सीएम हेल्पलाइन: समाधान में सबसे आगे हरदा जिला, मऊगंज जिला सबसे पीछे
सीएम हेल्पलाइन: समाधान में सबसे आगे हरदा जिला, मऊगंज जिला सबसे पीछे

21 Dec 2024

By Ravi Singh

मप्र सरकार सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की निगरानी करती है। हर महीने रैंकिंग भी जारी करती है। इसी कड़ी में नवंबर में हरदा जिला नंबर वन है। हैरानी की बात यह है कि मप्र के महानगर टॉप 10 में शामिल नहीं हैं।

मप्र सरकार सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की निगरानी करती है। हर महीने रैंकिंग भी जारी करती है। इसी कड़ी में नवंबर में हरदा जिला नंबर वन है। हैरानी की बात यह है कि मप्र के महानगर टॉप 10 में शामिल नहीं हैं।

जबलपुर में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो पटवारी ने दी गालियां
जबलपुर में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की तो पटवारी ने दी गालियां

14 Feb 2024

By Rahul Garhwal

जबलपुर में एक शख्स ने जमीन को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो उसके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। पटवारी ने उसे गाालियां दीं और सबक सिखाने की धमकी दी।

जबलपुर में एक शख्स ने जमीन को लेकर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो उसके लिए मुसीबत खड़ी हो गई। पटवारी ने उसे गाालियां दीं और सबक सिखाने की धमकी दी।

जिलों की नंबर-1 की होड़ में कबाड़ हो गई सीएम हेल्पलाइन, निराकरण की जगह शिकायत बंद करना ही रह गया मकसद
जिलों की नंबर-1 की होड़ में कबाड़ हो गई सीएम हेल्पलाइन, निराकरण की जगह शिकायत बंद करना ही रह गया मकसद

09 Dec 2023

By Rahul Garhwal

जबलपुर में जिलों की नंबर-1 की होड़ में सीएम हेल्पलाइन में निराकरण की जगह शिकायत बंद करना ही मकसद रह गया है।

जबलपुर में जिलों की नंबर-1 की होड़ में सीएम हेल्पलाइन में निराकरण की जगह शिकायत बंद करना ही मकसद रह गया है।

सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग रिपोर्ट: मंत्री विजयवर्गीय के जिले सहित MP के 9 डिस्ट्रिक्ट में नहीं हो रही सुनवाई
सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग रिपोर्ट: मंत्री विजयवर्गीय के जिले सहित MP के 9 डिस्ट्रिक्ट में नहीं हो रही सुनवाई

18 Aug 2025

By thesootr Desk

एमपी सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग रिपोर्ट जारी हो गई है। राज्य के 9 जिलों में सुनवाई धीमी हो रही है। इसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के प्रभार वाले जिले का नाम शामिल है।

एमपी सीएम हेल्पलाइन ग्रेडिंग रिपोर्ट जारी हो गई है। राज्य के 9 जिलों में सुनवाई धीमी हो रही है। इसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के प्रभार वाले जिले का नाम शामिल है।

रीवा जिले में CM Helpline में आई गजब शिकायतें, क्या टाइमपास करने के लिए है CM Helpline ?
रीवा जिले में CM Helpline में आई गजब शिकायतें, क्या टाइमपास करने के लिए है CM Helpline ?

23 Jun 2026

By The Sootr

MPPSC की राज्य पात्रता परीक्षा में फिर धांधली | परेशान अभ्यर्थी जाएंगे हाई कोर्ट
MPPSC की राज्य पात्रता परीक्षा में फिर धांधली | परेशान अभ्यर्थी जाएंगे हाई कोर्ट

21 Jan 2025

By The Sootr

अरबपति हो या रिक्शे वाला, सबका वोट बराबर; SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां का बड़ा बयान
अरबपति हो या रिक्शे वाला, सबका वोट बराबर; SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भुइयां का बड़ा बयान

04 Oct 2026

By Sumit Kumar

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan)ने मताधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी नागरिक की आर्थिक या सामाजिक हैसियत उसके वोट की कीमत तय नहीं करती। अरबपति हो या रिक्शा चलाने वाला, दोनों के वोट का मूल्य बराबर है।

SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां (Justice Ujjal Bhuyan)ने मताधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी नागरिक की आर्थिक या सामाजिक हैसियत उसके वोट की कीमत तय नहीं करती। अरबपति हो या रिक्शा चलाने वाला, दोनों के वोट का मूल्य बराबर है।

मंडला में बनेगा टाइगर सफारी जू, सीएम मोहन यादव की घोषणा, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला 36 करोड़ का बोनस
मंडला में बनेगा टाइगर सफारी जू, सीएम मोहन यादव की घोषणा, तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला 36 करोड़ का बोनस

