2029 से केवल 30 मिनट में हो सकेगी अमरनाथ यात्रा, शुरू होगी केबल कार
Kaushiki | Jun 30, 2026, 11:45 IST
Amarnath Yatra Cable Car Project
अमरनाथ गुफा जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। साल 2029 से बालताल रूट से गुफा तक केबल कार चलाने की तैयारी है। इससे 8 घंटे का कठिन सफर सिर्फ 30 मिनट में पूरा होगा। इस बार बाबा बर्फानी का हिमलिंग करीब 5 फीट का है।
Amarnath Yatra Cable Car Project: अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले शिव भक्तों के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। अब बाबा बर्फानी के दर्शन करना काफी आसान होने वाला है। सरकार साल 2029 तक अमरनाथ गुफा के लिए केबल कार सेवा शुरू करने की तैयारी में है।
इसके बाद श्रद्धालुओं को मुश्किल रास्तों पर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। यह केबल कार प्रोजेक्ट 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक जाएगा। केंद्र सरकार ने इस बेहतरीन प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस साल 3 जुलाई से यात्रा शुरू हो रही है।
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वर्तमान में बालताल रूट से गुफा तक पैदल जाने में करीब 5 से 8 घंटे लगते हैं। यह रास्ता काफी कठिन और थका देने वाला होता है। लेकिन केबल कार शुरू होने के बाद यह दूरी सिर्फ 25 से 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। यह पूरा प्रोजेक्ट 11.6 किलोमीटर लंबा होगा। इसके लिए इसी साल नवंबर या दिसंबर में टेंडर निकाले जाएंगे।
अमरनाथ रोपवे प्रोजेक्ट पर जमीन पर काम अगले साल अप्रैल 2027 से शुरू हो जाएगा। सरकार इसे समय पर पूरा करना चाहती है। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और श्राइन बोर्ड इस पर लगातार नजर रख रहे हैं।
उनका संकल्प हर नागरिक के लिए यात्रा आसान बनाना है। इस रूट पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है ताकि पहाड़ों को नुकसान न हो। इसके लिए आधुनिक तकनीकों की मदद ली जा रही है।
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यह केबल कार प्रोजेक्ट मौजूदा पैदल रास्ते के बिल्कुल समानांतर नहीं चलेगा। इसके लिए पहाड़ों और खाइयों के ऊपर से एक नया रास्ता चुना गया है। हवाई मार्ग से सीधे जोड़े जाने के बावजूद इसके टर्मिनल पैदल रास्ते के नजदीक होंगे।
ऐसा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए किया गया है। अगर कभी कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो श्रद्धालुओं को तुरंत सुरक्षित निकाला जा सकेगा। सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत जरूरी कदम है।
ये केबल कार प्रोजेक्ट पूरी तरह से मॉडर्न ऑल वेदर तकनीक पर बेस्ड होगा। ये भारी बर्फबारी और तेज हवाओं को भी आसानी से झेल सकेगा हालांकि, सर्दियों में अंतिम स्टेशन के आगे भारी बर्फ जमा हो जाती है।
इसलिए सुरक्षा के लिए यह सेवा मुख्य रूप से गर्मियों में ही चलेगी। इस रोपवे के जरिए हर घंटे करीब 15 सौ से 2000 श्रद्धालु आ-जा सकेंगे। यानी रोज 20 हजार लोग बाबा बर्फानी के दर्शन कर पाएंगे।
इस बड़े प्रोजेक्ट को केंद्र की पर्वतमाला परियोजना के तहत बनाया जा रहा है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी एक खास सरकारी एजेंसी को मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का एस्टिमेटेड बजट लगभग 12 सौ करोड़ रुपए तय किया गया है।
ये जम्मू कश्मीर के बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है। एक केबल कार के केबिन में 6 से 8 यात्री एक साथ बैठ सकेंगे। कुल मिलाकर 30 से 50 केबिन लगातार रोटेशन में चलते रहेंगे।
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इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में कई तरह की प्राकृतिक चुनौतियां भी सामने आएंगी। सबसे बड़ी चुनौती बरारीमार्क और संगम टॉप जैसे इलाके हैं। बरारीमार्क में बहुत तेज बर्फीली हवाएं चलती हैं, जिससे पिलर खड़े करना काफी मुश्किल है।
