20 मार्च का इतिहास: भारत का बेशकीमती कोहिनूर हीरा कैसे गया परदेस, जानें चोरी का पूरा सच

Kaushiki | Mar 20, 2026, 08:00 IST
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1739 में नादिर शाह ने दिल्ली पर कब्जा कर कत्लेआम मचाया। वह कोहिनूर हीरा और मयूर सिंहासन सहित अपार धन लूटकर ईरान ले गया था। जानिए 1739 में नादिर शाह के दिल्ली आक्रमण की पूरी कहानी।

आज के दिन की कहानी: इतिहास के पन्नों में 1739 का साल बहुत दर्दनाक माना जाता है। इस साल फारस (ईरान) के राजा नादिर शाह ने भारत पर हमला किया। उस समय दिल्ली की सत्ता कमजोर मुगल शासक मोहम्मद शाह के पास थी।



नादिर शाह अपनी विशाल सेना के साथ भारत की सरहद में घुस आया। उसने सबसे पहले करनाल की लड़ाई में मुगल सेना को बुरी तरह हराया। इसके बाद नादिर शाह ने बड़ी चालाकी से दिल्ली में कदम रखा। शुरुआत में उसने खुद को दिल्ली का मेहमान घोषित किया था।



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एक अफवाह से शुरू हुआ खूनी तांडव

दिल्ली में अचानक एक अफवाह फैल गई कि नादिर शाह मर गया। इस खबर को सुनकर स्थानीय लोगों ने ईरानी सैनिकों पर हमला किया। गुस्साए नादिर शाह ने पूरी दिल्ली में कत्लेआम का आदेश दे दिया।



इतिहासकारों के मुताबिक, सिर्फ एक दिन में हजारों बेगुनाह लोग मारे गए। दिल्ली की गलियों में चारों तरफ सिर्फ खून और चीखें सुनाई दीं। इसके बाद नादिर शाह ने कत्लेआम रोका लेकिन शहर को लूटना शुरू किया।



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मयूर सिंहासन और कोहिनूर पर नजर

नादिर शाह की नजर मुगल साम्राज्य के असली खजाने पर थी। उसने लाल किले की तिजोरियों से सारा सोना और चांदी निकलवाया। इतिहासकारों के मुताबिक, सबसे महत्वपूर्ण चीज शाहजहां द्वारा बनवाया गया मयूर सिंहासन (Takht-e-Taus) था।



इस सिंहासन में दुनिया के सबसे कीमती हीरे और जवाहरात जड़े थे। इसी सिंहासन में छिपा हुआ था दुनिया का सबसे मशहूर कोहिनूर हीरा। नादिर शाह ने जब पहली बार यह हीरा देखा तो दंग रह गया। उसने इस हीरे की चमक देखकर इसे कोह-इ-नूर नाम दिया।



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सात सौ ऊंटों पर लदकर गया भारत का गौरव

नादिर शाह करीब दो महीने तक दिल्ली के लाल किले में रहा। उसने मुगल खजाने को पूरी तरह खाली करने की ठान ली थी। इतिहासकारों के मुताबिक, उसने सोने-चांदी के सिक्के और बेशकीमती गहने बोरियों में भरवाए।



मयूर सिंहासन को तोड़कर उसे सात सौ ऊंटों पर लाद दिया गया। साथ में कोहिनूर हीरा भी भारत की सरजमीं छोड़कर हमेशा के लिए चला गया। कहा जाता है कि वह इतनी दौलत ले गया कि ईरान में कर माफ कर दिया।



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कोहिनूर की चोरी

कहा जाता है कि जब नादिर शाह ने दिल्ली पर कब्जा किया, तो उसे कोहिनूर हीरा कहीं नहीं मिला। मुगल बादशाह मोहम्मद शाह ने उसे अपनी पगड़ी के अंदर छिपाकर रखा था। नादिर शाह को इसकी खबर एक दरबारी नर्तकी ने दे दी।



नादिर शाह ने बड़ी चालाकी से दोस्ती की रस्म निभाने के लिए पगड़ी बदलने का प्रस्ताव रखा। मुगल बादशाह मना नहीं कर सके और जैसे ही पगड़ी बदली, हीरा नादिर शाह के हाथ लग गया। हीरा देखते ही उसके मुंह से निकला "कोह-इ-नूर!" (रोशनी का पर्वत)।



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कारण- कोहिनूर है शापित हीरा

इतिहासकारों के बीच एक और चर्चा बहुत मशहूर है कि कोहिनूर हीरा श्रापित है। एक पुरानी मान्यता के मुताबिक, जो पुरुष इस हीरे को धारण करता है, उसका विनाश तय है। नादिर शाह के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।