04 Oct 2026

By Sanjay Dhiman

मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को यह एलान किया। खैरी गांव में 9 लाख 4 हजार 126 संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस मिला। कुल बोनस राशि 36 करोड़ 17 लाख रुपए से ज्यादा रही। 84 वन समितियों को काष्ठ लाभांश भी मिला। जिले को 74 विकास कार्यों की सौगात भी दी गई। मेडिकल कॉलेज और पान की खेती पर एलान हुए।

मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। सीएम मोहन यादव ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को यह एलान किया। खैरी गांव में 9 लाख 4 हजार 126 संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस मिला। कुल बोनस राशि 36 करोड़ 17 लाख रुपए से ज्यादा रही। 84 वन समितियों को काष्ठ लाभांश भी मिला। जिले को 74 विकास कार्यों की सौगात भी दी गई। मेडिकल कॉलेज और पान की खेती पर एलान हुए।

बच्चों के भोजन का अधिकार: आधार नहीं तो भी मिले आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन, भोपाल अधिवेशन में उठी मांग
बच्चों के भोजन का अधिकार: आधार नहीं तो भी मिले आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन, भोपाल अधिवेशन में उठी मांग

04 Oct 2026

By Sandeep Kumar

भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक बच्चों के भोजन का अधिकार अधिवेशन चला। इसमें 18 राज्यों के 400 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। आधार कार्ड न होने पर बच्चा आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन से वंचित न हो। फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी बंद करने की मांग भी उठी। गर्म पका भोजन देने और निजीकरण रोकने की मांग भी हुई। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक बच्चों के भोजन का अधिकार अधिवेशन चला। इसमें 18 राज्यों के 400 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। आधार कार्ड न होने पर बच्चा आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन से वंचित न हो। फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी बंद करने की मांग भी उठी। गर्म पका भोजन देने और निजीकरण रोकने की मांग भी हुई। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

125 साल से जल रहा बल्ब: लिवरमोर फायर स्टेशन में लगे बल्ब ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर क्यों नहीं हुआ फ्यूज
125 साल से जल रहा बल्ब: लिवरमोर फायर स्टेशन में लगे बल्ब ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर क्यों नहीं हुआ फ्यूज

04 Oct 2026

By Manya Jain

कैलिफोर्निया के लिवरमोर के फायर स्टेशन नंबर 6 में 1901 का बल्ब आज भी जल रहा है। इसे Centennial Light Bulb कहते हैं। यह कार्बन फिलामेंट वाला हाथ से बना बल्ब है। इसे ओहायो की शेल्बी इलेक्ट्रिक कंपनी ने बनाया था। यह 1901 में फायर डिपार्टमेंट को दान दिया गया था। गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज है। इसकी निगरानी के लिए लगे तीन वेबकैम खराब हो चुके हैं।

कैलिफोर्निया के लिवरमोर के फायर स्टेशन नंबर 6 में 1901 का बल्ब आज भी जल रहा है। इसे Centennial Light Bulb कहते हैं। यह कार्बन फिलामेंट वाला हाथ से बना बल्ब है। इसे ओहायो की शेल्बी इलेक्ट्रिक कंपनी ने बनाया था। यह 1901 में फायर डिपार्टमेंट को दान दिया गया था। गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज है। इसकी निगरानी के लिए लगे तीन वेबकैम खराब हो चुके हैं।

पुलिस की ड्यूटी 55 जिलों में, इलाज का नेटवर्क क्यों रह गया पीछे? कैशलेस सुरक्षा में अस्पतालों की पहुंच बनी बड़ा सवाल
पुलिस की ड्यूटी 55 जिलों में, इलाज का नेटवर्क क्यों रह गया पीछे? कैशलेस सुरक्षा में अस्पतालों की पहुंच बनी बड़ा सवाल

04 Oct 2026

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश पुलिसकर्मी प्रदेश के 55 जिलों में ड्यूटी करते हैं। उनके परिवारों के इलाज में अस्पतालों की पहुंच अहम है। मई 2026 में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की समीक्षा हुई। तब कुल 59 निजी अस्पताल अनुबंधित बताए गए थे। पुलिस मुख्यालय ने अधिक अस्पताल जोड़ने पर जोर दिया है। गंभीर बीमारी में नजदीकी इलाज मिलना योजना की असली कसौटी है।

मध्य प्रदेश पुलिसकर्मी प्रदेश के 55 जिलों में ड्यूटी करते हैं। उनके परिवारों के इलाज में अस्पतालों की पहुंच अहम है। मई 2026 में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की समीक्षा हुई। तब कुल 59 निजी अस्पताल अनुबंधित बताए गए थे। पुलिस मुख्यालय ने अधिक अस्पताल जोड़ने पर जोर दिया है। गंभीर बीमारी में नजदीकी इलाज मिलना योजना की असली कसौटी है।