10 Apr 2024
By Ujjwal Rai
21 साल बाद फिर सुर्खियों में आया Jaggi Murder Case छत्तीसगढ़ में एक बार फिर 21 साल पहले हुआ राम अवतार जग्गी हत्याकांड सुर्खियों में है। हाल ही में आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद जग्गी हत्याकांड पर फिर से बहस शुरू हो गई है। आखिर ये क्यों चर्चा में है, द सूत्र इसकी परतें खोल रहा है। 2003 में प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जग्गी हत्याकांड का 21 साल बाद फैसला आया। 20 आरोपियों को हाईकोर्ट ने उम्रकैद दे दी। लेकिन जग्गी परिवार इस फैसले से खुश नहीं है। 21 साल बाद रामावतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी पहली बार मीडिया के सामने आए। जग्गी ने द सूत्र से बातचीत में कहा कि दो दशक बाद भी उनको अधूरा इंसाफ मिला है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर जग्गी परिवार क्यों इसे अधूरा इंसाफ बता रहा है और अब उसकी लड़ाई की दिशा किस तरफ मुड़ गई है। 4 जून 2003, यही वह दिन था, जब एक वरिष्ठ नेता की हत्या हुई जिसे छत्तीसगढ़ राज्य की पहली राजनीतिक हत्या के रूप में दर्ज किया गया। एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड पर कोई फ़िल्म तो नहीं बनी है लेकिन इस हत्याकांड की पूरी कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती है। यानी रियल को रील लाइफ की तरह अंजाम दिया गया। पॉलिटिकल अप्रोच वाले आदमी को जेल नहीं होती, ऐसा अक्सर फिल्मों में होता है, राम अवतार जग्गी हत्याकांड में भी यही हुआ। पुलिस उससे जुड़े दूसरे लोगों पर मुकदमे दर्ज कर अपना काम पूरा कर लेती है। राम अवतार जग्गी हत्याकांड में भी यही किया गया। रायपुर क्राइम ब्रांच के थाना इंचार्ज रैंक के अफसर केसी त्रिवेदी, त्रिवेदी के तत्कालीन बॉस सीएसपी अमरीक सिंह गिल और एक और पुलिस अधिकारी दोषी साबित होकर जेल में सज़ा काट रहे हैं। राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 31 लोगों को आरोपी बनाया था। सीबीआई की जांच के दौरान 31 में से दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए थे। 28 को सजा हो गई तो बचा आखिर कौन। कौन है वो 31 वां शख्स जिसे जग्गी परिवार मुख्य सूत्रधार बता रहा है। 21 साल बाद द सूत्र के जरिए पहली बार ऑन स्क्रीन पर आए राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने पूरी कहानी बताई।
21 साल बाद फिर सुर्खियों में आया Jaggi Murder Case छत्तीसगढ़ में एक बार फिर 21 साल पहले हुआ राम अवतार जग्गी हत्याकांड सुर्खियों में है। हाल ही में आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद जग्गी हत्याकांड पर फिर से बहस शुरू हो गई है। आखिर ये क्यों चर्चा में है, द सूत्र इसकी परतें खोल रहा है। 2003 में प्रदेश के सबसे बड़े राजनीतिक हत्याकांड को अंजाम दिया गया। जग्गी हत्याकांड का 21 साल बाद फैसला आया। 20 आरोपियों को हाईकोर्ट ने उम्रकैद दे दी। लेकिन जग्गी परिवार इस फैसले से खुश नहीं है। 21 साल बाद रामावतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी पहली बार मीडिया के सामने आए। जग्गी ने द सूत्र से बातचीत में कहा कि दो दशक बाद भी उनको अधूरा इंसाफ मिला है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर जग्गी परिवार क्यों इसे अधूरा इंसाफ बता रहा है और अब उसकी लड़ाई की दिशा किस तरफ मुड़ गई है। 4 जून 2003, यही वह दिन था, जब एक वरिष्ठ नेता की हत्या हुई जिसे छत्तीसगढ़ राज्य की पहली राजनीतिक हत्या के रूप में दर्ज किया गया। एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड पर कोई फ़िल्म तो नहीं बनी है लेकिन इस हत्याकांड की पूरी कहानी बिल्कुल फिल्मी लगती है। यानी रियल को रील लाइफ की तरह अंजाम दिया गया। पॉलिटिकल अप्रोच वाले आदमी को जेल नहीं होती, ऐसा अक्सर फिल्मों में होता है, राम अवतार जग्गी हत्याकांड में भी यही हुआ। पुलिस उससे जुड़े दूसरे लोगों पर मुकदमे दर्ज कर अपना काम पूरा कर लेती है। राम अवतार जग्गी हत्याकांड में भी यही किया गया। रायपुर क्राइम ब्रांच के थाना इंचार्ज रैंक के अफसर केसी त्रिवेदी, त्रिवेदी के तत्कालीन बॉस सीएसपी अमरीक सिंह गिल और एक और पुलिस अधिकारी दोषी साबित होकर जेल में सज़ा काट रहे हैं। राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 31 लोगों को आरोपी बनाया था। सीबीआई की जांच के दौरान 31 में से दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए थे। 28 को सजा हो गई तो बचा आखिर कौन। कौन है वो 31 वां शख्स जिसे जग्गी परिवार मुख्य सूत्रधार बता रहा है। 21 साल बाद द सूत्र के जरिए पहली बार ऑन स्क्रीन पर आए राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने पूरी कहानी बताई।
10 Apr 2024
By Ujjwal Rai
11 सीटों पर ST का सीधा प्रभाव लोकसभा चुनाव की इस बेला में आदिवासी एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले जबलपुर से महाकौशल क्षेत्र के आदिवासी बेल्ट को साधने की कोशिश की। दूसरी बार के दौरे में वे बालाघाट पहुंचे। कांग्रेस से राहुल गांधी आदिवासी बहुल मंडला और शहडोल लोकसभा सीट पर पहुंचे हैं। उन्होंने तीन जगह सभा की। अब आने वाली 15 अप्रैल को प्रियंका गांधी सतना में चुनाव प्रचार करेंगी। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शहडोल का दौरा कर चुके हैं। दरअसल, मध्यप्रदेश की सियासत में आदिवासी वर्ग का अहम रोल है। 11 सीटों पर एसटी वर्ग का सीधा प्रभाव है। दोनों प्रमुख दलों की इस बड़े वर्ग पर हर चुनाव में नजर रहती है। अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक सर्वे के अनुसार, इस लोकसभा चुनाव में एसटी बहुल सीटों पर बीजेपी की स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए मिशन—29 यानी सभी 29 सीटें जीतने का दावा कर रही BJP की चिंता बढ़ गई है।
11 सीटों पर ST का सीधा प्रभाव लोकसभा चुनाव की इस बेला में आदिवासी एक बार फिर केंद्र में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले जबलपुर से महाकौशल क्षेत्र के आदिवासी बेल्ट को साधने की कोशिश की। दूसरी बार के दौरे में वे बालाघाट पहुंचे। कांग्रेस से राहुल गांधी आदिवासी बहुल मंडला और शहडोल लोकसभा सीट पर पहुंचे हैं। उन्होंने तीन जगह सभा की। अब आने वाली 15 अप्रैल को प्रियंका गांधी सतना में चुनाव प्रचार करेंगी। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शहडोल का दौरा कर चुके हैं। दरअसल, मध्यप्रदेश की सियासत में आदिवासी वर्ग का अहम रोल है। 11 सीटों पर एसटी वर्ग का सीधा प्रभाव है। दोनों प्रमुख दलों की इस बड़े वर्ग पर हर चुनाव में नजर रहती है। अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के एक सर्वे के अनुसार, इस लोकसभा चुनाव में एसटी बहुल सीटों पर बीजेपी की स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए मिशन—29 यानी सभी 29 सीटें जीतने का दावा कर रही BJP की चिंता बढ़ गई है।
09 Apr 2024
By Ujjwal Rai