भारत से लौटने के कुछ साल बाद ही उसके अपने सैनिकों ने उसकी हत्या कर दी। उसके बाद यह जिसके पास भी गया, उनका साम्राज्य खत्म हो गया।



नादिर शाह जिस तख्त-ए-ताऊस (Peacock Throne) को लूटकर ले गया था, वह आज अपने असली रूप में नहीं है। भारी होने के कारण नादिर शाह ने इसे तुड़वा दिया था। इसके सोने और कीमती पत्थरों को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया गया।



आज कोहिनूर (कोहिनूर की कहानी)भले ही विदेशी धरती पर हो, लेकिन वह हर भारतीय के लिए अपने गौरवशाली इतिहास और संघर्ष की एक अमिट याद बनकर सुरक्षित है।



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20 मार्च की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 20 मार्च का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।



आइए जानते हैं 20 मार्च (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-



विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1600: पोलिश-स्वीडिश राजा सिगिस्मंड III के पांच सलाहकारों का शासन आधिकारिक रूप से समाप्त हुआ।
  • 1713: टस्कारारा युद्ध के दौरान कर्नल जेम्स मूर ने फोर्ट नेओरोका पर बड़ा हमला किया।
  • 1760: अमेरिका के बोस्टन शहर में भीषण आग लगी, जिसमें 349 इमारतें जलकर राख हो गईं।
  • 1815: नेपोलियन बोनापार्ट निर्वासन से भागकर पेरिस लौटे और 'हंड्रेड डेज' शासन शुरू किया।
  • 1816: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के कानूनी फैसलों की समीक्षा करने का अधिकार प्राप्त किया।
  • 1819: लंदन का प्रसिद्ध 'बर्लिंगटन आर्केड' शॉपिंग सेंटर जनता के लिए खोला गया।
  • 1852: गुलामी विरोधी प्रसिद्ध किताब 'अंकल टॉम्स केबिन' पहली बार अमेरिका में प्रकाशित हुई।
  • 1854: अमेरिका के विस्कॉन्सिन में एक बैठक के दौरान 'रिपब्लिकन पार्टी' का नामकरण हुआ।
  • 1861: अर्जेंटीना का मेंडोना शहर एक शक्तिशाली भूकंप के कारण पूरी तरह तबाह हो गया।
  • 1876: लुई डे गेयर संवैधानिक सुधारों के बाद स्वीडन के पहले प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए।
  • 1916: महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की किताब 'जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी' प्रकाशित हुई।
  • 1923: शिकागो में पाब्लो पिकासो की कलाकृतियों की पहली प्रदर्शनी अमेरिका में आयोजित हुई।
  • 1942: जनरल डगलस मैकआर्थर ने फिलीपींस छोड़ते समय मशहूर वादा किया— 'मैं वापस आऊंगा'।
  • 1952: अमेरिकी सीनेट ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान के साथ शांति संधि को मंजूरी दी।
  • 1966: प्रसिद्ध भारतीय पार्श्व गायिका अल्का याग्निक का जन्म कोलकाता में हुआ था।
  • 1969: अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन ने 1970 तक वियतनाम युद्ध समाप्त करने की घोषणा की।
  • 1987: एड्स के इलाज के लिए पहली दवा 'AZT' को अमेरिकी सरकार ने आधिकारिक मंजूरी दी।
  • 1991: बेगम खालिदा जिया लोकतांत्रिक तरीके से बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनी गईं।
  • 1995: टोक्यो की मेट्रो ट्रेन में जहरीली सरीन गैस के हमले से 12 लोगों की मौत हुई।
  • 2003: इराक युद्ध की शुरुआत; अमेरिकी सेना ने सद्दाम हुसैन को हटाने के लिए बगदाद पर हमले किए।
  • 2006: चक्रवात लैरी ने ऑस्ट्रेलिया में भारी तबाही मचाई और केले की 80% फसल नष्ट कर दी।
  • 2010: नेपाल के दिग्गज राजनेता गिरिजा प्रसाद कोइराला का 86 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
  • 2012: डिज्नी की फिल्म 'जॉन कार्टर' रिलीज हुई, जो फिल्म इतिहास के सबसे बड़े घाटे में रही।

भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1739: नादिर शाह ने दिल्ली पर कब्जा किया और कोहिनूर व मयूर सिंहासन सहित भारी खजाना लूटा।

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