छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कांग्रेस नेता की मुश्किलें बढ़ीं, ED का दावा-रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे 52 करोड़
Umeshwari Baghel | Oct 10, 2026, 19:52 IST
शराब घोटाले में ED का नया आरोप पत्र।
छत्तीसगढ़ के चर्चित 3,400 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में नया मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ एक और आरोप पत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 52 करोड़ रुपए उन तक पहुंचाए गए थे।
आरोप पत्र में रकम पहुंचाने वाले लोगों और लेनदेन के तरीके का भी जिक्र किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी।
छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब इस मामले में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका को लेकर ED ने नए दावे किए हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल अनवर ढेबर के सहयोगियों के जरिए बड़ी रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई थी। ED ने इस कथित लेनदेन को लेकर आरोप पत्र में कई जानकारियां शामिल की हैं।
जांच एजेंसी ने दीपेन चावड़ा और निखिल चंद्राकर के बयानों का भी उल्लेख किया है। इन बयानों के आधार पर करीब 52 करोड़ रुपए के कथित लेनदेन की जानकारी अदालत के सामने रखी गई है।
ED ने आरोप पत्र में नकदी पहुंचाने की कथित प्रक्रिया भी बताई है। एजेंसी के अनुसार अनवर ढेबर का सहयोगी दीपेन चावड़ा नकदी लेकर कांग्रेस भवन के कर्मचारी देवेंद्र डड़सेना के पास जाता था।
देवेंद्र डड़सेना को रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया गया है। ED का दावा है कि उनके माध्यम से रकम आगे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसी अब इस कथित लेनदेन से जुड़े लोगों की भूमिका और रकम के इस्तेमाल की जांच कर रही है। हालांकि 52 करोड़ रुपए पहुंचाने का दावा अभी अदालत में साबित होना बाकी है।
रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें केवल शराब घोटाले तक सीमित नहीं हैं। ED उनसे कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों में भी पूछताछ कर चुकी है। इन मामलों में भी जांच एजेंसी कथित आर्थिक लेनदेन और उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
अलग-अलग मामलों में सामने आए बयानों और दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध रकम किन लोगों के माध्यम से पहुंचाई गई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
छत्तीसगढ़ के करीब 127 करोड़ रुपए के कथित कस्टम मिलिंग घोटाले में भी रामगोपाल अग्रवाल को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में राइस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अन्य चावल मिल संचालकों के बयान दर्ज किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ मिल संचालकों ने प्रति क्विंटल 20 रुपए देने की बात कही है।
ED इस कथित भुगतान और कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की प्रक्रिया में किन अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका रही थी।
कस्टम मिलिंग मामले की जांच के दौरान ED ने छत्तीसगढ़ सरकार से प्रोत्साहन राशि बढ़ाने से संबंधित रिकॉर्ड मांगा था। इसके जवाब में राज्य के खाद्य विभाग ने जांच एजेंसी को 356 पन्नों के दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं।
इन दस्तावेजों में प्रोत्साहन राशि से संबंधित जानकारी शामिल है। ED अब इन रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित फैसलों और प्रक्रियाओं की पड़ताल कर रही है। जांच में यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रोत्साहन राशि में बदलाव किन परिस्थितियों में किया गया था।
कस्टम मिलिंग घोटाले की जांच के सिलसिले में ED ने रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उन्हें पूछताछ के लिए पांच दिन की ED रिमांड पर भेजा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार उनकी रिमांड 13 अक्टूबर तक है। इस दौरान जांच एजेंसी कथित आर्थिक लेनदेन और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
शराब घोटाले से जुड़े नए आरोप पत्र पर अदालत में अगली सुनवाई 20 नवंबर को निर्धारित है। इस सुनवाई में ED की ओर से पेश किए गए आरोपों और संबंधित दस्तावेजों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी।
फिलहाल जांच एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवालतक 52 करोड़ रुपए पहुंचने का दावा किया है। यह ED का आरोप है। अदालत ने अभी इन आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अब शराब घोटाले के साथ कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में चल रही जांच पर भी नजर रहेगी।
FAQ
ED ने आरोप पत्र में किया बड़ा दावा
जांच एजेंसी के मुताबिक शराब घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल अनवर ढेबर के सहयोगियों के जरिए बड़ी रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई गई थी। ED ने इस कथित लेनदेन को लेकर आरोप पत्र में कई जानकारियां शामिल की हैं।
जांच एजेंसी ने दीपेन चावड़ा और निखिल चंद्राकर के बयानों का भी उल्लेख किया है। इन बयानों के आधार पर करीब 52 करोड़ रुपए के कथित लेनदेन की जानकारी अदालत के सामने रखी गई है।
कैसे पहुंचाए गए 52 करोड़ रुपए?
देवेंद्र डड़सेना को रामगोपाल अग्रवाल का करीबी बताया गया है। ED का दावा है कि उनके माध्यम से रकम आगे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसी अब इस कथित लेनदेन से जुड़े लोगों की भूमिका और रकम के इस्तेमाल की जांच कर रही है। हालांकि 52 करोड़ रुपए पहुंचाने का दावा अभी अदालत में साबित होना बाकी है।
शराब के अलावा दो अन्य घोटालों से भी जुड़ी जांच
अलग-अलग मामलों में सामने आए बयानों और दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध रकम किन लोगों के माध्यम से पहुंचाई गई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
127 करोड़ के कस्टम मिलिंग घोटाले में भी नाम
ED इस कथित भुगतान और कस्टम मिलिंग की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के फैसले के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की प्रक्रिया में किन अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका रही थी।
खाद्य विभाग ने ED को सौंपे 356 पन्नों के दस्तावेज
इन दस्तावेजों में प्रोत्साहन राशि से संबंधित जानकारी शामिल है। ED अब इन रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित फैसलों और प्रक्रियाओं की पड़ताल कर रही है। जांच में यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रोत्साहन राशि में बदलाव किन परिस्थितियों में किया गया था।
13 अक्टूबर तक ED की रिमांड पर रामगोपाल अग्रवाल
शराब घोटाले में 20 नवंबर को अगली सुनवाई
फिलहाल जांच एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवालतक 52 करोड़ रुपए पहुंचने का दावा किया है। यह ED का आरोप है। अदालत ने अभी इन आरोपों पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अब शराब घोटाले के साथ कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग मामलों में चल रही जांच पर भी नजर रहेगी।
FAQ
- रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ ED ने क्या आरोप लगाए हैं?
ED ने आरोप लगाया है कि रामगोपाल अग्रवाल को छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में शामिल मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के सहयोगियों के जरिए 52 करोड़ रुपए की राशि मिली थी। - इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
इस मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी, जहां ED द्वारा पेश किए गए आरोपों पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। - रामगोपाल अग्रवाल की अन्य जांच के मामले क्या हैं?
रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें केवल शराब घोटाले तक सीमित नहीं हैं; उन पर कोयला लेवी और कस्टम मिलिंग घोटाले से जुड़ी जांच भी चल रही है।
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