क्या पीएम मोदी सच में नेहरू से बेहतर हैं? एचडी देवेगौड़ा ने क्यों की मोदी की तारीफ

The Sootr | Jun 09, 2026, 14:39 IST
Share
modi-sabse-lamba-pm-nehru-record-toota
modi-sabse-lamba-pm-nehru-record-toota

पूर्व PM एचडी देवेगौड़ा ने लिखा- मोदी ने नेहरू का सबसे लंबे समय तक PM बने रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 2593 पार्टियों के बीच जीत, कैबिनेट में विविधता और आत्ममंथन की आदत उनकी सफलता का आधार है।

मोदी ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड - एचडी देवेगौड़ा बोले, यह लोकतंत्र की जीत है

नरेंद्र मोदी अब भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण है।

नेहरू का PM बनना था अलग युग की बात

  • 1947 में नेहरू को प्रधानमंत्री बनाने के पीछे असाधारण परिस्थितियां थीं। गांधीजी का नैतिक प्रभाव और आजादी के आंदोलन की आभा उनके साथ थी।
  • 1952 के पहले आम चुनाव में कांग्रेस का एकाधिकार था। 53 राजनीतिक दलों ने चुनाव लड़ा, लेकिन उनकी उपस्थिति नाममात्र की थी।
  • 2014 से 2024 तक - बदल गया पूरा परिदृश्य
  • 1952 बनाम 2024 - आंकड़े जो चौंकाते हैं
  • 1952: 53 पार्टियां, 17 करोड़ मतदाता, 34 करोड़ जनसंख्या
  • 2024: 2,593 पार्टियां, 83 करोड़ मतदाता, 146 करोड़ से ज्यादा जनसंख्या
इन आंकड़ों को देखें तो समझ आता है कि मोदी की जीत कितनी बड़ी चुनौती का सामना करके आई है।

नेहरू- गांधी परिवार से बाहर की राह कठिन थी

नेहरू- गांधी वंश के बाहर के प्रधानमंत्रियों के पास न विशेष सुविधा थी, न पारिवारिक राजनीतिक विरासत। मोदी इस कसौटी पर खरे उतरे बिना सामाजिक-सांस्कृतिक पूंजी के।

नेहरू के मंत्रिमंडल और मोदी के मंत्रिमंडल में जमीन-आसमान का फर्क

नेहरू काल: विविधता की कमी रही

नेहरू के तीसरे और अंतिम कार्यकाल तक भी उनका मंत्रिमंडल ज़्यादातर उच्च जाति के पुरुषों से भरा रहा। उन्होंने काका कालेलकर आयोग की रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया था - जो पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की सिफारिश करती थी।

मोदी कैबिनेट: प्रतिनिधित्व की नई मिसाल

मोदी के वर्तमान मंत्रिमंडल में 27 OBC, 10 SC और 5 ST सदस्य हैं। महिला प्रतिनिधित्व भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। अप्रैल 2026 में मोदी ने संसद की सदस्य संख्या बढ़ाने और महिलाओं को ऐतिहासिक प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव भी रखा। महिला आरक्षण बिल पहले ही पास हो चुका है।

आज का भारत - लोकतंत्र ज्यादा मुखर, ज्यादा जागरूक

नेहरू काल में थी अज्ञानता, आज है जागरुकता

नेहरू के समय भारत की अधिकतर जनता निरक्षर थी और लोकतंत्र एक नई प्रणाली थी। आज का नागरिक शिक्षित, जागरूक और सवाल करने वाला है।

जाति-चेतना, संवैधानिक अधिकार, लैंगिक समानता, पर्यावरण जागरूकता - ये सब नई ऊंचाइयों पर हैं।

सोशल मीडिया का दबाव - नेहरू को नहीं झेलना पड़ा था।

नेहरू के समय मुश्किल से आधा दर्जन अखबार थे। मोदी को हर सेकंड करोड़ों लोगों की नज़रों का सामना करना पड़ता है- सोशल मीडिया पर, जहां आलोचना बिना जांच के, अनुचित और व्यक्तिगत हो सकती है।

