बिना सेट-टॉप बॉक्स के चलेंगे टीवी, सरकार लाई नई तकनीक
Anjali Dwivedi | Mar 25, 2026, 16:06 IST
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सूचना मंत्रालय ने इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर वाले टीवी पेश किए हैं, जिससे बिना सेट-टॉप बॉक्स के DD Free Dish चैनल देखे जा सकेंगे। साथ ही Google के साथ मिलकर AI स्किलिंग प्रोग्राम भी शुरू किया गया है।
अगर आप भी टीवी के साथ लटकते सेट-टॉप बॉक्स और उलझे हुए तारों के झंजाल से परेशान हैं, तो आपके लिए काम की खबर है। केंद्र सरकार ने टीवी देखने के अनुभव को पूरी तरह बदलने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
अब आपको दूरदर्शन के डीडी फ्री डिश चैनल देखने के लिए अलग से किसी डब्बे यानी सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऐसे आधुनिक टीवी सेट पेश किए हैं, जिनमें यह तकनीक पहले से ही फिट होगी।
सरकार की इस नई पहल के तहत अब टीवी (टेलीविजन) में ही इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर लगा होगा। इसका सीधा फायदा यह है कि दर्शक बिना किसी अतिरिक्त डिवाइस के सीधे अपने टीवी पर फ्री-टू-एयर चैनल देख सकेंगे। इसके साथ ही एक स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड भी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे लॉन्च करते हुए बताया कि इससे न केवल ग्राहकों का खर्च बचेगा, बल्कि कई रिमोट रखने और वायरिंग की झंझट भी खत्म हो जाएगी।
टीवी तकनीक के अलावा सरकार ने डिजिटल इंडिया को मजबूती देने के लिए एक और बड़ा दांव खेला है। सरकार ने गूगल और यूट्यूब के साथ मिलकर नेशनल एआई स्किलिंग इनिशिएटिव (National AI Skilling Initiative) शुरू किया है।
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य मीडिया और क्रिएटिव सेक्टर (Creative Sector) से जुड़े लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बारीकियां सिखाना है। इससे भारत के डिजिटल भविष्य को एक नई दिशा मिलेगी।
कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी सरकार ने अपना पिटारा खोल दिया है। WAVES OTT के हिस्से के रूप में MyWAVES प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। यह सिर्फ फिल्में या शो देखने की जगह नहीं है, बल्कि अब यूजर्स यहां खुद का कंटेंट बना और शेयर भी कर सकेंगे।
इसमें शॉर्ट वीडियो और एपिसोडिक कंटेंट जैसे कई फॉर्मेट उपलब्ध होंगे। खास बात यह है कि इसमें मल्टीलिंगुअल सपोर्ट मिलेगा, जिससे देश के कोने-कोने के कलाकार अपनी मातृभाषा में अपनी कला दिखा सकेंगे।
सरकार का लक्ष्य भारत की ऑरेंज इकोनॉमी यानी क्रिएटिव इकोनॉमी को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना है। इस एआई स्किलिंग प्रोग्राम के जरिए करीब 15 हजार लोगों को एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (VFX), गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी।
गुंजन सोनी के अनुसार, एआई तकनीक भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए नए दरवाजे खोलेगी, जिससे कहानियों को कहने का अंदाज और तकनीक दोनों ही बदल जाएंगे।
इस पूरी कवायद का सबसे बड़ा असर आम आदमी की जेब और सहूलियत पर पड़ेगा। अब टीवी खरीदना और उसे चलाना सस्ता हो जाएगा। सेट-टॉप बॉक्स की इंस्टॉलेशन कॉस्ट खत्म होगी और सिंगल रिमोट से पूरा कंट्रोल मिलेगा।
वहीं, युवाओं के लिए कंटेंट क्रिएशन और एआई के क्षेत्र में कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। सरकार का मानना है कि तकनीक और रचनात्मकता का यह मेल भारत को डिजिटल जगत का ग्लोबल लीडर बना देगा।
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अब आपको दूरदर्शन के डीडी फ्री डिश चैनल देखने के लिए अलग से किसी डब्बे यानी सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत नहीं पड़ेगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ऐसे आधुनिक टीवी सेट पेश किए हैं, जिनमें यह तकनीक पहले से ही फिट होगी।
अब बिना सेट-टॉप बॉक्स के चलेगा टीवी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे लॉन्च करते हुए बताया कि इससे न केवल ग्राहकों का खर्च बचेगा, बल्कि कई रिमोट रखने और वायरिंग की झंझट भी खत्म हो जाएगी।
Google और YouTube के साथ AI स्किलिंग की शुरुआत
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य मीडिया और क्रिएटिव सेक्टर (Creative Sector) से जुड़े लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बारीकियां सिखाना है। इससे भारत के डिजिटल भविष्य को एक नई दिशा मिलेगी।
अब आप भी बन सकेंगे कंटेंट क्रिएटर
इसमें शॉर्ट वीडियो और एपिसोडिक कंटेंट जैसे कई फॉर्मेट उपलब्ध होंगे। खास बात यह है कि इसमें मल्टीलिंगुअल सपोर्ट मिलेगा, जिससे देश के कोने-कोने के कलाकार अपनी मातृभाषा में अपनी कला दिखा सकेंगे।
ऑरेंज इकोनॉमी और 15 हजार युवाओं को ट्रेनिंग
गुंजन सोनी के अनुसार, एआई तकनीक भारत की क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए नए दरवाजे खोलेगी, जिससे कहानियों को कहने का अंदाज और तकनीक दोनों ही बदल जाएंगे।
आम आदमी के लिए क्या बदला?
वहीं, युवाओं के लिए कंटेंट क्रिएशन और एआई के क्षेत्र में कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। सरकार का मानना है कि तकनीक और रचनात्मकता का यह मेल भारत को डिजिटल जगत का ग्लोबल लीडर बना देगा।
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