11 मार्च का इतिहास: वो दिन जब अमेरिका के शेयर बाजार में गूंजा Infosys का नाम
आज के दिन की कहानी: दोस्तों, आज हम एक ऐसी कहानी की बात करेंगे जिसने भारत की किस्मत बदल दी। ये कहानी है सात दोस्तों और उनके बड़े सपनों की। साल 1999 में एक ऐसा चमत्कार हुआ जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया।
बेंगलुरु की एक छोटी सी कंपनी इंफोसिस ने सात समंदर पार अमेरिका में अपना झंडा गाड़ा। वो नशदाक (NASDAQ) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी। इस लिस्टिंग ने भारत के IT सेक्टर की इमेज बदल दी।
नारायण मूर्ति और उनकी टीम ने ये साबित किया कि ईमानदारी और मेहनत से हम दुनिया जीत सकते हैं। ये सिर्फ एक कंपनी की सफलता नहीं थी, बल्कि करोड़ों भारतीय युवाओं की उम्मीदों की जीत थी। आइए जानें...
क्या होता है NASDAQ
NASDAQ (National Association of Securities Dealers Automated Quotations) अमेरिका का एक बहुत बड़ा और मॉडर्न शेयर बाजार है, जो न्यूयॉर्क में लोकेटेड है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह दुनिया का पहला इलेक्ट्रॉनिक स्टॉक मार्किट है, जहां सारा काम कंप्यूटर के जरिए होता है।
नशदाक मेनली दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी और IT कंपनियों (जैसे Apple, Google और Microsoft) का घर माना जाता है। किसी कंपनी का यहां लिस्ट होना बहुत गर्व की बात होती है, क्योंकि ये साबित करता है कि वो कंपनी ग्लोबल स्टैंडर्ड्स और नियमों पर खरी उतरी है।
क्यों खास था NASDAQ का वो मंच
नशदाक दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज माना जाता है। यहां केवल वही कंपनियां टिकती हैं जिनका विजन बड़ा होता है। इंफोसिस के लिए यहां लिस्ट होना कोई छोटी बात नहीं थी। कंपनी को अमेरिका के कड़े फाइनेंसियल रेगुलेशंस का पालन करना था।
नारायण मूर्ति ने कंपनी में ट्रांसपेरेंसी को हमेशा प्रायोरिटी दी। यही वजह थी कि इंफोसिस ने अमेरिकी बाजार का दिल जीता। इस लिस्टिंग के बाद कंपनी को ग्लोबल पहचान और फंड मिला। इससे कंपनी को बड़े अंतरराष्ट्रीय क्लाइंट्स के साथ काम मिला। भारतीय प्रतिभा का लोहा अब पूरी दुनिया मान रही है।
सात दोस्तों की मेहनत
इंफोसिस की शुरुआत केवल दस हजार रुपए की मामूली पूंजी से हुई थी। नारायण मूर्ति ने पत्नी सुधा मूर्ति से ये पैसे उधार लिए थे। उनके साथ छह और जुझारू दोस्त इस मिशन में शामिल हुए। शुरुआती दिनों में कंपनी के पास अपना दफ्तर तक नहीं था।
वे लोग नारायण मूर्ति के घर के एक कमरे से काम करते थे। उनका सपना भारत में वर्ल्ड क्लास सॉफ्टवेयर कंपनी बनाना था। उन्होंने कभी शॉर्टकट नहीं अपनाया और मेहनत पर भरोसा रखा। 1999 की लिस्टिंग उसी सालों पुरानी तपस्या का एक फल था। आज यह कंपनी लाखों लोगों को रोजगार दे रही है।
भारतीय युवाओं के लिए उम्मीदों का नया दरवाजा
इंफोसिस की इस सफलता ने भारत के युवाओं को हौसला दिया। अब इंजीनियरों के लिए ग्लोबल प्लेटफार्म पर काम करना आसान हुआ। हजारों भारतीय युवाओं को ग्लोबल कंपनियों में मौका मिला है। इंफोसिस ने शेयर बाजार के जरिए अपने कर्मचारियों को अमीर बनाया।
कंपनी ने अपने ड्राइवर्स तक को स्टॉक ऑप्शंस दिए थे। यह भारत में वेल्थ क्रिएशन का एक नया तरीका था। इससे समाज में संदेश गया कि ईमानदारी से पैसा कमाया जा सकता है। मिडिल क्लास के लिए यह एक बहुत बड़ी प्रेरणा थी।
IT सेक्टर की दिशा और दशा में बड़ा बदलाव
1999 से पहले भारत को केवल सस्ते लेबर का देश मानते थे। लेकिन इंफोसिस ने साबित किया कि भारत में टैलेंट बहुत है। इस लिस्टिंग के बाद विप्रो और टीसीएस जैसी कंपनियां बढ़ीं। विदेशी निवेशकों ने भारत के शेयर बाजार पर भरोसा शुरू किया।
आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा IT आउटसोर्सिंग हब है। इसका बहुत बड़ा क्रेडिट 1999 की उस अमेरिकी लिस्टिंग को है। इंफोसिस आज भी अपनी एथिक्स के लिए जानी जाती है। कंपनी ने ग्लोबल स्टैंडर्ड्स को भारत में लागू करके दिखाया।
ग्लोबल इकोनॉमी में भारत की नई धाक
इंफोसिस की जीत ने भारत को ग्लोबल मैप पर रखा। अब दुनिया के बड़े इन्वेस्टर्स भारतीय कंपनियों को गंभीरता से लेते हैं। NASDAQ पर लिस्ट होने से भारत का डॉलर रिजर्व बढ़ा। ये केवल एक कंपनी की नहीं, बल्कि देश की जीत थी।
आज इंफोसिस के ऑफिस दुनिया के हर कोने में हैं। लेकिन इसकी नींव 1999 के उस ऐतिहासिक फैसले पर है। हमें गर्व है कि एक भारतीय कंपनी ने रास्ता दिखाया। ये कहानी हर भारतीय स्टार्टअप और छात्र के लिए एक सबक है।
Reference Links
- Infosys Official History
- NASDAQ Website - INFY Profile
