मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट की बैठक में चंद्रयान-4 मिशन को मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) की अगुवाई में बुधवार यानी आज 18 सितंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें चंद्रयान-4 मिशन ( Chandrayaan 4 Missions ) को भी मंजूरी दी गई है। इस मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष ( indian space ) यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों को विकसित करने की योजना है। चंद्रयान-4 अभियान के तहत चंद्रमा की चट्टानों ( moon rocks ) और मिट्टी को भी पृथ्वी ( Earth ) पर लाया जाएगा, ताकि उसका अध्ययन ( Study ) किया जा सके। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ( Union Minister Ashwini Vaishnav ) ने बताया कि कैबिनेट ने शुक्र ग्रह की कक्षा संबंधी अभियान, गगनयान और चंद्रयान-4 अभियान के विस्तार को मंजूरी दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण यान को मंजूरी दी है।
अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने का टारगेट
बताया जा रहा है कि चंद्रयान-4 मिशन द्वारा साल 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों ( Indian astronauts ) को चंद्रमा पर उतारने और उन्हें सुरक्षित धरती पर वापस लाने का टारगेट रखा जा रहा है। इस मिशन के तहत डॉकिंग/अनडॉकिंग, लैंडिंग, पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी और चंद्रमा पर से नमूना संग्रह ( sample collection ) और उसके विश्लेषण को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रमुख प्रौद्योगिकियों का विकास किया जाएगा।
मिशन 36 महीने के भीतर पूरा होगा
चंद्रयान-4 मिशन में इसरो अंतरिक्ष यान ( ISRO spacecraft ) के विकास और प्रक्षेपण के लिए जिम्मेदार होगा। उम्मीद जताई गई है कि उद्योग और शिक्षा जगत ( Industry and Academia ) की भागीदारी से यह मिशन 36 महीने के भीतर पूरा होगा। इस मिशन के तहत सभी अहम तकनीकों और प्रौद्योगिकियों ( technologies ) को स्वदेशी रूप से विकसित किए जाने की बात कही गई है।
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