27 नवंबर का इतिहास: डायनामाइट के जनक Alfred Nobel ने क्यों और कैसे की थी नोबेल पुरस्कार की स्थापना
बात है उन्नीसवीं सदी के आखिर की। दुनिया के सामने एक नाम था अल्फ्रेड नोबेल (Alfred Nobel)। वह स्वीडन के एक महान रसायनज्ञ और इंजीनियर थे। अल्फ्रेड नोबेल सिर्फ एक वैज्ञानिक नहीं थे। वो डायनामाइट जैसे खतरनाक आविष्कार के जनक भी थे।
उनकी सबसे बड़ी खोज थी डायनामाइट। डायनामाइट ने कंस्ट्रक्शन और माइनिंग की दुनिया में क्रांति ला दी। पहाड़ों को तोड़ने और सुरंगें बनाने का काम बहुत आसान हो गया। इसी डायनामाइट का इस्तेमाल युद्धों में भी जमकर होने लगा।
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नोबेल की खोज
नोबेल ने अपनी खोज का यह विनाशकारी रूप देखा। उसके बाद साल 1888 में नोबेल के भाई लुडविग की मौत हो गई थी। तब एक फ्रेंच अखबार ने गलती से अल्फ्रेड नोबेल की मृत्यु की खबर छाप दी। उस अखबार ने उन्हें 'मौत का सौदागर' (The Merchant of Death) कहकर संबोधित किया।
नोबेल ने यह पढ़ते ही महसूस किया कि दुनिया उन्हें इसी नाम से याद करेगी। उन्हें यह छवि बिलकुल पसंद नहीं थी। वह नहीं चाहते थे कि उनकी पहचान केवल विनाश से जुड़ी रहे। उन्हें लगा कि उनका जीवन और नाम सकारात्मक पहचान से जुड़ा होना चाहिए।
27 नवंबर 1895: जब लिखी गई इतिहास की सबसे अहम वसीयत
इसी गहरी सोच और पश्चाताप की भावना के साथ अल्फ्रेड नोबेल ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया। तारीख थी 27 नवंबर 1895। पेरिस के एक स्वीडिश-नॉर्वेजियन क्लब में उन्होंने अपनी आखिरी वसीयत पर हस्ताक्षर किए। इस वसीयत में नोबेल ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया।
उन्होंने अपनी विशाल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा अलग कर दिया। उनका निर्देश था कि इस पैसे को एक फंड में रखा जाए। इस फंड से हर साल ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाए जिन्होंने मानव जाति के लिए सबसे बड़ा योगदान दिया हो।
यह फैसला पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हुआ। वसीयत में साफ-साफ लिखा था कि ये पुरस्कार पांच अलग-अलग क्षेत्रों में दिए जाएंगे।
ये क्षेत्र थे भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति। यह सम्मान बिना किसी राष्ट्रीयता के भेदभाव के दिया जाना था। यानी यह पुरस्कार किसी भी देश के व्यक्ति को मिल सकता था।
कैसे हुई नोबेल पुरस्कार की स्थापना
अल्फ्रेड नोबेल की मौत 10 दिसंबर 1896 को हो गई। उनकी वसीयत सामने आने के बाद परिवार और समाज में कुछ विवाद पैदा हुआ। कई लोगों ने इस फैसले का विरोध किया।
उनका मानना था कि नोबेल ने अपनी संपत्ति गैर-स्वीडिश उद्देश्यों के लिए दे दी है। लेकिन नोबेल के वसीयतनामे को स्वीडिश संसद ने अंततः मान लिया। उनकी वसीयत को अमली जामा पहनाने में लगभग पांच साल का समय लगा।
- 1900: नोबेल फाउंडेशन (Nobel Foundation) की स्थापना की गई।
- 1901: पहला नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।
इस तरह डायनामाइट के जनक ने अपनी संपत्ति का उपयोग विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए कर दिया। यह उनकी जिंदगी के सबसे बड़े दाग को मिटाने का एक तरीका था।
आज नोबेल पुरस्कार को दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार ज्ञान और शांति को बढ़ावा देने का एक महान प्रतीक है।
वसीयत की मुख्य शर्तें और आज का महत्व
नोबेल की वसीयत में कुछ खास बातें थीं जो आज भी लागू हैं:
- पांच मुख्य श्रेणियां: भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और शांति के लिए पुरस्कार।
- चयन समितियां: प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग संस्थाओं को चयन की जिम्मेदारी दी गई।
- पुरस्कार का आधार: यह पुरस्कार उस व्यक्ति को मिलेगा जिसने पिछले वर्ष के दौरान मानव जाति के लिए सबसे बड़ा योगदान दिया हो।
