Kargil Vijay Diwas : देशभक्ति, साहस, समर्पण,और बलिदान का दिवस
Ravi Singh | Jul 25, 2024, 23:56 IST
26 July Kargil Vijay Diwas
हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस भारत के लिए अहम दिन है। यह 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए अपनी जान की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी को श्रद्धांजलि देने के रूप में मनाया जाता है।
Kargil Vijay Diwas : 26 जुलाई एक तारीख नहीं बल्कि देश के लिए एक त्यौहार है। इस दिन को सेना के सम्मान के रूप में मनाया जाता है। कारगिल विजय दिवस भारत की तारीख में एक काफी अहम दिन है। इस दिन हम उन भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करते हैं जिन्होंने पाकिस्तानी घुसपैठियों से कारगिल की पहाड़ियों को वापस पाने के लिए अथक संघर्ष किया था।
हर साल 26 जुलाई को मनाया जाने वाला कारगिल विजय दिवस भारत के लिए अहम दिन है। यह 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान देश के लिए अपनी जान की आहुति देने वाले भारतीय सैनिकों की बहादुरी को श्रद्धांजलि देने के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को दिन देश की संप्रभुता की रक्षा करने वाले भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करता है।
![21 Years Of Kargil War With Pakistan: Interesting Things About Operation Vijay - Amar Ujala Hindi News Live - #courageinkargil:जब भारतीय सेना से डरे पाकिस्तान की गुहार को अमेरिका ने ठुकराया, जानिए]()
कारगिल विजय दिवस का इतिहास 1971 की शुरूआत में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध से जुड़ा है, जिसके कारण पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश नाम से एक अलग देश बन गया। इसके बाद भी दोनों देशों के बीच एक-दूसरे के साथ टकराव जारी रहा, जिसमें आसपास के पहाड़ी इलाकों पर सैन्य चौकियां तैनात करके सियाचिन ग्लेशियर पर हावी होने की लड़ाई भी शामिल थी। उन्होंने 1998 में अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण भी किया, जिसके कारण दोनों के बीच लंबे समय से दुश्मनी चलती रही। शांति और स्थिरता बनाए रखने और तनाव को हल करने के लिए, फरवरी 1999 में 'लाहौर डिक्लेरेशन' पर साइन करके कश्मीर मुद्दे के द्विपक्षीय शांतिपूर्ण समाधान की ओर कदम बढ़ाने की कसम खाई गई।
![CM Mohan Yadav]()
पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने नापाक चाल चलते हुए कश्मीर और लद्दाख के बीच लिंक तोड़ने और अशांति पैदा करने के लिए, उत्तरी कारगिल में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के भारतीय इलाके में घुसपैठ की और ऊंची पहाड़ी के चोटियों पर कब्जा कर लिया।
जब भारत को मई 1999 में घुसपैठ का पता चला, तो भारतीय सेना को ऑपरेशन विजय शुरू कर दिया, जिसके कारगिल युद्ध हुआ। यह संघर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के कारगिल जिले और एलओसी पर मई से जुलाई 1999 तक चला। करीब 2 महीनों तक दुर्गम पहाड़ी इलाके में भीषण युद्ध चला। ऑपरेशन विजय के तहत भारतीय सेना पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़ने में कामयाब रही और टाइगर हिल और दूसरे रणनीतिक ठिकानों पर कब्जा कर लिया।
![्ि]()
26 जुलाई 1999 को तीन महीने के संघर्ष के बाद भारतीय सैनिकों ने जंग जीत ली। भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान का सम्मान करने के लिए हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
![Instafeed]()
कारगिल विजय दिवस इसलिए भी मनाया जाता है क्योंकि शहीदों के बलिदानों को भुलाया न जा सके। कारगिल विजय दिवस का आयोजन राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति का भी एक सशक्त प्रतीक है। कारगिल युद्ध ने भारत के सभी कोनों से लोगों को सेना के समर्थन में एकजुट किया।इसके अलावा, युद्ध की बहादुरी और वीरता की कहानियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं, उनमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्य और समर्पण की भावना पैदा करती हैं।
![ravi kushwah]()
भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान
21 Years Of Kargil War With Pakistan: Interesting Things About Operation Vijay - Amar Ujala Hindi News Live - #courageinkargil:जब भारतीय सेना से डरे पाकिस्तान की गुहार को अमेरिका ने ठुकराया, जानिए
कारगिल विजय दिवस का इतिहास
CM Mohan Yadav
पाकिस्तान ने किया कब्जा
ऑपरेशन विजय शुरू किया
्ि
युद्ध में भारत की जीत
Instafeed
कारगिल विजय दिवस का महत्व
ravi kushwah
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari