9 मार्च का इतिहास: कौन थीं पर्दे पर पहला लॉन्ग किस देने वाली देविका रानी
आज के दिन की कहानी: भारतीय सिनेमा के उस सुनहरे दौर की कल्पना करें, जब ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन पर जादू बिखेरने वाली एक ऐसी हसीना आई। इन्होंने न सिर्फ एक्टिंग की बल्कि पूरे बॉलीवुड का डायरेक्शन ही बदल दिया। हम बात कर रहे हैं देविका रानी की, जिन्हें दुनिया फर्स्ट लेडी ऑफ इंडियन सिनेमा कहती है।
लंदन की हाई-प्रोफाइल लाइफ छोड़कर जब वो भारत आईं। उन्होंने बॉम्बे टॉकीज जैसा आलीशान स्टूडियो खड़ा कर दिया। 1933 में पर्दे पर 4 मिनट का लॉन्ग किस देकर उन्होंने उस दौर के समाज में तहलका मचा दिया था।
दिलीप कुमार और अशोक कुमार जैसे दिग्गजों को तराशने वाली देविका जी की कहानी किसी सस्पेंस और ड्रामा फिल्म से कम नहीं है। चलिए, आज रूबरू होते हैं उस लेडी बॉस से जिसने सिनेमा को अपनी उंगलियों पर नचाया।
लंदन से बॉम्बे तक का फिल्मी सफर
भारतीय सिनेमा का इतिहास देविका रानी के बिना अधूरा है। देविका का जन्म 30 मार्च 1908 को आंध्र प्रदेश में हुआ था। उनके पिता कर्नल चौधरी एक मशहूर डॉक्टर थे। देविका रानी महान कवि रविंद्रनाथ टैगोर की रिश्तेदार थीं। उन्होंने अपनी पढ़ाई लंदन के मशहूर स्कूलों में की थी।
लंदन में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात हिमांशु राय से हुई। हिमांशु राय उस समय एक उभरते हुए फिल्म निर्माता थे। देविका उनके काम और विजन से काफी प्रभावित हुईं।
दोनों ने शादी की और भारत वापस लौट आए। यहां उन्होंने मिलकर बॉम्बे टॉकीज स्टूडियो की शुरुआत की। यह भारत का पहला प्रोफेशनल फिल्म स्टूडियो माना जाता है।
जब परदे पर हुआ लॉन्ग किस का धमाका
साल 1933 में देविका रानी की फिल्म कर्मा रिलीज हुई। इस फिल्म ने उस दौर में तहलका मचा दिया था। इसमें उन्होंने हिमांशु राय के साथ एक्टिंग किया था।
इस फिल्म में एक चार मिनट का किसिंग सीन था। ये सीन इंडियन सिनेमा हिस्ट्री का सबसे लंबा सीन था। उस रूढ़िवादी दौर में यह एक बहुत साहसी कदम था।
दिलीप कुमार और अशोक कुमार की खोज
देविका रानी केवल एक बेहतरीन एक्ट्रेस ही नहीं थीं। वे एक बहुत पारखी नजर वाली फिल्म प्रोडूसर भी थीं। उन्होंने अशोक कुमार को फिल्म अछूत कन्या में मौका दिया।
दिलीप कुमार को फिल्म इंडस्ट्री में लाने वाली वे ही थीं। उन्होंने ही युसूफ खान को दिलीप कुमार नाम दिया था। बॉम्बे टॉकीज ने हिंदी सिनेमा को कई बड़े सितारे दिए।
दादा साहब फाल्के अवार्ड
भारतीय सिनेमा के विकास में देविका रानी का योगदान बहुत बड़ा था। भारत सरकार ने उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया। वे ये सम्मान पाने वाली पहली व्यक्ति बनीं।
यह पुरस्कार साल 1969 में उन्हें दिया गया था। उन्हें पद्म श्री सम्मान से भी नवाजा गया था। उनकी फिल्में सामाजिक बुराइयों पर कड़ा प्रहार करती थीं। भारतीय सिनेमा को सम्मान
सिनेमा छोड़कर पहाड़ों में बिताया जीवन
हिंमाशु राय की मृत्यु के बाद वे टूट गई थीं। बाद में उन्होंने मशहूर रूसी पेंटर स्वेतोस्लाव रोरिक से शादी की। शादी के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया।
देविका रानी बेंगलुरु के पास एक बड़े फार्म में रहने लगीं। वहां उन्होंने प्रकृति के करीब अपना सादा जीवन बिताया। वे आखिरी समय तक कला और संस्कृति से जुड़ी रहीं।
देविका की कुछ सदाबहार फिल्में
- कर्मा (Karma - 1933)
यह देविका रानी की सबसे पहली और इंटरनेशनल लेवल की हिट फिल्म थी। इसमें उन्होंने उस जमाने का सबसे लंबा 'किसिंग सीन' देकर सबको चौंका दिया था। - अछूत कन्या (Achhut Kanya - 1936)
यह फिल्म सामाजिक सुधार पर आधारित एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इसमें देविका ने एक दलित लड़की का किरदार निभाकर सबका दिल जीत लिया था। - ज्वानी की हवा (Jawani Ki Hawa - 1935)
यह एक थ्रिलर ड्रामा फिल्म थी जिसे पूरी तरह से एक ट्रेन में शूट किया गया था। इस फिल्म के जरिए देविका ने अपनी वर्सटाइल एक्टिंग का लोहा मनवाया था। - जीवन नैया (Jeevan Naiya - 1936)
इस फिल्म से ही महान अभिनेता अशोक कुमार ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। देविका और अशोक कुमार की जोड़ी को लोगों ने स्क्रीन पर बहुत पसंद किया था। - सावित्री (Savitri - 1937)