अल्फ्रेड नोबेल ने जो निर्णय 27 नवंबर 1895 को लिया था, वह सिर्फ एक वसीयत नहीं थी। यह एक इच्छाशक्ति थी जिसने वैज्ञानिक और मानवीय प्रयासों को वैश्विक स्तर पर मान्यता दी। आज भी नोबेल पुरस्कार दुनिया भर के वैज्ञानिकों और कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर रहा है।
नोबेल पुरस्कार के बारे में
नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान है। इसका महत्व केवल पुरस्कार राशि से नहीं। बल्कि मानव जाति के कल्याण और ज्ञान को बढ़ावा देने में है। यह पुरस्कार विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्रों में असाधारण योगदान देने वालों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाता है।
नोबेल पुरस्कार विजेता सकारात्मक बदलाव के प्रतीक माने जाते हैं, जो समाज में उम्मीद और प्रेरणा भरते हैं। यह सम्मान अल्फ्रेड नोबेल की विरासत को जीवित रखता है। ये विनाश से रचनात्मकता की ओर बढ़ने का संदेश देता है।
नोबेल पुरस्कार विजेता
नोबेल पुरस्कार की शुरुआत 1901 में हुई थी। तब से लेकर अक्टूबर 2025 तक, नोबेल फाउंडेशन के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक ये सम्मान कुल 975 व्यक्तियों और 31 संगठनों को दिया जा चुका है।
- कुल विजेता (व्यक्ति और संगठन): 1006
- शांति पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (जैसे रेड क्रॉस, संयुक्त राष्ट्र) को कई बार दिया गया है।
- रवींद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore):
इन्हें 1913 में उनकी कविताओं के संग्रह 'गीतांजलि' के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। ये पहले भारतीय विजेता थे। - सी.वी. रमन (C.V. Raman):
इन्हें 1930 में भौतिकी के क्षेत्र में उनके 'रमन प्रभाव' (प्रकाश के प्रकीर्णन) की खोज के लिए सम्मानित किया गया। - मदर टेरेसा (Mother Teresa):
इन्हें 1979 में 'गरीबी और संकट' से जूझ रहे लोगों की सेवा के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार मिला। - अमर्त्य सेन (Amartya Sen):
इन्हें 1998 में 'कल्याणकारी अर्थशास्त्र' (Welfare Economics) में उनके योगदान के लिए अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिला। - हर गोबिंद खुराना (Har Gobind Khorana):
भारतीय मूल के अमेरिकी वैज्ञानिक, इन्हें 1968 में 'जेनेटिक कोड' की व्याख्या के लिए चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला था। - कैलाश सत्यार्थी (Kailash Satyarthi):
इन्हें 2014 में 'बच्चों और युवाओं के दमन' के खिलाफ संघर्ष और शिक्षा के अधिकार के लिए शांति का नोबेल पुरस्कार मिला।
यह संख्या हर साल बदलती रहती है क्योंकि पुरस्कारों की घोषणा हर साल अक्टूबर में की जाती है।
References:
- The Nobel Prize Official Website - Alfred Nobel's Will (Who was Alfred Nobel)
- History.com - Alfred Nobel Signs His Will (When and how Nobel Prize was established)
- Britannica - Nobel Prize
- Nobel Foundation (Via Wikipedia) - Alfred Nobel
27 नवंबर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है और 27 नवंबर का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है।
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 27 नवंबर (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं
- 1095: पोप अर्बन द्वितीय ने पहले क्रूसेड (धर्मयुद्ध) का उपदेश दिया।
- 1703: पहला एडीस्टोन लाईटहाउस 1703 के महान तूफान में नष्ट हो गया।
- 1703: द ग्रेट स्टॉर्म ने दक्षिणी ग्रेट ब्रिटेन पर हमला किया और प्लायमाउथ के पास एडिडिस्टोन लाइट हाउस को नष्ट कर दिया।
- 1727: बर्लिन में जेरूसलम के चर्च की आधारशिला रखी गई।
- 1815: वियना की कांग्रेस द्वारा निर्दिष्ट पोलैंड राज्य के संविधान पर हस्ताक्षर किए गए।
- 1815: पोलैंड साम्राज्य ने अपना संविधान अपनाया।
- 1838: पेस्ट्री युद्ध में फ़्रैंक बलों द्वारा मेक्सिको पर आक्रमण किया गया।
- 1888: अंतर्राष्ट्रीय डेल्टा डेल्टा डेल्टा सोरोरिटी की स्थापना बोस्टन विश्वविद्यालय में की गयी।
- 1889: क्लेमसन विश्वविद्यालय दक्षिणी कैरोलिना में स्थापित किया गया।
