टनल में फंसे 41 मजदूरों को एक महीने में निकाला जा सकेगा! अमेरिकी एक्सपर्ट के बयान ने चौंकाया, यह बताई जल्दबाजी नहीं करने की वजह
BP Shrivastava | Nov 25, 2023, 24:00 IST
टनल में फंसे 41 मजदूरों को एक महीने में निकाला जा सकेगा! अमेरिकी एक्सपर्ट के बयान ने चौंकाया, यह बताई जल्दबाजी नहीं करने की वजह
उत्तरकाशी में रेस्क्यू ऑपरेशन रुकने से 41 मजदूरों को टनल से बाहर निकालने का इंतजार और लंबा हो गया है। रेस्क्यू फिलहाल बंद हो गया है। एक्सपर्ट ने मजूदरों को निकालने में एक महीना लगने की बात कही है।
NEW DELHI. उत्तरकाशी में रेस्क्यू ऑपरेशन रुकने से 41 मजदूरों को टनल से बाहर निकालने का इंतजार और लंबा हो गया है। रेस्क्यू फिलहाल बंद हो गया है। टनल में ड्रिलिंग के लिए पहुंचाई गई ऑगर मशीन नाकाम हो गई है। अब टनल के ऊपरी हिस्से से ड्रिलिंग की तैयारी है। यानी 14 दिन के बाद भी सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने को लेकर स्थिति साफ नहीं है। इसी बीच एक्सपर्ट के बयान ने चौंका दिया है और लोगों के दिलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। जिसमें उन्होंने मजदूरों निकालने के लिए एक महीना और लगने की बात कही है। साथ ही कहा है कि इस रेस्क्यू में जल्दबाजी नहीं की जा सकती है। एक्सपर्ट के अनुसार 25 दिसंबर तक मजदूर बाहर आ पाएंगे।
चुनौतियां बढ़ रहीं, हालात में सुधार नहीं
टनल के अंदर 41 जिदंगियों और बाहर रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। समय अपनी रफ्तार से दौड़ रहा है। सब बदल रहा है, लेकिन अगर कुछ नहीं बदल रहा है तो वो है हालात। हर सुबह उम्मीद के साथ शुरू हो रही है और शाम नाउम्मीदों में बदल रही है। इस बस के बीच अमेरिकी एक्सपर्ट के रेस्क्यू के पूरा होने में एक महीना लगने के बयान ने सभी को चौंका दिया है।
जिम्मेदार अफसर बदल रहे रोज बयान
अमेरिकी एक्सपर्ट ने बयान में कहा है कि मजदूर क्रिसमस यानी 25 दिसंबर तक अपने घर पर पहुंच पाएंगे। इस बयान से खास तौर से पीड़ितों के परिजनों की परेशानी और बढ़ी हैं। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे जिम्मेदार अफसर रोजाना बयान बदल रहे हैं। वे अपने बयानों में मजदूरों के बाहर निकलने के लिए नई नई डेडलाइन बता रहे हैं।
अब खुदाई में अमेरिकी ऑगर मशीन का प्रयोग नहीं होगा
सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि रेक्सयू का समय बढ़ता जा रहा है। एक छोर से खुदाई बंद कर दी गई है। सरियों के जाल में फंसने से ऑगर मशीन पिछली रात खराब हो गई। इसके बाद अमेरिकी एक्सपर्ट अरनॉल्ड डिक्स ने कहा कि अब रेस्क्यू में ऑगर मशीन का प्रयोग नहीं होगा। मजदूरों को निकालने के लिए अब सुरंग के ऊपर से खुदाई की जाएगी। जिसके लिए मशीन को टनल के ऊपरी हिस्से में ले जाया जा रहा है।
अमेरिकी एक्सपर्ट ने कहा क्रिसमस पर सभी मजदूर अपने घर पर होंगे
अमेरिकी एक्सपर्ट अरनॉल्ड डिक्स ने मजदूरों के बाहर निकालने के लिए क्रिसमस यानी 25 दिसंबर की डेडलाइन दी है। उन्होंने मीडिया कहा कि क्रिसमस से पहले सभी मजदूर अपने घर पर पहुंच जाएंगे। सभी मजूदर सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया अगर रेस्क्यू में जल्दबाजी के प्रयास किए गए तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं, इसलिए पूरी सावधानी के साथ टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
एक्सपर्ट ने यह भी कहा
डिक्स ने कहा कि इसका आशय साफ है कि अब से एक महीने में 41 मजदूर घर पर सुरक्षित होंगे। मुझे बिल्कुल नहीं पता कि कब ? मेरा कहना है कि हमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सभी मजदूर सुरक्षित घर पर पहुंचें। मुझे विश्वास है कि वे क्रिसमस पर सब घर होंगे। मैंने कभी नहीं कहा कि रेस्क्यू जल्दी हो जाएगा। मैंने कभी वादा नहीं किया कि यह आसान होगा, मैंने कभी नहीं कहा कि यह कल हो जाएगा, मैंने कभी नहीं कहा कि यह आज रात होगा।
उत्तराखंड सीएम धामी ने कहा जीपीआर मैपिंग विश्वसनीय नहीं