- The Economic Times - Flashback 1999
- LiveMint - Legacy of Infosys Listing, Infosys Foundation
11 मार्च की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 11 मार्च का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 11 मार्च (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 222: रोमन सम्राट एल्गाबालस और उनकी माँ की हत्या कर उनके शव नदी में फेंक दिए गए।
- 1669: इटली में एटना ज्वालामुखी फटने के कारण भीषण तबाही में 15 हजार लोगों की मौत हुई।
- 1702: दुनिया का पहला अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र "डेली कुरंट" लंदन से प्रकाशित हुआ।
- 1779: अमेरिकी सेना ने पहली बार 'कोर ऑफ इंजीनियर्स' विभाग की स्थापना की।
- 1810: फ्रांस के सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट ने ऑस्ट्रिया की मैरी-लुईस से विवाह किया।
- 1823: अमेरिका के वर्मोंट में पहला सामान्य स्कूल (Normal School) खोला गया।
- 1843: 'एटा कैरिना' तारा अचानक भड़क कर आकाश का दूसरा सबसे चमकीला तारा बन गया।
- 1848: कनाडा में पहली बार लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार अस्तित्व में आई।
- 1851: वेनिस में प्रसिद्ध संगीतकार ग्यूसेप वर्डी के ओपेरा 'रिगोलेटो' का पहला प्रदर्शन हुआ।
- 1864: इंग्लैंड के शेफ़ील्ड में डेल डाइक डैम टूटने से आई बाढ़ में 238 लोगों की मौत हुई।
- 1879: जापान ने रयूकू साम्राज्य को खत्म कर उसे ओकिनावा प्रान्त घोषित कर दिया।
- 1888: उत्तरपूर्वी अमेरिका में 'ग्रेट ब्लिजार्ड' तूफान से 50 फीट तक बर्फ जमी और भारी तबाही हुई।
- 1895: स्पेनिश जहाज 'रीना रीगेंटा' के डूबने से 400 यात्रियों की जलसमाधि हो गई।
- 1912: ब्रिटेन के खनिकों (Miners) के संघ ने अपनी मांगों के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
- 1931: डेविड सैमानेज ओकाम्पो ने पेरू के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला।
- 1941: अमेरिकी राष्ट्रपति ने 'लेंड-लीज एक्ट' पर हस्ताक्षर कर मित्र राष्ट्रों को युद्ध सामग्री देना शुरू किया।
- 1945: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान ने वियतनाम साम्राज्य (कठपुतली राज्य) की स्थापना की।
- 1946: ऑशविट्ज़ शिविर के क्रूर कमांडेंट रूशॉल्फ हॉस को ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार किया।
- 1955: पेनिसिलिन के आविष्कारक सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग का निधन हुआ।
- 1966: इंडोनेशिया में तख्तापलट के दौरान सुकर्णो ने सुहार्तो को कमान संभालने का आदेश दिया।
- 1978: इजरायल के तेल अवीव में हुए भीषण बस हाईजैक और आतंकी हमले में 45 लोगों की मौत हुई।
- 1985: मिखाएल गोर्बाचेव सोवियत संघ (USSR) के सर्वोच्च नेता और कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने।
- 1985: प्रसिद्ध व्यवसायी मोहम्मद अल-फ़ैद ने लंदन के हैरोड्स स्टोर को खरीदा।
- 1993: जेनेट रेनो को संयुक्त राज्य अमेरिका की पहली महिला अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया।
- 1996: क्रिकेट विश्व कप में मार्क वॉ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना तीसरा शतक जड़ा।
- 2004: स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रेल नेटवर्क पर हुए आतंकी बम धमाकों में 191 लोग मारे गए।
- 2006: मिशेल बाचेलेट ने चिली की पहली महिला राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
- 2009: जर्मनी के विन्नेंदेन के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 16 लोगों की मौत हुई।
- 2011: जापान में आए विनाशकारी भूकंप और सुनामी ने फुकुशिमा परमाणु आपदा को जन्म दिया।
- 2012: स्लोवाकिया के ऐतिहासिक 'कोसमा होर्का' महल को आग से भारी नुकसान पहुँचा।
- 2013: चीन की हुआंगपु नदी में हजारों मरे हुए सूअर मिलने से जल प्रदूषण का संकट गहराया।
- 2014: अमेरिकी FDA ने माइग्रेन के इलाज के लिए पहले 'इलेक्ट्रिक नर्व स्टिमुलेटर' को मंजूरी दी।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1795: कुर्दल की लड़ाई में मराठा साम्राज्य ने मुगल सेना को करारी शिकस्त दी थी।
- 1881: कोलकाता के टाउन हॉल में रामनाथ टैगोर की प्रतिमा लगी, वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बने।
- 1999: इंफोसिस (Infosys company) अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज NASDAQ पर लिस्ट होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी।
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