- 1895: अल्फ्रेड नोबेल ने अपनी अंतिम वसीयत पर हस्ताक्षर किए, जिससे नोबेल पुरस्कार की स्थापना हुई।
- 1895: अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के अनुसार नोबेल पुरस्कार की शुरुआत हुई।
- 1905: जापान और कोरिया ने ईलासा संधि पर हस्ताक्षर किये।
- 1912: अल्बानिया ने अपना राष्ट्रीय ध्वज अपनाया।
- 1926: औपनिवेशिक विलियम्सबर्ग की बहाली (वर्जिनिया में एक ऐतिहासिक अमेरिकी शहर का मनोरंजन) शुरू हुई।
- 1940: द्वितीय विश्व युद्ध में केप स्पार्टिवेंटो की लड़ाई हुई।
- 1940: आयरन गार्ड ने रोमानिया के 60 से अधिक राजनीतिक बंदियों और पूर्व-प्रधानमंत्रियों को मार डाला।
- 1940: कराटे के महान खिलाड़ी एवं अभिनेता ब्रुस ली का जन्म हुआ।
- 1953: अमरीका के विख्यात ड्रामा लेखक पूजीन ओ नील का 65 वर्ष की आयु में निधन हुआ।
- 1966: उरुग्वे ने अपना नया संविधान अपनाया।
- 1971: सोवियत रूस के 'मार्स ऑर्बिटर' द्वारा मंगल ग्रह पर यान उतारा गया।
- 1975: ब्रिटेन की सरकार ने स्कॉटलैंड और वेल्स को आंशिक स्व-शासन देने का फैसला किया।
- 1975: गिनीज़ बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स के सह-संस्थापक रॉस मैक्विर्टर की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- 1978: कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (PKK) की स्थापना की गई।
- 1978: सैन फ्रांसिस्को के मेयर जॉर्ज मॉस्कॉन और पर्यवेक्षक हार्वे मिल्क की हत्या सुपरवाइजर डैन व्हाइट ने की थी।
- 1982: यासुहिरो नकासन जापान के प्रधान मंत्री बने।
- 1983: स्पेन के मैड्रिड शहर में एविएनेका फ्लाइट 11 दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें 181 लोगों की मौत हो गई।
- 1983: मिसाइल शिपमेंट इटली पहुंचे।
- 1999: सेंटर-लेफ्ट न्यूज़ीलैंड लेबर पार्टी की हेलेन क्लार्क पहली चुनी गई महिला प्रधानमंत्री बनीं।
- 1999: हेलेन क्लार्क न्यूजीलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
- 2001: हबल स्पेस टेलीस्कोप ने एक्सट्रासोलर ग्रह HD 209458 B के वायुमंडल में सोडियम का पता लगाया।
- 2002: अमेरिकी सरकार ने आतंकवादियों के लिए धन के प्रवाह को रोकने के लिए काम शुरू किया।
- 2005: फ्रांसीसी सर्जन बर्नार्ड डेवुचेल्लेपर ने एक जीवित मानव पर दुनिया का पहला आंशिक चेहरा प्रत्यारोपण किया।
- 2005: डेमोक्रेटिक एक्शन पार्टी ने मलेशियाई कैदी दुर्व्यवहार कांड में पुलिस उपमहानिरीक्षक के इस्तीफे की मांग की।
- 2006: दक्षिणी सोमालिया को नियंत्रित करने वाले इस्लामिक कोर्ट यूनियन ने इथियोपिया की सेना पर हमला करने की घोषणा की।
- 2007: पेरिस के उपनगरों में दंगों की दूसरी रात के दौरान लगभग 80 फ्रांसीसी पुलिस अधिकारी घायल हो गए।
- 2009: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने गुप्त यूरेनियम संवर्धन स्थल विकसित करने के लिए ईरान की निंदा की।
- 2009: मास्को और सेंट पीटर्सबर्ग के बीच यात्रा कर रही एक हाई-स्पीड ट्रेन के नीचे बम विस्फोट हुआ, जिसमें 28 यात्री मारे गए।
- 2010: इस्लाम के खिलाफ ईश निंदा के लिए मौत की सजा सुनाई गई ईसाई महिला के लिए संभावित माफी के खिलाफ लाहौर में सैकड़ों पाकिस्तानी मुसलमानों ने प्रदर्शन किया।
- 2011: सेबेस्टियन वेट्टल ने 62वां फार्मूला वन जीता।
- 2014: ऑस्ट्रेलिया के 25 वर्षीय बल्लेबाज फिलिप हयूज की बाउंसर गेंद लगने से चोटिल होने के बाद मृत्यु हो गई।
- 511: क्लोविस की मृत्यु के बाद, फ्रैंक्स के राजा, गॉल को उनके चार बेटों के बीच विभाजित किया गया था।
भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं
- 1907: भारत के प्रसिद्ध कवि और लेखक हरिवंश राय बच्चन का उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद शहर में जन्म हुआ।
- 2008: रूस और ब्राजील ने 2009 में वित्तीय संकट का जवाब देने के लिए पहले ब्रिक (BRIC) शिखर सम्मेलन के लिए कहा।
- 2011: प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय संगीतकार सुल्तान खान का निधन हुआ।
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