वहीं संगम टॉप पर हमेशा एवलांच का खतरा बना रहता है। यहां पिलर को भारी ग्लेशियर के दबाव से सुरक्षित रखना होगा। साल में काम करने के लिए केवल 4 महीने ही मिल पाते हैं।
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इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही इस साल की अमरनाथ यात्रा भी शुरू होने वाली है। आगामी 3 जुलाई से श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने सोमवार को पवित्र गुफा पहुंचकर पहली पूजा संपन्न की है।
इस बार बाबा बर्फानी का आकार काफी बड़ा है। गुफा में करीब 5 फीट का हिमलिंग बनकर तैयार हुआ है। पिछले साल की तुलना में इस बार हिमलिंग का आकार बड़ा और बेहद सुंदर दिखाई दे रहा है।
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इसके बाद श्रद्धालुओं को मुश्किल रास्तों पर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। यह केबल कार प्रोजेक्ट 13 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक जाएगा। केंद्र सरकार ने इस बेहतरीन प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दे दी है। इस साल 3 जुलाई से यात्रा शुरू हो रही है।
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30 मिनट में पूरा होगा घंटों का सफर
कब से शुरू होगा इस प्रोजेक्ट का काम
उनका संकल्प हर नागरिक के लिए यात्रा आसान बनाना है। इस रूट पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है ताकि पहाड़ों को नुकसान न हो। इसके लिए आधुनिक तकनीकों की मदद ली जा रही है।
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हवा में बनेगी एक नई सीधी सड़क
ऐसा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए किया गया है। अगर कभी कोई तकनीकी दिक्कत आती है, तो श्रद्धालुओं को तुरंत सुरक्षित निकाला जा सकेगा। सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत जरूरी कदम है।
ऑल वेदर तकनीक से लैस होगी केबल कार
इसलिए सुरक्षा के लिए यह सेवा मुख्य रूप से गर्मियों में ही चलेगी। इस रोपवे के जरिए हर घंटे करीब 15 सौ से 2000 श्रद्धालु आ-जा सकेंगे। यानी रोज 20 हजार लोग बाबा बर्फानी के दर्शन कर पाएंगे।
क्या है इस प्रोजेक्ट का पूरा बजट
ये जम्मू कश्मीर के बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है। एक केबल कार के केबिन में 6 से 8 यात्री एक साथ बैठ सकेंगे। कुल मिलाकर 30 से 50 केबिन लगातार रोटेशन में चलते रहेंगे।
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बालताल रूट की सबसे बड़ी चुनौतियां
वहीं संगम टॉप पर हमेशा एवलांच का खतरा बना रहता है। यहां पिलर को भारी ग्लेशियर के दबाव से सुरक्षित रखना होगा। साल में काम करने के लिए केवल 4 महीने ही मिल पाते हैं।
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इस बार 5 फीट के अद्भुत हिमलिंग
इस बार बाबा बर्फानी का आकार काफी बड़ा है। गुफा में करीब 5 फीट का हिमलिंग बनकर तैयार हुआ है। पिछले साल की तुलना में इस बार हिमलिंग का आकार बड़ा और बेहद सुंदर दिखाई दे रहा है।
FAQ
- अमरनाथ केबल कार सेवा कब से शुरू होने की उम्मीद है?
अमरनाथ गुफा तक जाने वाली केबल कार सेवा साल 2029 से शुरू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट पर मैदानी काम अप्रैल 2027 से शुरू कर दिया जाएगा। - केबल कार शुरू होने के बाद सफर में कितना समय लगेगा?
वर्तमान में बालताल से गुफा तक जाने में 5 से 8 घंटे का समय लगता है। केबल कार शुरू होने के बाद यह सफर सिर्फ 25 से 30 मिनट में पूरा हो जाएगा। - इस साल अमरनाथ यात्रा कब से शुरू हो रही है और हिमलिंग का आकार क्या है?
इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। इस बार पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी का हिमलिंग करीब 5 फीट के बड़े आकार में बना है।
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