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इंटरनेशनल डेस्क. नेपाल में 15 जनवरी की सुबह बड़ा विमान हादसा हुआ। यति एयरलाइंस का प्लेन काठमांडू से 205 किमी दूर पोखरा में क्रैश हो गया। यह ATR-72 प्लेन था, जिसमें 68 यात्री और चार क्रू मेंबर सवार थे। लैंडिंग से महज 10 सेकेंड पहले विमान पहाड़ी से टकरा गया। इससे प्लेन में आग लग गई और वह खाई में जा गिरा। शाम 4 बजे तक विमान के मलबे से 68 शव निकाले जा चुके थे। बता दें कि नेपाल में पिछले 76 सालों में विमान दुर्घटनाओं में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। नेपाल में पिछले 76 सालों में 96 विमान दुर्घटनाएं हुई हैं। ज्यादातर दुर्घटनाओं का जिम्मेदार ऊंची पहाड़ियों और तकनीकी खराबी को ठहराया जाता है। 1946 से आज तक नेपाल में हुए विमान दुर्घटनाओं में अब तक 800 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
नेपाल के एयरपोर्ट्स की ऊंचाई इतनी ज्यादा कि कोई भी खा जाए खौफ
नेपाल को अपने सबसे खतरनाक एयरपोर्ट के लिए भी जाना जाता है, यहां स्थित एयरपोर्ट्स ऐसी-ऐसी जगहों पर हैं, जहां पर लैंडिंग के दौरान लोगों की सांसें थम जाती हैं। नेपाल के ये सभी एयरपोर्ट्स इतनी ऊंचाई पर स्थित हैं, जिनके बारे में सोचने से ही लोगों को खौफ आता है। इन एयरपोर्ट्स में मौसम की स्थिति खराब होने के कारण उड़ान भरना और लैंडिंग करना बेहद खतरनाक साबित होता है, जिसके चलते इन क्षेत्रों में सिर्फ अनुभवी और उच्च योग्यता वाले पायलटों को ही जहाज उड़ाने की अनुमति है।
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लुकला एयरपोर्ट के रनवे के पास 600 मीटर गहरी खाई है
लुकला एयरपोर्ट को सिर्फ नेपाल ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे खतरनाक एयरपोर्ट माना जाता है। लुकला एयरपोर्ट को तेंजिंग हिलेरी एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। बेहद खतरनाक होने के कारण यह काफी फेमस एयरपोर्ट भी है।यह एयरपोर्ट माउंट एवरेस्ट के सबसे ज्यादा पास स्थित हैं, ऐसे में जिन लोगों को बिना ट्रैकिंग के माउंट एवरेस्ट पहुंचना है वह इस एयरपोर्ट से सीधा हिमालय पहुंच सकते हैं। इस एयरपोर्ट से काठमांडू के लिए रोजाना फ्लाइट्स चलती हैं, लेकिन मौसम खराब होने, बादल लगने या बहुत ज्यादा हवा चलने पर सुरक्षा के मद्देनजर इस एयरपोर्ट को बंद कर दिया जाता। इस रनवे के आसपास 600 मीटर गहरी खाई है।
नेशनल रोड नेटवर्क से नहीं जुड़ा है सिमीकोट एयरपोर्ट
सिमीकोट एयरपोर्ट को हुमला एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है। यह एकमात्र हवाई अड्डा है, जो नेशनल रोड नेटवर्क से जुड़ा नहीं है। यह एयरपोर्ट 4,300 मीटर (14,100 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है और पश्चिमी नेपाल में डोल्पा जिले की यात्रा करने वाले लोगों के लिए एंट्री प्वॉइंट के रूप में काम करता है।
ताल्चा एयरपोर्ट पर ज्यादातर समय बर्फ पड़ी रहती है
ताल्चा एयरपोर्ट को मुगु हवाई अड्डा के नाम से भी जाना जाता है। यह एयरपोर्ट 2,735 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और यहां ज्यादातर समय बर्फ पड़ी रहती है, जिस कारण विमान के फिसलने, ठंड में इंजन बंद होने के साथ ही उड़ान के दौरान और भी कई तरह के हादसे होने का खतरा बना रहता है। मुस्तांग एयरपोर्ट, डोल्पा एयरपोर्ट और पोखरा एयरपोर्ट में भी हादसे की आशंका रहती है।