देवेगौड़ा की नजर में मोदी की सफलता के कारण

तीन खूबियां जो बनाती हैं मोदी को अलग

1. जनता से निरंतर संवाद: मन की बात कार्यक्रम के जरिए मोदी हर वर्ग से जुड़ते हैं। देवेगौड़ा खुद इसे नियमित सुनते हैं।

2. तकनीक का अभूतपूर्व उपयोग: किसी भी अन्य PM ने तकनीक का इतना प्रभावी उपयोग नहीं किया।

3. आत्ममंथन की आदत: देवेगौड़ा के शब्दों में - मोदी सफल हैं क्योंकि वे आत्ममंथनशील रहे हैं। उन्होंने खुद को निरंतर जांच के लिए खुला रखा है।

देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी सराहना

देवेगौड़ा ने पीएम नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी नीतियों, सैन्य संघर्षों में निर्णायकता और भारत को सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनाए रखने के प्रयास की भी प्रशंसा की।

देवेगौड़ा का निष्कर्ष

देवेगौड़ा की 11 महीने की PM-ship और मोदी का एक दशक से लंबा कार्यकाल- यह तुलना केवल कार्यकाल की नहीं, बल्कि उस निःस्वार्थ प्रतिबद्धता की भी है जो मोदी ने बनाए रखी है।

FAQ

  1. मोदी ने किसका PM रिकॉर्ड तोड़ा?
    नरेंद्र मोदी ने जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबे समय तक सेवारत लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री का रिकॉर्ड तोड़ा। नेहरू तीन बार PM रहे और उनका कुल कार्यकाल सबसे लंबा था। मोदी 2014 में पहली बार और 2024 में तीसरी बार PM बने।
  2. एचडी देवेगौड़ा ने मोदी के बारे में क्या कहा?
    पूर्व PM देवेगौड़ा ने कहा कि मोदी की सफलता का सबसे बड़ा कारण उनका आत्ममंथन (self-reflection) है। उन्होंने मोदी के लोकतंत्र को मजबूत करने, विविध मंत्रिमंडल और तकनीक के उपयोग की प्रशंसा की।
  3. 1952 के चुनाव और 2024 के चुनाव में क्या अंतर था?
    1952 में मात्र 53 राजनीतिक दल थे और 17 करोड़ मतदाता थे। साल 2024 में 2,593 पार्टियां थीं और 83 करोड़ से ज़्यादा मतदाता। यह दर्शाता है कि मोदी की जीत कितनी प्रतिस्पर्धी परिवेश में हुई।
  4. मोदी के मंत्रिमंडल में कितने OBC, SC, ST सदस्य हैं?
    मोदी के वर्तमान मंत्रिमंडल में 27 OBC, 10 SC और 5 ST सदस्य हैं। यह नेहरू काल की तुलना में सामाजिक विविधता का स्पष्ट उदाहरण है।
  5. मन की बात क्या है और इसे कौन सुनता है?
    मन की बात PM मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है जिसमें वे जनता से सीधा संवाद करते हैं। पूर्व PM देवेगौड़ा ने कहा कि वे इसे नियमित रूप से सुनते हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...

इंडिया गठबंधन: हारे हुए नेता, बिखरा गठबंधन- विपक्ष की दर्दनाक कहानी

पीएम मोदी की संयम की अपील के पीछे असली संकट क्या है?

महिला–ओबीसी आरक्षण और परिसीमन: भारतीय राजनीति की अगली बड़ी करवट

अनुसूचित जाति आरक्षण और मतांतरण: संवैधानिक सीमाएं, न्यायिक दृष्टिकोण




Tags:
  • पीएम नरेंद्र मोदी
  • मन की बात कार्यक्रम
  • लोकतंत्र
  • मोदी कैबिनेट
  • पंडित जवाहरलाल नेहरू
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि