Amarnath Yatra 2024 : 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन, 45 दिन की होगी यात्रा
Marut raj | Mar 20, 2024, 20:05 IST
Amarnath Yatra 2024 Registration from 15th April journey will be for 45 days द सूत्र the sootr
देश में लोकसभा चुनाव के बीच अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन व अन्य जानकारी श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड पर अपलोड कर दी गई है।
भोपाल. बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर है। अमरनाथ यात्रा ( Amarnath Yatra 2024 ) का शेड्यूल जारी हो गया है। यात्रा 29 जून से शुरू होगी और 19 अगस्त तक चलेगी। यात्रा के लिए 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। देश में आम चुनाव होने की वजह से इस बार यात्रा दो महीने की जगह 45 दिन की ही रहेगी।
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा में ही माता पार्वती को अमर होने का रहस्य बताया था। बाबा अमरनाथ धाम के दर्शन करने हर साल श्रद्धालु दूर-दूर से यहां आते हैं। बाबा अमरनाथ की गुफा समुद्र तल से करीब 3,800 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। गुफा में मौजूद शिवलिंग की खासियत है कि ये खुद-ब-खुद बनता है। ऐसा कहा जाता है कि कहा जाता है कि चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ-साथ इसके शिवलिंग के आकार में बदलाव आता है। अमरनाथ का शिवलिंग ठोस बर्फ से निर्मित होता है। जबकि जिस गुफा में यह शिवलिंग मौजूद है, वहां बर्फ हिमकण के रूप में होती है।
बाबा अमरनाथ धाम की यात्रा दो प्रमुख रास्तों से की जाती है। इसका पहला रास्ता पहलगाम से बनता है और दूसरा सोनमर्ग बालटाल से। श्रद्धालुओं को यह रास्ता पैदल ही पार करना पड़ता है। पहलगाम से अमरनाथ की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। ये रास्ता थोड़ा आसान और सुविधाजनक है, जबकि बालटाल से अमरनाथ की दूरी तकरीबन 14 किलोमीटर है, लेकिन यह रास्ता पहले रूट की तुलना में कठिन है। रजिस्ट्रेशन व अन्य जानकारी श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड पर अपलोड कर दी गई है।
( अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन | Registration for Amarnath Yatra )
क्या है धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने अमरनाथ गुफा में ही माता पार्वती को अमर होने का रहस्य बताया था। बाबा अमरनाथ धाम के दर्शन करने हर साल श्रद्धालु दूर-दूर से यहां आते हैं। बाबा अमरनाथ की गुफा समुद्र तल से करीब 3,800 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। गुफा में मौजूद शिवलिंग की खासियत है कि ये खुद-ब-खुद बनता है। ऐसा कहा जाता है कि कहा जाता है कि चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ-साथ इसके शिवलिंग के आकार में बदलाव आता है। अमरनाथ का शिवलिंग ठोस बर्फ से निर्मित होता है। जबकि जिस गुफा में यह शिवलिंग मौजूद है, वहां बर्फ हिमकण के रूप में होती है।
ये है यात्रा का रूट
बाबा अमरनाथ धाम की यात्रा दो प्रमुख रास्तों से की जाती है। इसका पहला रास्ता पहलगाम से बनता है और दूसरा सोनमर्ग बालटाल से। श्रद्धालुओं को यह रास्ता पैदल ही पार करना पड़ता है। पहलगाम से अमरनाथ की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। ये रास्ता थोड़ा आसान और सुविधाजनक है, जबकि बालटाल से अमरनाथ की दूरी तकरीबन 14 किलोमीटर है, लेकिन यह रास्ता पहले रूट की तुलना में कठिन है। रजिस्ट्रेशन व अन्य जानकारी श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड पर अपलोड कर दी गई है।
( अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन | Registration for Amarnath Yatra )
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