MPPSC मेंस 2022 का रिजल्ट अप्रैल के आखिरी तक हो सकता है जारी मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) मेंस 2022 के रिजल्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को अभी और इंतजार करना होगा। पीएससी के सामने समस्या यह आ गई है कि कई शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लग गई है। इसके चलते वैल्यूशन के काम की रफ्तार भी धीमी हो गई है। जानकारी के मुताबिक पीएससी ने वैल्यूशन का काम मार्च अंत में ही पूरा होने का टारगेट रखा था। लेकिन 16 मार्च को लगी आचार संहिता के बाद आए चुनाव कार्यक्रम में मप्र में पहले चार चरणों में ही चुनाव आ गए। इसके चलते टीचर्स की ड्यूटी लगना शुरू हो गई। इसके चलते करीब 15 दिन की देरी वैल्यूशन में हो चुकी है और अभी भी यह काम जारी है। हालांकि, बताया जा रहा है कि यह काम खत्म होने वाला है, लेकिन निश्चित तौर पर यह कोई बताने को तैयार नहीं है कि अभी इसमें कितना समय और लग जाएगा। वहीं, आयोग शिक्षकों की व्यवस्था करने में लगा हुआ है। ऐसे में अब आयोग की कोशिश ये है कि किसी भी तरह करके अप्रैल के लास्ट में यह रिजल्ट जारी कर दिया जाए। वैल्यूशन होने के बाद करीब सात दिन और रिजल्ट को तैयार करने में समय लगेगा। हालांकि, यह तय है कि मेंस के रिजल्ट पर आचार संहिता का असर नहीं होगा और आयोग रिजल्ट जारी करेगा। इसलिए आयोग भी जल्द रिजल्ट बनने का इंतजार कर रहा है, ताकि जारी करने के बाद इंटरव्यू शेड्यूल पर जा सके।
MPPSC मेंस 2022 का रिजल्ट अप्रैल के आखिरी तक हो सकता है जारी मप्र लोक सेवा आयोग (पीएससी) मेंस 2022 के रिजल्ट का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को अभी और इंतजार करना होगा। पीएससी के सामने समस्या यह आ गई है कि कई शिक्षकों की चुनाव में ड्यूटी लग गई है। इसके चलते वैल्यूशन के काम की रफ्तार भी धीमी हो गई है। जानकारी के मुताबिक पीएससी ने वैल्यूशन का काम मार्च अंत में ही पूरा होने का टारगेट रखा था। लेकिन 16 मार्च को लगी आचार संहिता के बाद आए चुनाव कार्यक्रम में मप्र में पहले चार चरणों में ही चुनाव आ गए। इसके चलते टीचर्स की ड्यूटी लगना शुरू हो गई। इसके चलते करीब 15 दिन की देरी वैल्यूशन में हो चुकी है और अभी भी यह काम जारी है। हालांकि, बताया जा रहा है कि यह काम खत्म होने वाला है, लेकिन निश्चित तौर पर यह कोई बताने को तैयार नहीं है कि अभी इसमें कितना समय और लग जाएगा। वहीं, आयोग शिक्षकों की व्यवस्था करने में लगा हुआ है। ऐसे में अब आयोग की कोशिश ये है कि किसी भी तरह करके अप्रैल के लास्ट में यह रिजल्ट जारी कर दिया जाए। वैल्यूशन होने के बाद करीब सात दिन और रिजल्ट को तैयार करने में समय लगेगा। हालांकि, यह तय है कि मेंस के रिजल्ट पर आचार संहिता का असर नहीं होगा और आयोग रिजल्ट जारी करेगा। इसलिए आयोग भी जल्द रिजल्ट बनने का इंतजार कर रहा है, ताकि जारी करने के बाद इंटरव्यू शेड्यूल पर जा सके।
09 Apr 2024
By Ujjwal Rai
कुलसचिव की नियुक्ति प्रक्रिया खारिज मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC ने कुलसचिव की नियुक्ति की प्रक्रिया ही खारिज कर दी है...इसके चलते कैंडिडेट्स को तगड़ा झटका लगा है...इसे लेकर आयोग ने सोमवार देर शाम वेबसाइट पर notification जारी किया था...जिसमें कैंडिडेट्स को फीस लौटाने की बात कही गई है...इसके लिए आयोग ने आनलाइन आवेदन मंगवाए हैं...बता दें कि यह प्रक्रिया 7 से 21 मई के बीच रखी गई है...इससे पहले एमपीपीएससी ने 5 अप्रैल को होने वाले इंटरव्यू निरस्त कर दिए थे...इसके पीछे कोई वजह भी नहीं बताई गई थी...दरअसल, प्रदेश के government universities में कुलसचिव की सीधी नियुक्ति के लिए पीएससी ने 3 नवंबर 2022 को एडवरटिजमेंट जारी किया था, ये एडवरटिजमेंट चार पदों के लिए जारी किया गया था...लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि कई डिप्टी रजिस्ट्रार कुलसचिव पद के लिए सीधी भर्ती के खिलाफ थे...एमपीपीएससी ने 2022 में कुलसचिव पद पर सीधी भर्ती के लिए पूरे 24 साल बाद भर्ती विज्ञापन जारी किया था...
