7 अप्रैल का इतिहास: क्या है विश्व स्वास्थ्य संगठन, 1948 में क्यों पड़ी थी इस ग्लोबल संगठन की जरूरत
आज के दिन की कहानी: दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया में बहुत बीमारियां फैली थीं। उस समय देशों ने मिलकर एक सेहत संगठन की जरूरत सोची। 7 अप्रैल 1948 को संयुक्त राष्ट्र ने WHO (World Health Organization) का गठन किया। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के सभी लोगों को अच्छी सेहत देना था। शुरुआत में इसमें केवल 61 देशों ने अपने हस्ताक्षर किए थे।
आज लगभग दुनिया के सभी देश इसके सदस्य बन चुके हैं। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के खूबसूरत शहर जेनेवा (Geneva) में बनाया गया है। हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन पूरी दुनिया को अपनी सेहत के प्रति जागरूक करता है।
WHO का काम करने का तरीका
जेनेवा स्थित हेडक्वार्टर से पूरी दुनिया की मॉनिटरिंग होती है। यहां से स्वास्थ्य नीतियों और टीकों पर बड़े फैसले लिए जाते हैं। संगठन के पास अलग-अलग देशों में क्षेत्रीय कार्यालय भी मौजूद हैं। इनका काम संक्रामक बीमारियों और महामारियों को रोकना होता है।
WHO दुनिया भर में स्वास्थ्य डेटा और रिपोर्ट भी जारी करता है। यह संगठन सरकारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तकनीकी सहायता देता है। दवाओं की क्वालिटी और सेफ्टी तय करना भी इसका काम है। आपातकाल के समय WHO राहत और बचाव कार्य में जुट जाता है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व
हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस (United Nations) एक नई थीम पर आधारित होता है। यह थीम दुनिया की मौजूदा स्वास्थ्य समस्या को ध्यान में रखती है। जैसे किसी साल डिप्रेशन तो किसी साल यूनिवर्सल हेल्थ थीम होती है।
इसका मकसद लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से दिलाना है। थीम के जरिए गरीब और अमीर के बीच की दूरी मिटती है। सरकारें इस दिन अपनी नई स्वास्थ्य योजनाओं का ऐलान करती हैं। आम लोगों को जागरूक करने के लिए कैंप भी लगाए जाते हैं।
WHO की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियां
WHO ने दुनिया से चेचक जैसी बीमारी को पूरी तरह खत्म किया। पोलियो के खिलाफ जंग में भी संगठन ने बड़ी जीत हासिल की। मलेरिया और टीबी को रोकने के लिए कई अभियान चलाए गए। हाल ही में कोरोना महामारी में WHO ने अहम भूमिका निभाई।
टीकाकरण के मामले में संगठन ने करोड़ों बच्चों की जान बचाई। यह संगठन गरीब देशों को मुफ्त दवाएं दिलाने में मदद करता है। मातृ और शिशु मृत्यु दर कम करना इसकी बड़ी सफलता है। कैंसर और डायबिटीज जैसी बीमारियों पर रिसर्च को बढ़ावा मिलता है।
आज के दौर में WHO के सामने बड़ी चुनौतियां
बदलती जीवनशैली के कारण अब जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही हैं। मानसिक स्वास्थ्य आज के समय की एक बहुत बड़ी चुनौती है। प्रदूषण और क्लाइमेट चेंज भी लोगों की सेहत बिगाड़ रहे हैं। कई देशों में स्वास्थ्य बजट की भारी कमी देखी गई है।
WHO इन सभी मुद्दों पर ग्लोबल स्तर पर काम कर रहा है। वह तकनीक और डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा दे रहा है। ताकि घर बैठे लोगों को बेहतर इलाज मिल सके। भविष्य की महामारियों के लिए दुनिया को तैयार करना जरूरी है।
WHO की स्थापना कब हुई
विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को की गई थी। इसे बनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सभी लोगों को स्वास्थ्य का अधिकार देना और बीमारियों को ग्लोबल लेवल पर रोकना था।
इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई थी और इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में स्थित है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया भर में हैजा, मलेरिया और टीबी जैसी बीमारियां फैली थीं। एक ऐसी संस्था की जरूरत थी जो देशों के बीच तालमेल बिठाकर 'पब्लिक हेल्थ' को संभाल सके। अब तक की बड़ी उपलब्धियां:
- चेचक (Smallpox) का खात्मा: 1980 में WHO ने दुनिया को चेचक जैसी जानलेवा बीमारी से पूरी तरह मुक्त कराया।
- पोलियो पर लगाम: संगठन के प्रयासों से आज दुनिया के 99% हिस्से से पोलियो खत्म हो चुका है।
- टीकाकरण (Vaccination): बच्चों के लिए जरूरी टीकों को गरीब देशों तक पहुँचाने में WHO ने बड़ी भूमिका निभाई है।
- महामारी नियंत्रण: इबोला से लेकर COVID-19 तक, WHO ने गाइडलाइंस जारी कर वायरस को फैलने से रोकने में मदद की।
आज के दौर में यह संगठन Mental Health और Lifestyle Diseases (जैसे कैंसर, शुगर) पर भी फोकस कर रहा है। यह संस्था सुनिश्चित करती है कि हेल्थ सिर्फ अमीरों के लिए नहीं बल्कि सबके लिए हो।
7 अप्रैल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 7 अप्रैल का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 7 अप्रैल (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1141: महारानी मटिल्डा इंग्लैंड की पहली महिला शासक बनीं और 'लेडी ऑफ द इंग्लिश' की उपाधि धारण की।
- 1348: बोहेमिया के राजा चार्ल्स ने मध्य यूरोप के पहले विश्वविद्यालय, 'चार्ल्स विश्वविद्यालय' की प्राग में स्थापना की।
- 1509: फ्रांस ने आधिकारिक तौर पर वेनिस के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया।
- 1724: प्रसिद्ध संगीतकार जोहान सेबेस्टियन बाख ने लीपज़िग में 'सेंट जॉन पैशन' का पहला संगीत प्रदर्शन किया।
- 1767: बर्मी सेना ने स्याम के अयुत्या साम्राज्य पर कब्जा कर चार सौ साल पुराने राजवंश का अंत कर दिया।
- 1788: अमेरिकी अग्रदूतों ने मैरिएट्टा शहर बसाया, जो मूल 13 कॉलोनियों के बाहर पहली स्थायी बस्ती थी।
- 1805: महान संगीतकार बीथोवेन ने वियना के थिएटर में अपनी 'थर्ड सिम्फनी' का पहली बार प्रदर्शन किया।
- 1818: अमेरिका के सबसे पुराने कपड़ों के व्यापारी 'ब्रूक्स ब्रदर्स' ने न्यूयॉर्क में अपना पहला स्टोर खोला।
- 1940: बुकर टी. वाशिंगटन पहले अफ्रीकी-अमेरिकी बने जिनकी तस्वीर अमेरिकी डाक टिकट पर प्रकाशित हुई।
- 1946: सीरिया को लंबे संघर्ष के बाद फ्रांस के औपनिवेशिक शासन से पूर्ण आजादी मिली।
- 1948: संयुक्त राष्ट्र ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की स्थापना की, जिसका मुख्यालय जेनेवा में है।
- 1955: विंस्टन चर्चिल ने स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया।
- 1956: स्पेन ने मोरक्को पर अपना अधिकार छोड़ दिया और उसे स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में मान्यता दी।
- 1969: इंटरनेट के इतिहास का पहला दस्तावेज 'RFC 1' प्रकाशित हुआ, जिसे इंटरनेट का प्रतीकात्मक जन्म माना जाता है।
- 1994: रवांडा में राष्ट्रपति की हत्या के बाद भीषण नरसंहार शुरू हुआ, जिसमें लाखों लोग मारे गए।
- 1996: श्रीलंका ने सिंगापुर में आयोजित 'हस्ताक्षरकर्ता कप' के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर जीत हासिल की।
- 2000: ब्राजील से दुनिया के सबसे छोटे अखबार 'योर ऑनर' का प्रकाशन शुरू हुआ।
- 2001: नासा ने मंगल ग्रह के लिए '2001 मार्स ओडिसी' यान लॉन्च किया, जो आज भी सक्रिय है।
- 2010: किर्गिस्तान में हिंसक दंगों के बाद सरकार का पतन हुआ और प्रदर्शनकारियों ने संसद पर कब्जा किया।
- 2012: सियाचिन ग्लेशियर में आए भीषण भूस्खलन की चपेट में आने से 130 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1843: ईस्ट इंडिया कंपनी ने 'भारतीय गुलामी अधिनियम 1843' लागू कर दासता को मिलने वाले कानूनी समर्थन को खत्म किया।
- 2001: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।
- 2001: प्रोटोकॉल से हटकर अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने तत्कालीन भारतीय रक्षा मंत्री जसवंत सिंह से विशेष मुलाकात की।
- 2001: इसी दिन भारत ने वैश्विक स्तर पर मंगल मिशन के लिए नासा के ओडिसी यान के प्रक्षेपण का स्वागत किया।
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