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन को जायजा लिया और कहा कि मुझे टनल में फंसे मजदूरों ने बामोइल पर बताया कि हमें खाना मिल रहा है, चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द यहां से बाहर आ जाएं। यहां सभी संसाधन उपलब्ध हैं। सीएम धामी ने कहा कि हम हर पहलू पर गौर कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता पहले मजदूरों को सुरक्षित निकालने की है। उन्होंने कहा कि जीपीआर मैपिंग विश्वसनीय नहीं है, इसे रेस्क्यू में जुटे अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं।
चुनौतियां बढ़ रहीं, हालात में सुधार नहीं
टनल के अंदर 41 जिदंगियों और बाहर रेस्क्यू ऑपरेशन की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। समय अपनी रफ्तार से दौड़ रहा है। सब बदल रहा है, लेकिन अगर कुछ नहीं बदल रहा है तो वो है हालात। हर सुबह उम्मीद के साथ शुरू हो रही है और शाम नाउम्मीदों में बदल रही है। इस बस के बीच अमेरिकी एक्सपर्ट के रेस्क्यू के पूरा होने में एक महीना लगने के बयान ने सभी को चौंका दिया है।
जिम्मेदार अफसर बदल रहे रोज बयान
अमेरिकी एक्सपर्ट ने बयान में कहा है कि मजदूर क्रिसमस यानी 25 दिसंबर तक अपने घर पर पहुंच पाएंगे। इस बयान से खास तौर से पीड़ितों के परिजनों की परेशानी और बढ़ी हैं। वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे जिम्मेदार अफसर रोजाना बयान बदल रहे हैं। वे अपने बयानों में मजदूरों के बाहर निकलने के लिए नई नई डेडलाइन बता रहे हैं।
अब खुदाई में अमेरिकी ऑगर मशीन का प्रयोग नहीं होगा
सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, क्योंकि रेक्सयू का समय बढ़ता जा रहा है। एक छोर से खुदाई बंद कर दी गई है। सरियों के जाल में फंसने से ऑगर मशीन पिछली रात खराब हो गई। इसके बाद अमेरिकी एक्सपर्ट अरनॉल्ड डिक्स ने कहा कि अब रेस्क्यू में ऑगर मशीन का प्रयोग नहीं होगा। मजदूरों को निकालने के लिए अब सुरंग के ऊपर से खुदाई की जाएगी। जिसके लिए मशीन को टनल के ऊपरी हिस्से में ले जाया जा रहा है।
अमेरिकी एक्सपर्ट ने कहा क्रिसमस पर सभी मजदूर अपने घर पर होंगे
अमेरिकी एक्सपर्ट अरनॉल्ड डिक्स ने मजदूरों के बाहर निकालने के लिए क्रिसमस यानी 25 दिसंबर की डेडलाइन दी है। उन्होंने मीडिया कहा कि क्रिसमस से पहले सभी मजदूर अपने घर पर पहुंच जाएंगे। सभी मजूदर सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया अगर रेस्क्यू में जल्दबाजी के प्रयास किए गए तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं, इसलिए पूरी सावधानी के साथ टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
एक्सपर्ट ने यह भी कहा
डिक्स ने कहा कि इसका आशय साफ है कि अब से एक महीने में 41 मजदूर घर पर सुरक्षित होंगे। मुझे बिल्कुल नहीं पता कि कब ? मेरा कहना है कि हमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सभी मजदूर सुरक्षित घर पर पहुंचें। मुझे विश्वास है कि वे क्रिसमस पर सब घर होंगे। मैंने कभी नहीं कहा कि रेस्क्यू जल्दी हो जाएगा। मैंने कभी वादा नहीं किया कि यह आसान होगा, मैंने कभी नहीं कहा कि यह कल हो जाएगा, मैंने कभी नहीं कहा कि यह आज रात होगा।
उत्तराखंड सीएम धामी ने कहा जीपीआर मैपिंग विश्वसनीय नहीं
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन को जायजा लिया और कहा कि मुझे टनल में फंसे मजदूरों ने बामोइल पर बताया कि हमें खाना मिल रहा है, चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम प्रार्थना कर रहे हैं कि जल्द से जल्द यहां से बाहर आ जाएं। यहां सभी संसाधन उपलब्ध हैं। सीएम धामी ने कहा कि हम हर पहलू पर गौर कर रहे हैं, लेकिन हमारी प्राथमिकता पहले मजदूरों को सुरक्षित निकालने की है। उन्होंने कहा कि जीपीआर मैपिंग विश्वसनीय नहीं है, इसे रेस्क्यू में जुटे अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं।
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