कुलसचिव की नियुक्ति प्रक्रिया खारिज मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग यानी MPPSC ने कुलसचिव की नियुक्ति की प्रक्रिया ही खारिज कर दी है...इसके चलते कैंडिडेट्स को तगड़ा झटका लगा है...इसे लेकर आयोग ने सोमवार देर शाम वेबसाइट पर notification जारी किया था...जिसमें कैंडिडेट्स को फीस लौटाने की बात कही गई है...इसके लिए आयोग ने आनलाइन आवेदन मंगवाए हैं...बता दें कि यह प्रक्रिया 7 से 21 मई के बीच रखी गई है...इससे पहले एमपीपीएससी ने 5 अप्रैल को होने वाले इंटरव्यू निरस्त कर दिए थे...इसके पीछे कोई वजह भी नहीं बताई गई थी...दरअसल, प्रदेश के government universities में कुलसचिव की सीधी नियुक्ति के लिए पीएससी ने 3 नवंबर 2022 को एडवरटिजमेंट जारी किया था, ये एडवरटिजमेंट चार पदों के लिए जारी किया गया था...लेकिन अब यह बात सामने आ रही है कि कई डिप्टी रजिस्ट्रार कुलसचिव पद के लिए सीधी भर्ती के खिलाफ थे...एमपीपीएससी ने 2022 में कुलसचिव पद पर सीधी भर्ती के लिए पूरे 24 साल बाद भर्ती विज्ञापन जारी किया था...
09 Apr 2024
By Ujjwal Rai
Shahdol में Rahul Gandhi ने आदिवासियों के लिए की बड़ी घोषणा कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को मध्य प्रदेश दौरे पर रहे...राहुल गांधी ने सिवनी, शहडोल और मंडला में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। शहडोल में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी को जमकर घेरा...राहुल ने आदिवासी और वनवासी बात का भी जिक्र किया।इसी दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा कर दी...कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मुताबिक अगर केंद्र में अबकी बार उनकी सरकार बनती है तो वो 50 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले जिलों में समिति का शासन लागू करेंगे। यानी कि यहां से कलेक्टर का शासन खत्म कर दिया जाएगा। राहुल गांधी के कहने का मतलब ये हुआ कि सरकार बनने के बाद इन जिलों में सबसे पहले 6वीं अनुसूची लागू हो सकती है। वो कौन से जिले हम आपको बताते हैं,,,जनजातीय कार्य विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट से से ली गई जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के 6 सबसे ज्यादा आदिवासी बहुल्य जिले हैं आलिराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, डिंडौरी, मंडला और धार, इन 6 जिलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा आदिवासी हैं...यानी कि इन जिलों में कलेक्टर नहीं होंगे....वहीं मध्यप्रदेश में 4 जिले ऐसे भी हैं, जहां की आदिवासी आबादी 40 प्रतिशत आबादी से ज्यादा है...ये 4 जिले हैं अनूपपुर, उमरिया, शहडोल और बैतूल...हालांकि, ये सब तभी संभव हो पाएगा जब इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी...
