अमेरिका में इंसानों के बीच तेजी से फैल रहे सुपरबग ने बढ़ाई दुनिया में चिंता, कई देशों में मिला, दवा भी बेअसर 

author-image
The Sootr
एडिट
New Update
अमेरिका में इंसानों के बीच तेजी से फैल रहे सुपरबग ने बढ़ाई दुनिया में चिंता, कई देशों में मिला, दवा भी बेअसर 

इंटरनेशनल डेस्क. अमेरिका में इंसानों के बीच तेजी से फैल रहे एक सुपरबग ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। मेडिकल साइंस के लिए सुपरबग पिछले कुछ साल में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। कोविड-19 का संक्रमण इसे और ज्यादा खतरनाक कर रहा है। कई देशों में सुपरबग के मरीज मिल चुके हैं। मेडिकल जर्नल लैसेंट की स्टडी के अनुसार अगर सुपरबग इसी रफ्तार से फैलता गया तो इसके कारण हर साल 1 करोड़ लोगों की मौत हो सकती है। मौजूदा वक्त में इस सुपरबग के चलते दुनिया भर में हर साल 13 लाख लोगों की जान जा रही है। 



एंटीबायोटिक दवाओं के अधिक से प्रयोग से खतरा ज्यादा



सुपरबग किसी भी एंटीबायोटिक दवा के अधिक इस्तेमाल करने या बेवजह एंटीबायोटिक दवा इस्तेमाल करने से पैदा होते हैं। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार फ्लू जैसे वायरल संक्रमण होने पर एंटीबायोटिक लेने पर सुपरबग बनने के अधिक आसार रहते हैं, जो धीरे धीरे दूसरे इंसानों को भी संक्रमित कर देते हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार हमारे देश में भी निमोनिया और सेप्टीसीमिया के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं कार्बेपनेम मेडिसिन अब बैक्टीरिया पर बेअसर हो चुकी हैं। इस वजह से इन दवाओं के बनाए जाने पर रोक लगा दी गई। 



ये भी पढ़ें...






क्या है सुपरबग



सुपरबग पर एंटीबायोटिक और एंटी-फंगल दवाएं भी असर नहीं करती हैं। यह बैक्टीरिया का ही एक रूप है। कुछ बैक्टीरिया हयूमन फ्रैंडली होते हैं तो कुछ इंसान के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। ये सुपरबग इंसान के लिए घातक है। ये बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट का स्ट्रेन है, जब बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या पैरासाइट्स समय के साथ बदल जाते हैं तो उस वक्त उन पर दवा असर करना बंद कर देती है। एंटीमाइक्रोबॉयल रेजिस्टेंस पैदा होने के बाद इस संक्रमण का इलाज काफी मुश्किल हो जाता है। आसान भाषा में समझे तो सुपरबग उस तरह की स्थिति है, जब मरीज के शरीर में मौजूद बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट के सामने दवा बेअसर हो जाते है।



कैसे फैलता है सुपर बग



सुपरबग एक से दूसरे इंसान के त्वचा के संपर्क, घाव होने, लार और यौन संबंध बनाने से फैलता है। इंसान के शरीर में सुपरबग होने पर मरीजों पर दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। फिलहाल सुपरबग की कोई दवा मौजूद नहीं है, लेकिन सही तरीके अपना कर इसकी रोकथाम की जा सकती है। साल 2021 में अमेरिका ने 10 रिसर्च के ज्यादा में पाया गया कि सुपरबग के कारण प्रीमैच्योर बर्थ का जोखिम बढ़ता है। वहीं पुरुषों को पेशाब से जुड़ी परेशानी होती है।



सुपरबग के प्रकोप से कैसे बचें 



मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, सुपरबग से बचने के लिए सबसे पहले हाथों को साबुन और पानी से धोएं। हाथ धोने के लिए हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। खाने के सामान को साफ जगह पर रखें। भोजन को अच्छी तरह से पकाना और साफ पानी का इस्तेमाल करना। बीमार लोगों के संपर्क से बचें। डॉक्टर की सलाह लेने के बाद ही एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग करें। 


सुपरबग superbug raised concern superbug in America Superbug bacteria सुपरबग ने बढ़ाई चिंता अमेरिका में सुपरबग सुपरबग बैक्टीरिया