बिहार चुनाव के एग्जिट पोल: 12 पोल्स बता रहे हैं NDA को मिल रही बहुमत, महागठबंधन को 84 सीटें
Jitendra Shrivastava | Nov 11, 2025, 20:04 IST
Photograph: (thesootr)
बिहार चुनाव के एग्जिट पोल में NDA को स्पष्ट बहुमत मिलता नजर आ रहा है। चाणक्य और पीपुल पल्स के पोल्स के अनुसार NDA को 130-159 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, महागठबंधन को 75-108 सीटें मिलने का अनुमान है। जन सुराज पार्टी को 3-5 सीटें मिलने की संभावना है।
PATNA. दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होने के बाद बिहार चुनाव के एग्जिट पोल आने शुरू हो गए हैं। 12 एग्जिट पोल्स के अनुमानों के मुताबिक, बिहार में NDA सरकार बनती नजर आ रही है।
इन अनुमानों में NDA को 154 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिल रहा है, जबकि महागठबंधन को 84 सीटें मिल सकती हैं। इस बार चुनावी मैदान में उतरी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के लिए कोई खास सफलता की उम्मीद नहीं जताई जा रही है, और उन्हें 3-5 सीटें मिलने का अनुमान है।
बिहार चुनाव 2025 में 243 सीटों पर दो चरणों में चुनाव हुआ। पहले चरण में 121 सीटों पर 65% मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण में 67% मतदान दर्ज किया गया। मतदान के नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इस बीच, एग्जिट पोल्स के परिणामों में भी विसंगतियां देखने को मिली हैं, जैसा कि पिछले चुनावों में भी हुआ था।
चाणक्य के एग्जिट पोल के अनुसार, NDA को 130-138 सीटें मिल सकती हैं, जबकि महागठबंधन को 100-108 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य को 3-5 सीटें मिल सकती हैं।
पीपुल पल्स के एग्जिट पोल में NDA को 133 से 159 सीटें मिलती नजर आ रही हैं, जबकि महागठबंधन को 75-101 सीटें मिलती दिखाई गई हैं।
![Bihar Exit Poll]()
पिछले दो विधानसभा चुनावों (2010, 2015, और 2020) में एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियां गलत साबित हो चुकी हैं। 2015 के चुनावों में अधिकांश एग्जिट पोल्स ने NDA को बढ़त दी थी, लेकिन नतीजों में महागठबंधन (RJD-JDU-कांग्रेस) को स्पष्ट बहुमत मिला था। वहीं, 2020 में कई एजेंसियों ने महागठबंधन की जीत का अनुमान लगाया, लेकिन नतीजों में NDA ने 125 सीटें जीतकर सरकार बनाई।
एग्जिट पोल वह सर्वे होते हैं जो चुनावी वोटिंग के दौरान किए जाते हैं। चुनावों के बाद, मतदान स्थल पर उपस्थित वॉलंटियर्स वोट देने के बाद वोटर्स से सवाल पूछते हैं। इन सवालों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिससे यह अनुमान लगाया जाता है कि चुनाव के परिणाम किस दिशा में हो सकते हैं।
इन अनुमानों में NDA को 154 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिल रहा है, जबकि महागठबंधन को 84 सीटें मिल सकती हैं। इस बार चुनावी मैदान में उतरी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के लिए कोई खास सफलता की उम्मीद नहीं जताई जा रही है, और उन्हें 3-5 सीटें मिलने का अनुमान है।
दोनों चरणों में बंपर वोटिंग
एग्जिट पोल्स के रुझान...
| एस.एन. | न्यूज चैनल / एजेंसी | एनडीए (Seats) | महागठबंधन (Seats) | अन्य (Seats) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | दैनिक भास्कर | 145-160 | 73-91 | 5-10 |
| 2 | मैट्रिज- IANS | 147-167 | 70-90 | 0 |
| 3 | पीपुल पल्स | 133-159 | 75-101 | 2-13 |
| 4 | पीपुल्स इनसाइट | 133-148 | 87-102 | 3-8 |
| 5 | चाणक्य | 130-138 | 100-108 | 3-5 |
| 6 | पोलस्ट्रेट | 133-148 | 87-102 | 3-5 |
| 7 | जेवीसी के चुनाव | 135-150 | 88-103 | 3-6 |
| 8 | पोल डायरी | 184-209 | 32-49 | 1-5 |
| 9 | टाइम्स नाउ | 143 | 95 | 5 |
| 10 | प्रजा पोल एनालिटिक्स | 186 | 50 | 7 |
| 11 | पी मार्क | 142-162 | 80-98 | 3-8 |
| 12 | टीआईएफ रिसर्च | 145-163 | 76-95 | 3-6 |
| पोल ऑफ पोल्स | 154 | 84 | 5 |
चाणक्य का एग्जिट पोल
पीपुल पल्स का एग्जिट पोल
Bihar Exit Poll
पिछले चुनावों में गलत साबित हुए एग्जिट पोल्स
एग्जिट पोल्स की जटिलता
- बिहार में एग्जिट पोल्स पूरी तरह से भरोसेमंद नहीं रहे हैं। हर बार इन पोल्स का गणित बिगड़ जाता है। हालांकि, कुछ एग्जिट पोल्स में वोट प्रतिशत के अनुमान करीब रहे हैं, लेकिन सीटों का सही अनुमान लगाना कठिन होता है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- माइग्रेंट वोटर्स: बिहार से बाहर काम करने वाले लाखों प्रवासी वोटर्स होते हैं, जो जल्दबाजी में वोट देने के बाद लौटते हैं। इस कारण उन्हें एग्जिट पोल सैंपल में शामिल करना मुश्किल होता है।
- जाति-आधारित वोटिंग पैटर्न: बिहार में जातीय समीकरण जटिल हैं, और छोटे सैंपल साइज के कारण निचली जातियों के शिफ्ट को मिस किया जा सकता है।
- साइलेंट वोटर्स: बिहार में साइलेंट वोटर्स की संख्या काफी अधिक है, जो अपनी राजनीतिक पसंद को सार्वजनिक नहीं करते। इससे सर्वे के अनुमान बिगड़ जाते हैं।
- महिला वोटर्स: बिहार में महिलाओं का वोटर टर्नआउट पुरुषों से अधिक है, लेकिन महिलाएं अपना ओपिनियन खुलकर साझा नहीं करतीं, जिससे सर्वे में असमानता आती है।
एग्जिट पोल क्या होते हैं?
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