Shahdol में Rahul Gandhi ने आदिवासियों के लिए की बड़ी घोषणा कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को मध्य प्रदेश दौरे पर रहे...राहुल गांधी ने सिवनी, शहडोल और मंडला में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। शहडोल में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी को जमकर घेरा...राहुल ने आदिवासी और वनवासी बात का भी जिक्र किया।इसी दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा कर दी...कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के मुताबिक अगर केंद्र में अबकी बार उनकी सरकार बनती है तो वो 50 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले जिलों में समिति का शासन लागू करेंगे। यानी कि यहां से कलेक्टर का शासन खत्म कर दिया जाएगा। राहुल गांधी के कहने का मतलब ये हुआ कि सरकार बनने के बाद इन जिलों में सबसे पहले 6वीं अनुसूची लागू हो सकती है। वो कौन से जिले हम आपको बताते हैं,,,जनजातीय कार्य विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट से से ली गई जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के 6 सबसे ज्यादा आदिवासी बहुल्य जिले हैं आलिराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, डिंडौरी, मंडला और धार, इन 6 जिलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा आदिवासी हैं...यानी कि इन जिलों में कलेक्टर नहीं होंगे....वहीं मध्यप्रदेश में 4 जिले ऐसे भी हैं, जहां की आदिवासी आबादी 40 प्रतिशत आबादी से ज्यादा है...ये 4 जिले हैं अनूपपुर, उमरिया, शहडोल और बैतूल...हालांकि, ये सब तभी संभव हो पाएगा जब इंडिया गठबंधन की सरकार आएगी...
08 Apr 2024
By Ujjwal Rai
Indore में इस Congress प्रत्याशी का पहला प्रदर्शन इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। मामला एमओजी लाइन में नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई का था, जहां पर कार्रवाई का विरोध करने कांग्रेस प्रत्याशी पहुंचे थे। वहीं, जब विरोध तेज होने लगा तो पुलिस ने लाठी चार्ज करते हुए रहवासियों को कस्टडी में ले लिया। इन्हें छत्रीपुरा थाना ले जाया गया। इन नागरिकों के साथ अक्षय बम भी थाने पहुंचे। बताया गया कि अक्षय बम और अन्य पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है, बडे़ स्तर पर बात होने के बाद समझाइश देकर छोड़ दिया गया है। आपको बताते चले कि प्रदर्शन में मुकेश यादव, देवेंद्र सिंह यादव और कांग्रेस के अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद थे।
Indore में इस Congress प्रत्याशी का पहला प्रदर्शन इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। मामला एमओजी लाइन में नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई का था, जहां पर कार्रवाई का विरोध करने कांग्रेस प्रत्याशी पहुंचे थे। वहीं, जब विरोध तेज होने लगा तो पुलिस ने लाठी चार्ज करते हुए रहवासियों को कस्टडी में ले लिया। इन्हें छत्रीपुरा थाना ले जाया गया। इन नागरिकों के साथ अक्षय बम भी थाने पहुंचे। बताया गया कि अक्षय बम और अन्य पर पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है, बडे़ स्तर पर बात होने के बाद समझाइश देकर छोड़ दिया गया है। आपको बताते चले कि प्रदर्शन में मुकेश यादव, देवेंद्र सिंह यादव और कांग्रेस के अन्य प्रमुख नेता भी मौजूद थे।
08 Apr 2024
By Ujjwal Rai
Bundelkhand Medical College के डॉक्टर ने मरीज के परिजनों को हड़काया सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के Orthopedic Department के पीजी डॉक्टर केशव सेन ने मरीज के परिजनों को हड़काया...वीडियो में डॉक्टर केशव मरीज के परिजनों से तू-तड़ाक करके बात करते दिखाई दे रहे हैं... वायरल वीडियो सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का है... इसमें किसी मरीज के परिजन अपने मरीज के बारे में डॉक्टर से जानकारी चाह रहे थे, लेकिन डॉक्टर सरमन पटेल और डॉ. केशव सेन परिजनों की बात सुन भड़क गए...वहीं, परिजनों ने चुपके से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया जिससे प्रशासन और बीएमसी प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है...सूत्रों के मुकाबिक मरीज के परिजनों ने यह वीडियो बीजेपी के कद्दावर विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव तक पहुंचा दिया था, जिसके बाद उन्होंने बीएमसी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों से बात की थी। इसके बाद कलेक्टर और कमिश्नर ने इस मामले में बीएमसी प्रबंधन को भी हड़काया है। इस मामले में डीन ने रविवार को कार्रवाई को लेकर भी चर्चा की...वहीं, अब डॉक्टर को 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया...
