ECI के समर्थन में उतरे 124 पूर्व IAS-IFSअफसर, बोले-हारने पर सिस्टम धांधली वाला नहीं हो सकता

Sandeep Kumar | Oct 10, 2026, 20:27 IST
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124 पूर्व आईएएस, आईएफएस अफसरों ने देशवासियों के नाम खुली चिट्ठी लिखी हैं।
124 पूर्व आईएएस, आईएफएस अफसरों ने देशवासियों के नाम खुली चिट्ठी लिखी हैं।

124 पूर्व आईएएस, आईएफएस और एलाइड सर्विसेज के अफसरों ने देशवासियों के नाम खुली चिट्ठी लिखी है। पूर्व नौकरशाहों की चिट्ठी में चुनाव आयोग और एसआईआर का बचाव किया गया है। अफसरों का कहना है कि वोट चोरी के आरोपों के पीछे पुख्ता सबूत होने चाहिए। चिट्ठी ऐसे समय आई, जब कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश कर रही है।

किन अफसरों ने किए हस्ताक्षर

चिट्ठी पर कई पूर्व बड़े अफसरों के हस्ताक्षर हैं। पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल इनमें शामिल हैं। उनके साथ आरडी कपूर, समिंद्र चटर्जी, गोपाल कृष्णा, विवेक भारद्वाज और नवनीत सहगल जैसे पूर्व अफसरों ने भी दस्तखत किए। कुल 124 पूर्व आईएएस (IAS) आईएफएस (IFS) और एलाइड सर्विसेज (संबद्ध सेवाओं) के अफसर इस पत्र के साथ हैं। इन सभी ने देशवासियों को सीधे संबोधित किया है।

ECI के समर्थन में उतरे 124 पूर्व IAS-IFSअफसर
ECI के समर्थन में उतरे 124 पूर्व IAS-IFSअफसर

जंतर-मंतर पर क्या हुआ शनिवार को

शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश की। पार्टी सीईसी (CEC – Chief Election Commissioner) Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रही थी। दिल्ली पुलिस ने इसे नियम-विरुद्ध बताया। पुलिस दिन भर प्रदर्शन रोकने में जुटी रही। ऐसे में पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों का खुला पत्र खास मायने रखता है।

भूपेश बघेल का केंद्र पर हमला:
CJP प्रदर्शन पर भूपेश बघेल का बड़ा हमला, बोले- सरकार इतनी डरी हुई है कि ट्रेनें और मेट्रो तक बंद करा दीं
10 Oct 2026 ,
By Umeshwari Baghel
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदर्शन से इतनी डर गई है कि ट्रेनें और मेट्रो बंद कर रही है। उधर रायपुर में भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है।
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदर्शन से इतनी डर गई है कि ट्रेनें और मेट्रो बंद कर रही है। उधर रायपुर में भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है।

बूथ कैप्चरिंग से यहां तक का सफर

अफसरों ने चुनावी प्रक्रिया में हुए बदलावों और सुधारों की बात की। उन्होंने बताया कि भारतीय चुनावी प्रक्रिया बूथ कैप्चरिंग (बूथ पर कब्जा) से उबरी है। बैलेट बॉक्स लूटने, उससे छेड़छाड़ और चुनावी हिंसा से भी देश निकल चुका है।

CJI सूर्यकांत का हस्तक्षेप: सुप्रीम कोर्ट के बाहर हिरासत में लिए गए वकीलों की रिहाई का आदेश | CJI Suryakant's Intervention: Order for Release of Lawyers Detained Outside Supreme Court
<b>सुप्रीम कोर्ट के बाहर प्रदर्शन, हिरासत में लिए गए वकीलों के लिए CJI सूर्यकांत ने किया हस्तक्षेप</b>
10 Oct 2026 ,
By Neel Tiwari
सुप्रीम कोर्ट के बाहर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहा था, जिसमें कई वकील, महिलाओं समेत, शामिल थे। अचानक, इन वकीलों को हिरासत में ले लिया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन (SCBA) ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से हस्तक्षेप करने की मांग की। इसके बाद CJI ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी वकीलों को तुरंत रिहा करें।
सुप्रीम कोर्ट के बाहर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहा था, जिसमें कई वकील, महिलाओं समेत, शामिल थे। अचानक, इन वकीलों को हिरासत में ले लिया गया। इस पर सुप्रीम कोर्ट बार असोसिएशन (SCBA) ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से हस्तक्षेप करने की मांग की। इसके बाद CJI ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी वकीलों को तुरंत रिहा करें।

