभर में इस परीक्षण का जमकर विरोध हुआ।
इतिहास का सबसे बड़ा सबक
1954 के इस परीक्षण ने पूरी दुनिया को डरा दिया। देशों के बीच परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो गई। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी कि यह अंत की शुरुआत है। इसके बाद परमाणु परीक्षणों को रोकने की मांग उठी।
इंसानी लालच ने मासूम द्वीपों को हमेशा के लिए बदल दिया। आज भी बिकिनी द्वीप रहने लायक नहीं बचा है। यह घटना हमें हथियारों की होड़ से बचने की सीख देती है। शांति ही मानवता के भविष्य के लिए एकमात्र रास्ता है।
इस घटना के बाद ही दुनियाभर में एंटी-न्यूक्लियर आंदोलन शुरू हुए। देशों को समझ आया कि हथियारों की रेस सिर्फ मौत का रास्ता है। इसी के बाद परमाणु परीक्षणों पर रोक लगाने के लिए संधियां (Treaties) बनीं।
बिकिनी द्वीप की वर्तमान स्थिति
- रेडिएशन का खतरा:
आज भी बिकिनी द्वीप रहने के लिए सुरक्षित नहीं है। वहां की मिट्टी में आज भी सीजियम-137 जैसे खतरनाक तत्व मौजूद हैं। - खाने-पीने पर पाबंदी:
वहां जाने की इजाजत तो है, लेकिन वहां का कुछ भी खाना मना है। वहां के नारियल और फलों में अब भी जहर (रेडिएशन) पाया जाता है। - खंडहर और सन्नाटा:
वहां के द्वीप अब पूरी तरह वीरान हो चुके हैं। 1 मार्च 1954 को अमेरिका ने बिकिनी द्वीप पर हाइड्रोजन बम परीक्षण किया। 'कैसल ब्रावो' नामक यह धमाका इतिहास का सबसे शक्तिशाली और विनाशकारी परमाणु विस्फोट थारान और सुनसान पड़े हैं। पुराने बंकर और फटे हुए जहाज आज भी वहां सड़ रहे हैं। - प्रकृति की वापसी:
एक अजीब बात यह है कि वहां के समंदर में कोरल और मछलियां वापस आ गई हैं। लेकिन इंसानों के रहने के लिए वह जगह अब भी एक डेथ जोन है। परमाणु शक्ति
Reference Links
- CTBTO: Castle Bravo Test Details
- National Museum of Nuclear Science: Bikini Atoll History
- The Guardian: The Victims of Bikini Atoll
- Atomic Archive: Operation Castle
01 मार्च की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 01 मार्च का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 01 मार्च (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1476: टोरवाओं की लड़ाई के बाद फर्डिनेंड और इसाबेला ने आधुनिक स्पेन की नींव रखी।
- 1565: पुर्तगालियों ने ब्राजील के प्रसिद्ध शहर रियो डी जनेरियो की स्थापना की।
- 1633: शमूएल डी चमप्लेन को दोबारा न्यूफ्रांस (कनाडा) का कमांडर नियुक्त किया गया।
- 1640: ब्रिटेन को भारत के मद्रास (चेन्नई) में व्यापार केंद्र खोलने की औपचारिक अनुमति मिली।
- 1692: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में प्रसिद्ध 'सलेम चुड़ैल परीक्षण' (Salem Witch Trials) की शुरुआत हुई।
- 1711: लंदन में प्रसिद्ध पत्रिका 'स्पेक्टेटर' का प्रकाशन शुरू हुआ।
- 1780: पेंसिल्वेनिया गुलामी को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाने वाला पहला अमेरिकी राज्य बना।
- 1781: अमेरिका ने अपना पहला शासी संविधान 'आर्टिकल्स ऑफ़ कॉन्फ़ेडरेशन' अपनाया।
- 1790: संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली बार आधिकारिक जनगणना का आयोजन शुरू हुआ।
- 1792: फ्रांसिस द्वितीय पवित्र रोमन साम्राज्य के अंतिम सम्राट के रूप में गद्दी पर बैठे।
- 1803: ओहियो को संयुक्त राज्य अमेरिका के 17वें राज्य के रूप में मान्यता मिली।
- 1811: मिस्र में मुहम्मद अली पाशा ने मामलुक नेताओं को खत्म कर एक नए राजवंश की नींव रखी।
- 1847: मिशिगन (USA) औपचारिक रूप से मौत की सजा को खत्म करने वाला पहला राज्य बना।
- 1851: प्रसिद्ध लेखक विक्टर ह्यूगो ने पहली बार 'यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ यूरोप' शब्द का प्रयोग किया।
- 1872: अमेरिका का 'येलोस्टोन' दुनिया का पहला राष्ट्रीय उद्यान (National Park) बना।
- 1886: सिंगापुर में बिशप विलियम ओल्डम द्वारा एंग्लो-चीनी स्कूल की स्थापना की गई।
- 1896: इथियोपिया ने अडवा के युद्ध में इटली को हराकर अपनी स्वतंत्रता बरकरार रखी।
- 1896: वैज्ञानिक हेनरी बेकरेल ने प्रयोग के दौरान पहली बार रेडियोधर्मिता (Radioactivity) की खोज की।
- 1914: चीनी गणराज्य आधिकारिक तौर पर 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' का सदस्य बना।
- 1936: अमेरिका में कोलोराडो नदी पर विशाल 'हूवर बांध' का निर्माण कार्य पूरा हुआ।
- 1947: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपना वित्तीय परिचालन (Financial Operations) शुरू किया।
- 1954: अमेरिका ने मार्शल द्वीप के बिकिनी द्वीपसमूह में अब तक का सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन बम परीक्षण किया।
- 1956: अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन ने पहली बार 'नाटो ध्वन्यात्मक वर्णमाला' लागू की।
- 1957: यू नु बर्मा (अब म्यांमार) के नए प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए।
- 1962: न्यूयॉर्क में अमेरिकन एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से 95 लोगों की मौत हुई।
- 1979: फिलिप्स कंपनी ने पहली बार 'ऑप्टिकल डिजिटल ऑडियो डिस्क' (प्रोटो-सीडी) का प्रदर्शन किया।
- 1980: राष्ट्रमंडल व्यापार संघ परिषद (CTUC) की स्थापना की गई।
- 1982: सोवियत संघ का अंतरिक्ष यान 'वेनेरा 14' सफलतापूर्वक शुक्र ग्रह की सतह पर उतरा।
- 1983: भारत की दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम का जन्म मणिपुर में हुआ।
- 1995: इंटरनेट की दुनिया के दिग्गज सर्च इंजन 'याहू' (Yahoo!) के इंटरफेस की शुरुआत हुई।
- 2004: मिखाइल फ़्रैदकोव रूस के प्रधानमंत्री बने और हैती के राष्ट्रपति देश छोड़कर भागे।
- 2007: अमूल्य नाथ शर्मा नेपाल के इतिहास में पहले बिशप नियुक्त किए गए।
- 2012: यूरो जोन में बेरोजगारी दर अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर (10.7%) पर पहुँच गई।
- 2014: चीन के कुनमिंग रेलवे स्टेशन पर हुए आतंकी हमले में 29 लोगों की जान गई।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1854: अंग्रेजों ने 'लैप्स की नीति' (Doctrine of Lapse) के तहत झांसी की रियासत को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया।
- 1901: ब्रिटिश राज के दौरान भारत की चौथी और पहली सबसे विश्वसनीय जनगणना आयोजित हुई।
- 1908: जमशेदजी टाटा द्वारा जमशेदपुर में 'टाटा आयरन और स्टील कंपनी' (TISCO) की स्थापना की गई।
- 2005: सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 18 साल से कम उम्र के अपराधियों को मौत की सजा देना असंवैधानिक घोषित किया।
- 2008: निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक ने न्यूयॉर्क में अपनी पहली शाखा खोलकर विस्तार किया।
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