Bundelkhand Medical College के डॉक्टर ने मरीज के परिजनों को हड़काया सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के Orthopedic Department के पीजी डॉक्टर केशव सेन ने मरीज के परिजनों को हड़काया...वीडियो में डॉक्टर केशव मरीज के परिजनों से तू-तड़ाक करके बात करते दिखाई दे रहे हैं... वायरल वीडियो सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज का है... इसमें किसी मरीज के परिजन अपने मरीज के बारे में डॉक्टर से जानकारी चाह रहे थे, लेकिन डॉक्टर सरमन पटेल और डॉ. केशव सेन परिजनों की बात सुन भड़क गए...वहीं, परिजनों ने चुपके से वीडियो बनाकर वायरल कर दिया जिससे प्रशासन और बीएमसी प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है...सूत्रों के मुकाबिक मरीज के परिजनों ने यह वीडियो बीजेपी के कद्दावर विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव तक पहुंचा दिया था, जिसके बाद उन्होंने बीएमसी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों से बात की थी। इसके बाद कलेक्टर और कमिश्नर ने इस मामले में बीएमसी प्रबंधन को भी हड़काया है। इस मामले में डीन ने रविवार को कार्रवाई को लेकर भी चर्चा की...वहीं, अब डॉक्टर को 15 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया...
08 Apr 2024
By Ujjwal Rai
Chhindwara में लाड़ली बहनों से ये क्या बोल गए Nakul Nath मध्यप्रदेश में लोकसभा निर्वाचन के पहले चरण के लिए छिंदवाड़ा में 19 अप्रैल को मतदान होना है...चुनाव को सिर्फ कुछ दिन बचे है...ऐसे में राजनैतिक दलों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है...छिंदवाड़ा में कलनाथ और नकुल नाथ ने मोर्चा संभाला हुआ है...इसी बीच नकुलनाथ ने लाड़ली बहना योजना से जुड़ा एक बड़ा बयान दे दिया...उन्होंने लाड़ली बहनों से कहा कि बीजेपी आखिरी लाड़ली बहना योजना के पैसे देगी, रख लेना, लेकिन, 19 अप्रैल को वोट कांग्रेस को ही देना...
Chhindwara में लाड़ली बहनों से ये क्या बोल गए Nakul Nath मध्यप्रदेश में लोकसभा निर्वाचन के पहले चरण के लिए छिंदवाड़ा में 19 अप्रैल को मतदान होना है...चुनाव को सिर्फ कुछ दिन बचे है...ऐसे में राजनैतिक दलों ने अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है...छिंदवाड़ा में कलनाथ और नकुल नाथ ने मोर्चा संभाला हुआ है...इसी बीच नकुलनाथ ने लाड़ली बहना योजना से जुड़ा एक बड़ा बयान दे दिया...उन्होंने लाड़ली बहनों से कहा कि बीजेपी आखिरी लाड़ली बहना योजना के पैसे देगी, रख लेना, लेकिन, 19 अप्रैल को वोट कांग्रेस को ही देना...
07 Apr 2024
By Ujjwal Rai
Bhopal में CM House के बाहर प्रदर्शन RGPV में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी vice chancellor और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीएम हाउस का घेराव करने की कोशिश की...क्योंकि, आरोपियों को एक महीने बाद भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है...परिषद के कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर को हटाने की मांग कर रहे हैं...इस दौरान उनकी सीएम हाउस के बाहर श्यामला हिल्स थाने के टीआई देवेंद्र सिंह यादव से भी जमकर बहस हुई...अपने बंगले के बाहर विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन की खबर जैसे ही सीएम मोहन यादव को लगी उन्होंने परिषद के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया... सीएम ने परिषद के सदस्यों से बात कर सही कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है...परिषद के सदस्यों ने अपनी मांगें भी सीएम को पढ़कर सुनाई... विद्यार्थी परिषद का मानना है कि भोपाल पुलिस लगातार अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही है। इतने लंबे समय तक अपराधियों को सबूत मिटाने का समय दिया गया है। वहीं, ABVP का कहना है कि अगर भोपाल पुलिस कमिश्नर अभी कार्रवाई नहीं करते हैं तो वे निर्वाचन आयोग से उनको हटाने की मांग करेंगे...
Bhopal में CM House के बाहर प्रदर्शन RGPV में करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोपी vice chancellor और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सीएम हाउस का घेराव करने की कोशिश की...क्योंकि, आरोपियों को एक महीने बाद भी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है...परिषद के कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर को हटाने की मांग कर रहे हैं...इस दौरान उनकी सीएम हाउस के बाहर श्यामला हिल्स थाने के टीआई देवेंद्र सिंह यादव से भी जमकर बहस हुई...अपने बंगले के बाहर विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन की खबर जैसे ही सीएम मोहन यादव को लगी उन्होंने परिषद के प्रतिनिधि मंडल को बातचीत के लिए बुलाया... सीएम ने परिषद के सदस्यों से बात कर सही कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है...परिषद के सदस्यों ने अपनी मांगें भी सीएम को पढ़कर सुनाई... विद्यार्थी परिषद का मानना है कि भोपाल पुलिस लगातार अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रही है। इतने लंबे समय तक अपराधियों को सबूत मिटाने का समय दिया गया है। वहीं, ABVP का कहना है कि अगर भोपाल पुलिस कमिश्नर अभी कार्रवाई नहीं करते हैं तो वे निर्वाचन आयोग से उनको हटाने की मांग करेंगे...
07 Apr 2024
By Ujjwal Rai
ESB ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर लंबे समय से कर्मचारी चयन मंडल यानी ईएसबी के कैलेंडर का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए मंडल ने कैलेंडर जारी कर दिया है...लेकिन लगता है कि कर्मचारी चयन मंडल ने ये कैलेंडर जारी कर..महज खानापूर्ति की है...अब इसे खानापूर्ति क्यों कहा जा रहा है....इसे समझने की कोशिश कीजिए...अभ्यर्थियों को ये उम्मीद थी कि जब मंडल अपना परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करेगा...तो इसमें ऐसी परीक्षाएं भी शामिल होंगी जो लंबे समय से नहीं हुई हैं...जिनमें पुलिस सब इंस्पेक्टर और महिला पर्यवेक्षक भी शामिल है...लेकिन इस कैलेंडर में महज नौ परीक्षाओं को शामिल किया गया है...वो भी जून से होनी हैं जिनमें चार चार एंट्रेंस और रिक्रूटमेंट टेस्ट और एक सिलेक्शन टेस्ट शामिल हैं....आपको बता दें कि रिक्रूटमेंट परीक्षा ही डायरेक्ट रोजगार से जुड़ी है बाकी परीक्षाएं या तो डिग्री डिप्लोमा से जुड़ी हैं या फिर महज क्वालिफाइड एग्जाम है...अब आइए आपको उन परीक्षाओं के बारे में बता दें जिनका जिक्र मंडल के वार्षिक कैलेंडर में किया गया है...
ESB ने जारी किया परीक्षा कैलेंडर लंबे समय से कर्मचारी चयन मंडल यानी ईएसबी के कैलेंडर का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के लिए मंडल ने कैलेंडर जारी कर दिया है...लेकिन लगता है कि कर्मचारी चयन मंडल ने ये कैलेंडर जारी कर..महज खानापूर्ति की है...अब इसे खानापूर्ति क्यों कहा जा रहा है....इसे समझने की कोशिश कीजिए...अभ्यर्थियों को ये उम्मीद थी कि जब मंडल अपना परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करेगा...तो इसमें ऐसी परीक्षाएं भी शामिल होंगी जो लंबे समय से नहीं हुई हैं...जिनमें पुलिस सब इंस्पेक्टर और महिला पर्यवेक्षक भी शामिल है...लेकिन इस कैलेंडर में महज नौ परीक्षाओं को शामिल किया गया है...वो भी जून से होनी हैं जिनमें चार चार एंट्रेंस और रिक्रूटमेंट टेस्ट और एक सिलेक्शन टेस्ट शामिल हैं....आपको बता दें कि रिक्रूटमेंट परीक्षा ही डायरेक्ट रोजगार से जुड़ी है बाकी परीक्षाएं या तो डिग्री डिप्लोमा से जुड़ी हैं या फिर महज क्वालिफाइड एग्जाम है...अब आइए आपको उन परीक्षाओं के बारे में बता दें जिनका जिक्र मंडल के वार्षिक कैलेंडर में किया गया है...
By Jitendra Shrivastava
By The Sootr

By Amresh Kushwaha
By Pooja Kumari
By Pratibha Rana
By Pooja Kumari
By Pratibha Rana