धार्मिक कथा पर आधारित इस फिल्म में देविका रानी ने सावित्री का रोल प्ले किया था। उनके सादगी भरे लुक और इमोशनल एक्टिंग की आज भी मिसाल दी जाती है। - इज्जत (Izzat - 1937)
यह फिल्म उस दौर में आदिवासी समाज और उनके अधिकारों की बात करती थी। देविका ने इसमें एक दमदार और विद्रोही लड़की का किरदार बहुत अच्छे से निभाया था। - निर्मला (Nirmala - 1938)
यह फिल्म समाज में दहेज प्रथा और बेमेल विवाह जैसी बुराइयों पर एक कड़ा प्रहार थी। देविका रानी की परफॉर्मेंस ने दर्शकों की आंखों में आंसू ला दिए थे। - दुर्गा (Durga - 1939)
इस फिल्म में देविका रानी ने एक ऐसी लड़की का रोल किया जो अन्याय के खिलाफ लड़ती है। उनकी जांबाजी और स्टाइल ने युवाओं को अपना दीवाना बना लिया था। - अनन (Anjan - 1941)
यह एक रोमांटिक ड्रामा था जिसमें देविका के साथ अशोक कुमार लीड रोल में थे। फिल्म के गाने और देविका की नेचुरल एक्टिंग उस समय काफी पॉपुलर हुई थी। - हमारी बात (Hamari Baat - 1943)
यह देविका रानी की आखिरी फिल्म थी जिसके बाद उन्होंने एक्टिंग से संन्यास ले लिया था। इस फिल्म के साथ उन्होंने अपने शानदार फिल्मी सफर का अंत किया था।
9 मार्च 1994: एक सुनहरे युग का अंत
9 मार्च 1994 को बेंगलुरु में उनका निधन हो गया। उस दिन भारतीय सिनेमा ने अपनी फर्स्ट लेडी को खो दिया। उनकी कमी आज भी फिल्म इंडस्ट्री में खलती है। देविका सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा को आधुनिक बनाने वाली एक संस्था थीं।
देविका रानी ने रूढ़ियों को तोड़कर महिलाओं के लिए फिल्म निर्माण और अभिनय के नए रास्ते खोल दिए। आज के दौर की हर सफल महिला फिल्ममेकर में कहीं न कहीं देविका रानी की निडर विरासत की झलक दिखाई देती है।
Reference Links:
- Encyclopedia Britannica - Devika Rani
- Indian Culture - The First Lady of Indian Cinema
- Dada Saheb Phalke Awardees List - Govt of India
- The Hindu Archives - Remembering Devika Rani
09 मार्च की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 09 मार्च का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 09 मार्च (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1009: 'लिथुआनिया' देश के नाम का पहला लिखित रिकॉर्ड जर्मनी के इतिहास में दर्ज हुआ।
- 1454: इतालवी नाविक अमेरिगो वेसपुची का जन्म हुआ, जिनके नाम पर 'अमेरिका' का नाम पड़ा।
- 1776: अर्थशास्त्र की सबसे प्रसिद्ध किताब 'द वेल्थ ऑफ नेशंस' (एडम स्मिथ) पहली बार प्रकाशित हुई।
- 1796: मशहूर जनरल नेपोलियन बोनापार्ट ने जोसीफिन डी बीउहर्नैस से शादी की।
- 1822: न्यूयॉर्क के चार्ल्स ग्राहम ने दुनिया में पहली बार 'नकली दांतों' का पेटेंट कराया।
- 1860: जापान ने पहली बार अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में अपना दूतावास स्थापित किया।
- 1934: नाजी जर्मनी ने यहूदी निर्देशक होने के कारण 'द राइज ऑफ कैथरीन द ग्रेट' पर रोक लगाई।
- 1945: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी बमवर्षकों ने जापान पर भीषण हमला किया।
- 1959: दुनिया की सबसे मशहूर गुड़िया बार्बी को पहली बार न्यूयॉर्क टॉय फेयर में पेश किया गया।
- 1961: सोवियत संघ ने डमी इंसान के साथ अपने अंतरिक्ष यान स्पुतनिक-9 का सफल प्रक्षेपण किया।
- 1977: वाशिंगटन में एक मुस्लिम गुट ने 149 लोगों को बंधक बनाया, जो 39 घंटे बाद खत्म हुआ।
- 1990: डॉ. एंटोनिया नोवेलो अमेरिका की पहली महिला 'सर्जन जनरल' नियुक्त हुईं।
- 1996: श्रीलंकाई क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 44 गेंदों में 82 रन की तूफानी पारी खेली।
- 2004: पाकिस्तान ने 2000 किमी मारक क्षमता वाली मिसाइल 'शाहीन-2' का सफल परीक्षण किया।
- 2012: हैरी पॉटर की लेखिका जे.के. राउलिंग ने अपनी वेबसाइट 'पॉटरमोर' लॉन्च करने की घोषणा की।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1951: दुनिया के महान तबला वादक उस्ताद ज़ाकिर हुसैन का जन्म हुआ।
- 1994: भारतीय सिनेमा की पहली फर्स्ट लेडी और दादा साहब फाल्के विजेता देविका रानी का निधन हुआ।
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