17 साल में 36 को फांसी की सजा देने वाले कौन हैं जज रवि कुमार दिवाकर, ज्ञानवापी मामले से आए थे सुर्खियों में
17 साल में 36 को फांसी की सजा देने वाले कौन हैं जज रवि कुमार दिवाकर, ज्ञानवापी मामले से आए थे सुर्खियों में

30 Sept 2026

By Manya Jain

मुजफ्फरनगर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जज रवि कुमार दिवाकर 23वीं फांसी का सजा के बाद चर्चा में हैं। नदीम शहजादी हत्याकांड में उन्होंने फांसी की सजा सुनाई। कौन हैं ये जज? 17 साल में 36 दोषियों को फांसी की सजा दे चुके हैं। ये वही ज्ञानवापी मामले के जज हैं, जिन्होंने 2022 में सर्वे की अनुमति दी थी। फैसले में उन्होंने माफिया के दबाव का दावा किया।

मुजफ्फरनगर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जज रवि कुमार दिवाकर 23वीं फांसी का सजा के बाद चर्चा में हैं। नदीम शहजादी हत्याकांड में उन्होंने फांसी की सजा सुनाई। कौन हैं ये जज? 17 साल में 36 दोषियों को फांसी की सजा दे चुके हैं। ये वही ज्ञानवापी मामले के जज हैं, जिन्होंने 2022 में सर्वे की अनुमति दी थी। फैसले में उन्होंने माफिया के दबाव का दावा किया।

रोटी मेकर खरीदी में 2 करोड़ का खेल, अफसरों पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ वेतनवृद्धि रोकी, रिटायरमेंट के बाद पूरा भुगतान भी कर दिया
रोटी मेकर खरीदी में 2 करोड़ का खेल, अफसरों पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ वेतनवृद्धि रोकी, रिटायरमेंट के बाद पूरा भुगतान भी कर दिया

30 Sept 2026

By VINAY VERMA

रायपुर में आदिम जाति विकास विभाग के तहत रोटी मेकर की खरीद से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियों की शिकायतें आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने सवाल किया है कि केवल वेतन वृद्धि रोकने से स्थिति का समाधान संभव है। इस प्रकार की अनियमितताओं में शामिल सभी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की आवश्यकता है।

रायपुर में आदिम जाति विकास विभाग के तहत रोटी मेकर की खरीद से जुड़ी गंभीर गड़बड़ियों की शिकायतें आई हैं। शिकायतकर्ताओं ने सवाल किया है कि केवल वेतन वृद्धि रोकने से स्थिति का समाधान संभव है। इस प्रकार की अनियमितताओं में शामिल सभी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने की आवश्यकता है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन: सरपंच चुनाव लड़ना है तो छोड़नी होगी प्रशासक की कुर्सी
राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी की गाइडलाइन: सरपंच चुनाव लड़ना है तो छोड़नी होगी प्रशासक की कुर्सी

30 Sept 2026

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान की 10,290 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को अपने-अपने पद से इस्तीफा देना अनिवार्य किया गया है ताकि वे आगामी चुनावों में भाग ले सकें। नामांकन पत्र भरने से पहले उनकी विदाई आवश्यक होगी, अन्यथा नामांकन खारिज हो जाएगा। सरकार सभी प्रशासकों को एक साथ हटाने पर विचार कर रही है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को सरलता मिले।

राजस्थान की 10,290 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को अपने-अपने पद से इस्तीफा देना अनिवार्य किया गया है ताकि वे आगामी चुनावों में भाग ले सकें। नामांकन पत्र भरने से पहले उनकी विदाई आवश्यक होगी, अन्यथा नामांकन खारिज हो जाएगा। सरकार सभी प्रशासकों को एक साथ हटाने पर विचार कर रही है, जिससे चुनावी प्रक्रिया को सरलता मिले।

MP के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने का प्लान अटका! मॉनिटरिंग ऐसी होगी तो परफॉर्मेंस कब सुधरेगी?
MP के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने का प्लान अटका! मॉनिटरिंग ऐसी होगी तो परफॉर्मेंस कब सुधरेगी?

30 Sept 2026

By Atul Dwivedi

एमपी के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखने की योजना अटक गई है। शिक्षा विभाग ने 9वीं से 12वीं के छात्रों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग का आदेश जारी किया था। इसका उद्देश्य ड्रॉपआउट रोकना और स्कूलों की स्थिति सुधारना था। द सूत्र की पड़ताल में सामने आया कि Education Portal 3.0 पर अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है।

एमपी के सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति पर नजर रखने की योजना अटक गई है। शिक्षा विभाग ने 9वीं से 12वीं के छात्रों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग का आदेश जारी किया था। इसका उद्देश्य ड्रॉपआउट रोकना और स्कूलों की स्थिति सुधारना था। द सूत्र की पड़ताल में सामने आया कि Education Portal 3.0 पर अभी तक यह व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है।

अनुकंपा नौकरी में अब नई शैक्षणिक शर्त, अब सीधी भर्ती की योग्यता जरूरी, 14 सितंबर से लागू हुआ नया नियम
अनुकंपा नौकरी में अब नई शैक्षणिक शर्त, अब सीधी भर्ती की योग्यता जरूरी, 14 सितंबर से लागू हुआ नया नियम

30 Sept 2026

By VINAY VERMA

सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार को मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए सीधी भर्ती वाली शैक्षणिक योग्यता लागू कर दी है। यानी अब सहायक ग्रेड-3, भृत्य जैसे पदों पर नौकरी के लिए अलग से कोई ढील नहीं मिलेगी।

सरकारी कर्मचारी की मौत के बाद उसके परिवार को मिलने वाली अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अब तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए सीधी भर्ती वाली शैक्षणिक योग्यता लागू कर दी है। यानी अब सहायक ग्रेड-3, भृत्य जैसे पदों पर नौकरी के लिए अलग से कोई ढील नहीं मिलेगी।