बिहार चुनाव 2025 के आंकड़े क्या बताते हैं

अफसरों ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक वहां एक भी रिपोलिंग (दोबारा मतदान) की जरूरत नहीं पड़ी। वोटर टर्नआउट (मतदान प्रतिशत) 1951 के बाद सबसे ज्यादा रहा।

जीत और हार पर एक सिस्टम का तर्क

"एक सिस्टम आपके जीतने पर ईमानदार और हारने पर धांधली वाला नहीं हो सकता।"
By: – 124 पूर्व नौकरशाह, खुली चिट्ठी
अफसरों ने इसी तर्क को आंकड़ों से जोड़ा। उनका कहना है कि बीजेपी केंद्र में सरकार की अगुवाई कर रही है। इसी चुनाव आयोग के रहते वह कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हारी है। 2024 के आम चुनावों में भी वह बहुमत से पिछड़ चुकी है।

चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर तर्क

चिट्ठी में चुनाव आयोग (Election Commission ) की स्वतंत्रता का भी बचाव किया गया है। अफसरों के मुताबिक एक से ज्यादा सदस्य होने की वजह से आयोग संस्थागत रूप से सुरक्षित है।

आरोप और सबूत पर अफसरों की राय

"सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। साबित करना आरोप लगाने वाले का कर्तव्य।"
By: – 124 पूर्व नौकरशाह, खुली चिट्ठी
अफसरों ने सबूतों के अभाव का भी हवाला दिया। उनके मुताबिक सवाल उठाने और आरोपों की पुष्टि के लिए सबूत नहीं दिखते।

एसआईआर को क्यों बताया जरूरी

अफसरों ने एसआईआर को पुख्ता Voter list के लिए जरूरी बताया। इसके लिए उन्होंने बिहार का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक एसआईआर से 22 लाख मृत वोटरों के नाम हटाने में मदद मिली। सात लाख डुप्लीकेट (दोहरे) मतदाताओं के नाम भी बाहर किए गए। करीब 21.5 लाख नए वोटरों के नाम जोड़े भी गए। ये सारे बदलाव मतदाता सूची में हुए।

राकेश गुर्जर का बड़ा ऐलान: अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी को पीटने वाले को 50 हजार का इनाम | Rakesh Gurjar's Big Announcement: Rs 50,000 Reward for Beating Abhijit Dipke and Dhruv Rathee
अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वाले राकेश गुर्जर फिर आए चर्चा में, इस बार किया बड़ा ऐलान
10 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वाले जयपुर के राकेश गुर्जर एक बार फिर चर्चा में है। उन्होंने दीपके और उनके साथियों को दिल्ली में पीटने की धमकी दी है। गुर्जर ने ऐसा करने पर 50 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने वाले जयपुर के राकेश गुर्जर एक बार फिर चर्चा में है। उन्होंने दीपके और उनके साथियों को दिल्ली में पीटने की धमकी दी है। गुर्जर ने ऐसा करने पर 50 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया है।

गलत मतदाता सूची पर अफसरों का जवाब

"अनक्लीन्ड रोल वोटर की हिफाजत नहीं करता। यह धांधली करने वालों को बचाता है।"
By: – 124 पूर्व नौकरशाह, खुली चिट्ठी
चिट्ठी का संदेश दो हिस्सों में है। पहला, चुनावी व्यवस्था में सुरक्षा के कई इंतजाम हैं। दूसरा, आरोप लगाने वाले को सबूत भी देना चाहिए।

FAQ

  1. 124 पूर्व अफसरों ने किसने नाम चिट्ठी लिखी हैं?
    चिट्ठी 124 पूर्व आईएएस, आईएफएस और एलाइड सर्विसेज के अफसरों ने लिखी है। इस पर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल समेत कई पूर्व अफसरों के हस्ताक्षर हैं। यह चिट्ठी देशवासियों के नाम है।
  2. चिट्ठी में एसआईआर के बारे में क्या कहा गया है?
    अफसरों ने एसआईआर को पुख्ता मतदाता सूची के लिए जरूरी बताया है। उनके मुताबिक बिहार में इससे 22 लाख मृत वोटरों के नाम हटाने में मदद मिली। सात लाख डुप्लीकेट नाम बाहर हुए और करीब 21.5 लाख नए वोटर जुड़े।
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